31 जुलाई 2026
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खारघर में घरेलू सहायिका को बंधक बनाने का आरोप, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी ने किया रेस्क्यू का दावा

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खारघर में घरेलू सहायिका को बंधक बनाने का आरोप, संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी ने किया रेस्क्यू का दावा

सारांश

टीवी अभिनेत्री संभावना सेठ और पति अविनाश द्विवेदी ने दावा किया कि खारघर में उनकी घरेलू सहायिका की बहन को कथित तौर पर बंधक बनाया गया, पहचान पत्र छीना गया और धमकियाँ दी गईं। रेस्क्यू के दौरान महिला को चोटें आईं; बंगूर नगर थाने में शिकायत दर्ज।

मुख्य बातें

संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी ने 31 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया वीडियो जारी कर खारघर में घरेलू सहायिका को बंधक बनाए जाने का दावा किया।
पीड़िता की हाल ही में सर्जरी हुई थी; उसे 13 बिल्लियों और 5 कुत्तों की देखभाल के नाम पर रखा गया, बाद में जबरदस्ती अन्य काम करवाए गए।
कथित तौर पर महिला का पहचान पत्र ज़ब्त कर लिया गया, कपड़े छिपाए गए और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई।
रेस्क्यू के दौरान महिला के साथ मारपीट का आरोप; सामाजिक संस्था और एजेंसी के सहयोग से उसे बाहर निकाला गया।
दंपति ने खारघर पुलिस की देरी पर सवाल उठाए; बंगूर नगर पुलिस स्टेशन, मुंबई में शिकायत दर्ज कराई गई।

टीवी अभिनेत्री और कंटेंट क्रिएटर संभावना सेठ तथा उनके पति अविनाश द्विवेदी ने 31 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर दावा किया कि नवी मुंबई के खारघर इलाके में एक घरेलू सहायिका को कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था और उसे जबरदस्ती काम करने पर मजबूर किया जा रहा था। दंपति के अनुसार, उन्होंने सामाजिक संस्था और एजेंसी के सहयोग से उस महिला को वहाँ से बाहर निकलवाया।

मामला कैसे सामने आया

अविनाश द्विवेदी ने वीडियो में बताया कि उनकी घरेलू सहायिका गुड़िया अचानक रोने लगी, जिससे दंपति चिंतित हो गए। पूछने पर गुड़िया ने बताया कि उसकी बड़ी बहन खारघर के एक घर में मुसीबत में है और उसे तत्काल मदद की ज़रूरत है।

अविनाश के अनुसार, गुड़िया की बहन एक डोमेस्टिक हेल्प एजेंसी के ज़रिए उस घर में काम पर गई थी। उसे शुरुआत में केवल पालतू जानवरों — 13 बिल्लियों और 5 कुत्तों — की देखभाल का काम बताया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद खाना बनाने, सफाई करने और अन्य घरेलू कामों का भी दबाव डाला जाने लगा।

महिला की स्थिति और कथित धमकियाँ

संभावना सेठ ने बताया कि महिला की हाल ही में सर्जरी हुई थी और वह भारी काम करने की स्थिति में नहीं थी। जब उसने काम छोड़ने की इच्छा जताई तो कथित तौर पर उसे जाने नहीं दिया गया।

संभावना के दावे के अनुसार, महिला ने फोन पर रोते हुए बताया कि वह कई दिनों से ठीक से खाना नहीं खा पाई है और उसे डर लग रहा है। संभावना ने आरोप लगाया कि महिला का पहचान पत्र ले लिया गया था और उसके कपड़े तक छिपा दिए गए थे। महिला को कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी जा रही थी।

दंपति ने वीडियो में बताया कि उन्होंने फोन पर उस घर के लोगों से बात कर महिला को छोड़ने की अपील की और यह भी कहा कि पैसों का कोई विवाद हो तो उसे सुलझाया जा सकता है, लेकिन इसके बावजूद महिला को जाने नहीं दिया गया।

रेस्क्यू और मारपीट का आरोप

संभावना और अविनाश के अनुसार, अंततः एजेंसी के लोगों और एक सामाजिक संस्था से जुड़ी महिला की मदद से रेस्क्यू की कार्रवाई की गई। सोसाइटी में रहने वाली एक महिला ने आगे बढ़कर सहयोग किया। वीडियो में दावा किया गया कि बाहर निकलने के दौरान महिला के साथ मारपीट हुई और उसे चोटें आईं। महिला काफी डरी हुई थी और बार-बार मदद की गुहार लगा रही थी।

पुलिस की भूमिका पर सवाल

दंपति ने खारघर पुलिस की शुरुआती प्रतिक्रिया पर भी सवाल उठाए। संभावना ने आरोप लगाया कि मदद माँगने के बावजूद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई नहीं की, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई।

इसके बाद दंपति ने मुंबई के बंगूर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। अविनाश ने बताया कि वहाँ पुलिस अधिकारियों ने उनकी बात सुनी, मामला दर्ज किया गया और संबंधित साक्ष्य एकत्र किए गए।

जागरूकता की अपील

संभावना और अविनाश ने वीडियो में कहा, 'इस मामले को सामने लाने का हमारा मकसद लोगों को जागरूक करना है। ऐसी घटनाएँ किसी के भी आसपास हो सकती हैं, इसलिए लोगों को अपने आसपास होने वाली गलत चीज़ों के खिलाफ आवाज़ उठानी चाहिए।' वीडियो में गुड़िया ने भी दंपति का आभार जताते हुए कहा कि अगर उन्होंने साथ न दिया होता तो उसकी बहन की जान खतरे में पड़ सकती थी। मामले में सख्त कार्रवाई की माँग की गई है और पुलिस जाँच जारी बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन एजेंसी-आधारित नियुक्तियों में जवाबदेही आज भी लगभग शून्य है। खारघर पुलिस की कथित निष्क्रियता यह भी बताती है कि 'घरेलू विवाद' की आड़ में श्रम शोषण के मामलों को कितनी आसानी से नज़रअंदाज़ किया जाता है। जब तक घरेलू कामगारों को औपचारिक श्रम कानूनों के दायरे में नहीं लाया जाता, ऐसे मामले सेलिब्रिटी की आवाज़ के भरोसे ही सामने आते रहेंगे।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खारघर में घरेलू सहायिका को बंधक बनाने का मामला क्या है?
संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी के दावे के अनुसार, उनकी घरेलू सहायिका गुड़िया की बड़ी बहन को नवी मुंबई के खारघर इलाके में एक घर में कथित तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। उसका पहचान पत्र ज़ब्त कर लिया गया, कपड़े छिपाए गए और धमकियाँ दी गईं।
संभावना सेठ और अविनाश द्विवेदी ने क्या कार्रवाई की?
दंपति ने फोन पर उस घर के लोगों से बात की और महिला को छोड़ने की अपील की। इसके बाद एजेंसी और एक सामाजिक संस्था की मदद से रेस्क्यू करवाया गया। उन्होंने मुंबई के बंगूर नगर पुलिस स्टेशन में औपचारिक शिकायत भी दर्ज कराई।
रेस्क्यू के दौरान महिला के साथ क्या हुआ?
दंपति के दावे के अनुसार, बाहर निकलने के दौरान महिला के साथ मारपीट की गई और उसे चोटें आईं। महिला काफी डरी हुई थी और बार-बार मदद की गुहार लगा रही थी।
खारघर पुलिस ने मामले में क्या भूमिका निभाई?
संभावना सेठ ने आरोप लगाया कि खारघर पुलिस से मदद माँगने के बावजूद तुरंत कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दंपति ने मुंबई के बंगूर नगर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जहाँ पुलिस ने मामला दर्ज कर साक्ष्य एकत्र किए।
इस मामले का घरेलू कामगारों की सुरक्षा से क्या संबंध है?
यह मामला घरेलू कामगारों की सुरक्षा और एजेंसी-आधारित नियुक्तियों में जवाबदेही की कमी को उजागर करता है। भारत में घरेलू कामगारों को अब तक औपचारिक श्रम कानूनों का पूरा संरक्षण नहीं मिला है, जिससे शोषण के ऐसे मामले सामने आते रहते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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