'लकड़ी की काठी' पर शेखर कपूर भावुक: '1983 में नहीं जानते थे यह गीत पीढ़ियों का साथी बनेगा'
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्देशक शेखर कपूर ने अपनी 1983 की क्लासिक फिल्म 'मासूम' के सदाबहार गीत 'लकड़ी की काठी' को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावुक प्रतिक्रिया साझा की, जिसमें उन्होंने स्वीकार किया कि गीत बनाते वक्त किसी को भी इसकी अमर लोकप्रियता का अंदाज़ा नहीं था। यह प्रतिक्रिया उन्होंने एक वायरल वीडियो के जवाब में दी, जिसमें एक नन्हा बच्चा गहरी नींद से जागकर इस गीत की धुन पर थिरकने लगता है।
वायरल वीडियो और शेखर कपूर की प्रतिक्रिया
शेखर कपूर ने स्वयं यह वीडियो एक्स पर पोस्ट किया। वीडियो में एक छोटा बच्चा गहरी नींद में सोया हुआ दिखता है और जैसे ही टीवी पर 'लकड़ी की काठी' बजती है, वह तत्काल जाग जाता है और खुशी से नाचने लगता है। इस मासूम दृश्य ने कपूर को स्पष्ट रूप से भावुक कर दिया।
वीडियो की टिप्पणी में उन्होंने लिखा, 'यह बहुत प्यारा है। जब हमारी टीम ने 'लकड़ी की काठी' गीत बनाया था, तब किसी ने भी यह नहीं सोचा था कि यह गीत आने वाली कई पीढ़ियों तक बच्चों और परिवारों के बीच इतना लोकप्रिय रहेगा।'
'लकड़ी की काठी' की विरासत
यह गीत 1983 में रिलीज़ फिल्म 'मासूम' का हिस्सा है, जिसे बाल कलाकारों उर्मिला मातोंडकर, आराधना और जुगल हंसराज पर फिल्माया गया था। इसे गौरी बापट, गुरप्रीत कौर और वनिता मिश्रा ने गाया था। चार दशक से भी अधिक समय बाद, यह गीत स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों से लेकर बच्चों की घरेलू प्रस्तुतियों तक हर जगह गूँजता है — यह हिंदी सिनेमा के उन विरले गीतों में से एक है जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी अपनी ताज़गी बरकरार रखते हैं।
फिल्म 'मासूम' में शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, सईद जाफरी, तनुजा और सुप्रिया पाठक जैसे दिग्गज कलाकारों ने प्रमुख भूमिकाएँ निभाई थीं। शेखर कपूर के निर्देशन में बनी यह फिल्म आज भी भारतीय पारिवारिक सिनेमा की बेहतरीन कृतियों में गिनी जाती है।
'मासूम: द नेक्स्ट जेनरेशन' की तैयारी
यह भावुक क्षण ऐसे समय में आया है जब शेखर कपूर अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म 'मासूम: द नेक्स्ट जेनरेशन' की तैयारियों में व्यस्त हैं। इस सीक्वल में मूल फिल्म के सितारे नसीरुद्दीन शाह और शबाना आजमी एक बार फिर नज़र आएंगे। इनके साथ मनोज बाजपेयी, नित्या मेनन और कावेरी कपूर मुख्य भूमिकाओं में होंगे।
गौरतलब है कि मूल 'मासूम' के चार दशक बाद इसका सीक्वल लाना अपने आप में एक साहसिक कदम है — और 'लकड़ी की काठी' जैसे गीत की निरंतर लोकप्रियता यह साबित करती है कि उस फिल्म की भावनात्मक गहराई आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।