'लुटेरी दुल्हन' में सान्विका का ग्रे शेड वाला किरदार: 'पंचायत' की रिंकी से माया तक का सफर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री सान्विका ने वेब सीरीज 'पंचायत' में रिंकी का मासूम और सरल किरदार निभाकर दर्शकों के दिलों में जगह बनाई थी। अब वह आगामी वेब सीरीज 'लुटेरी दुल्हन' में एक बिल्कुल अलग रूप में नज़र आने वाली हैं — माया नाम की एक शातिर ठग के रूप में, जो रईस युवकों को प्रेम के जाल में फँसाकर शादी करती है और फिर नकदी व गहने लेकर फरार हो जाती है। 22 मई को मुंबई में हुई एक विशेष बातचीत में सान्विका ने इस किरदार को चुनने के पीछे की अपनी सोच खुलकर साझा की।
किरदार चुनने की वजह
सान्विका ने बताया कि जब उन्होंने पहली बार इस शो का सारांश सुना, तभी वे इस किरदार को लेकर उत्साहित हो उठी थीं। उन्होंने कहा, 'शुरुआत में तो मैं खुद सोच में पड़ गई थी कि क्या मैं पर्दे पर ऐसी शातिर ठग का किरदार निभा पाऊंगी, लेकिन मुझे खुशी है कि मेकर्स ने मुझ पर पूरा भरोसा किया।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे हर प्रोजेक्ट को चुनते वक्त अपनी अंतरात्मा की आवाज़ पर भरोसा करती हैं।
जोखिम नहीं, अवसर
जब उनसे पूछा गया कि 'पंचायत' में मासूम रिंकी के बाद माया जैसा ग्रे किरदार चुनना क्या जोखिम था, तो सान्विका ने साफ कहा, 'मैं इसे जोखिम बिल्कुल भी नहीं मानती।' उनके अनुसार, एक कलाकार के रूप में अभिनय की विविधता दिखाने के ऐसे मौके बहुत कम मिलते हैं, और यह किरदार उनके पिछले सभी किरदारों से सर्वथा भिन्न है।
सीरीज की खासियत
'लुटेरी दुल्हन' की एक विशेषता यह है कि यह क्राइम शो होने के बावजूद हल्की-फुल्की और मनोरंजक है। सान्विका ने बताया कि जहाँ अधिकांश क्राइम सीरीज गंभीर और तनावपूर्ण होती हैं, वहीं यह सीरीज दर्शकों को एक अलग अनुभव देगी। इसके अलावा, इस सीरीज में एक अनोखा ट्विस्ट यह है कि अपराधी भी एक महिला है और उसका पीछा करने वाली पुलिस अधिकारी भी महिला — जो इसे भारतीय क्राइम शोज की परंपरागत छवि से अलग करता है।
महिला केंद्रित कहानी का महत्व
सान्विका ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय सिनेमा और वेब सीरीज में आमतौर पर पुरुष अपराधियों और पुरुष पुलिस अधिकारियों के बीच की कशमकश दिखाई जाती है। इस सीरीज में महिला किरदारों को केंद्र में रखना कहानी में नयापन और ताज़गी लाता है।
ओटीटी पर बदलता दर्शकों का स्वाद
ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर महिला प्रधान थ्रिलर की बढ़ती माँग पर बात करते हुए सान्विका ने कहा, 'आज का सिनेमा पूरी तरह बदल चुका है। दर्शकों के लिए अब पर्दे पर दिखने वाले ग्लैमर से कहीं ज्यादा कहानी की गहराई मायने रखती है। अगर कहानी में दम है, तो वह दर्शकों को जरूर बांधे रखेगी।' यह बदलाव ओटीटी के उस व्यापक रुझान का हिस्सा है, जिसमें जटिल और यथार्थवादी महिला किरदारों को तेज़ी से तरजीह मिल रही है।