शालीन भनोट बोले — 'इंस्पेक्टर अविनाश' में दिखेगी 80-90 के दशक की खतरनाक पुलिसिंग की असली तस्वीर
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता शालीन भनोट इन दिनों अपनी आगामी वेब सीरीज 'इंस्पेक्टर अविनाश' को लेकर चर्चा में हैं। यह सीरीज 1980 और 1990 के दशक के उत्तर प्रदेश की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें उस युग के अपराध, गैंगवार और पुलिस की जटिल चुनौतियों को परदे पर उतारा गया है। शालीन ने हाल ही में एक विशेष बातचीत में उस दौर की कानून-व्यवस्था और आज के हालात की तुलना करते हुए खुलकर अपने विचार साझा किए।
80-90 के दशक की पुलिसिंग — एक कठिन दौर
शालीन भनोट ने कहा, 'अगर कोई 80 और 90 के दशक में होने वाले अपराधों को ध्यान से देखे, तो समझ सकता है कि उस समय पुलिस बल को कितनी मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। उस दौर में अपराध ज्यादा खुले तौर पर होते थे और अपराधियों के अंदर कानून का डर भी कम दिखाई देता था। आज के समय में कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में मजबूत हुई है।' अभिनेता के अनुसार, उस युग में पुलिस अधिकारियों के पास आधुनिक तकनीक, निगरानी प्रणाली या पर्याप्त संसाधन नहीं थे — फिर भी उन्हें सक्रिय अपराधी गिरोहों से लोहा लेना पड़ता था।
'इंस्पेक्टर अविनाश' — सिर्फ मनोरंजन नहीं, एक दस्तावेज़
सीरीज के बारे में बात करते हुए शालीन ने कहा, 'यह सिर्फ एक मनोरंजन करने वाली कहानी नहीं है, बल्कि यह उस दौर की पुलिसिंग की सच्चाई को भी सामने लाती है। आज के दर्शक जब पुराने समय को देखते हैं, तो उन्हें लगता है कि उस दौर में पुलिस का काम शायद आसान रहा होगा। लेकिन असलियत इससे बिल्कुल अलग है।' उन्होंने जोर देकर कहा कि उस समय अपराध अधिक खतरनाक और हालात काफी अव्यवस्थित हुआ करते थे।
महिलाओं की सुरक्षा और समाज में बदलाव
शालीन भनोट ने खासतौर पर महिलाओं की सुरक्षा का जिक्र किया। उनके अनुसार, आज महिलाएं पहले से कहीं अधिक आत्मविश्वास के साथ घर से बाहर निकल पाती हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव आया है और कई जगहों पर अपराध के मामलों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिली है। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब महिला सुरक्षा राष्ट्रीय विमर्श का एक अहम हिस्सा बनी हुई है।
पुलिस के संघर्ष को श्रद्धांजलि
अभिनेता ने कहा, 'लोग आज जिस सुरक्षित माहौल में रह रहे हैं, उसके पीछे पुलिस और सुरक्षा बलों की कई सालों की मेहनत और संघर्ष छिपा हुआ है। उस दौर में पुलिस अधिकारियों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर काम करना पड़ता था। अपराधियों के गिरोह सक्रिय रहते थे और कई बार पुलिस और अपराधियों के बीच सीधे टकराव की स्थिति बन जाती थी।' 'इंस्पेक्टर अविनाश' में शालीन भनोट बलजीत नाम के एक पंजाबी सिख की भूमिका में नज़र आएंगे। सीरीज दर्शकों को उस दशक की असली तस्वीर दिखाने का प्रयास करती है, जब कानून और अपराध के बीच की लड़ाई कहीं अधिक कच्ची और खतरनाक थी।