होली का जादू: संध्या शांताराम और हाथी का अनोखा डांस
सारांश
Key Takeaways
- होली और हिंदी सिनेमा का गहरा संबंध है।
- 'अरे जा रे हट नटखट' गाना एक अद्वितीय प्रयास है।
- संध्या शांताराम ने हाथी के साथ डांस कर इसे खास बनाया।
- इस गाने ने भारतीय सिनेमा में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया।
- हाथी के साथ दोस्ती की महत्ता को समझना चाहिए।
मुंबई, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। 4 मार्च को रंगों का पर्व होली पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाएगा। होली और हिंदी सिनेमा का संबंध काफी पुराना है, क्योंकि इस त्योहार पर कई सुपरहिट गाने लिखे और फिल्माए गए हैं।
1950 के बाद हिंदी सिनेमा में होली के गानों को भक्ति के रंग में पेश किया गया, जिसमें 'होली आई रे कन्हाई' और 'डारो रे रंग डारो रे रसिया' जैसे गाने शामिल हैं। 1950 में आई फिल्म 'जोगन' में गीता दत्त ने 'डारो रे रंग डारो रे रसिया' गाया था। वहीं 1957 में रिलीज हुई फिल्म 'मदर इंडिया' में शमशाद बेगम और लता मंगेशकर ने 'होली आई रे कन्हाई' गाया था। यह भारतीय सिनेमा के सबसे पुराने और क्लासिक होली गीतों में से एक है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदी सिनेमा का सबसे प्रसिद्ध होली सॉन्ग 'अरे जा रे हट नटखट' को फिल्माने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था?
साल 1959 में रिलीज हुई फिल्म 'नवरंग' आज भी सभी को याद है। फिल्म के बोल और संगीत किसी को भी नाचने पर मजबूर कर देते हैं। आज भी इस गाने, संगीत, और आशा भोंसले तथा महेंद्र कपूर की आवाज़ दिल को छू जाती है। गाना जितना सुंदर है, उसे शूट करना उतनी ही मुश्किलों से भरा था। 'अरे जा रे हट नटखट' को परफेक्ट बनाने के लिए फिल्म के निर्देशक वी. शांताराम ने अभिनेत्री संध्या शांताराम से हाथी के साथ ताल से ताल मिलाकर डांस करने के लिए कहा। उस समय तकनीकी दृष्टि से भी अभिनेत्री और हाथी को एक साथ फिल्माना बहुत मुश्किल था क्योंकि शूटिंग इनडोर हो रही थी।
अभिनेत्री संध्या शांताराम ने हाथी के साथ डांस करने के लिए हां कर दी, लेकिन पहले उन्होंने हाथी के साथ दोस्ती की। वे उन्हें अपने हाथ से खाना खिलाती थीं, पानी पिलाती थीं और घंटों उनसे बात करती थीं। अभिनेत्री जानती थीं कि जानवरों के साथ तालमेल बैठाने के लिए उनके साथ बॉन्डिंग बनाना आवश्यक है।
शूटिंग वाले दिन बिना किसी घबराहट के संध्या ने हाथी के साथ शूट किया। खास बात यह थी कि उस गाने में कोई मेल लीड नहीं था। महिला और पुरुष दोनों का किरदार संध्या ने ही निभाया था। आपको याद होगा कि संध्या आधी महिला और आधी पुरुष के रूप में लिरिक्स के साथ अपने किरदार को बखूबी निभाते हुए शानदार क्लासिकल डांस किया था। एक ही मंच पर दो किरदार निभाकर और हाथी के साथ डांस करके अभिनेत्री ने फिल्म और गाने दोनों को यादगार बना दिया। आज भी होली 'नवरंग' के इस गाने के बिना अधूरी लगती है।