स्मृति ईरानी का महिलाओं को संदेश: 'खुद को उसी रूप में स्वीकारो, जैसी हो'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री और राजनेता स्मृति ईरानी ने 8 जुलाई 2026 को महिलाओं के लिए एक भावपूर्ण और प्रेरणादायक संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने नारीत्व, आत्मस्वीकृति और खुद की पहचान बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे दुनिया की उम्मीदों पर खरा उतरने की होड़ में खुद को न खोएँ।
गीत 'वोइला' से जोड़ा संदेश
स्मृति ने अपने संदेश में फ्रेंच गायिका बारबरा प्रावी के प्रसिद्ध गीत 'वोइला' का उल्लेख किया, जिसे बाद में एमा ने करोड़ों लोगों के दिलों तक पहुँचाया। उन्होंने लिखा, "बारबरा प्रावी ने यह गीत गाया था और एमा ने इसे लाखों लोगों के दिलों तक पहुँचाया। दो असाधारण महिलाएँ, दो अलग-अलग सफर और एक ऐसी याद, जो हमेशा ताज़ा रहेगी।" एक देवी की आधुनिक पेंटिंग के पास बैठी अपनी तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने यह विचार प्रकट किए।
आत्मसंदेह से बाहर निकलने की अपील
स्मृति ने कहा कि हम अपनी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा दुनिया की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में बिता देते हैं और इस प्रक्रिया में वह 'शांत हिम्मत' भूल जाते हैं, जो सिर्फ खुद जैसा बने रहने के लिए ज़रूरी होती है। उन्होंने महिलाओं से सीधे मुखातिब होते हुए कहा, "अगर आज आप खुद पर शक कर रहे हैं, यह सोच रहे हैं कि क्या आप पर्याप्त हैं, या किसी और की सोच के अनुसार खुद को बदलने या छोटा करने की कोशिश कर रहे हैं, तो ऐसा न करें।"
स्वयं की आवाज़ और ताकत का जश्न
स्मृति ने जोर देकर कहा कि हर महिला की आवाज़ सुने जाने लायक है और उसकी कहानी बताई जानी चाहिए। उनके अनुसार, "अपनी जगह बनाओ। सच कहो। अपने ज़ख्मों को अपनाओ। अपनी ताकत का जश्न मनाओ।" उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया को किसी की नकल नहीं चाहिए — उसे हर महिला की अपनी मौलिक पहचान की ज़रूरत है।
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' से वापसी
गौरतलब है कि स्मृति ईरानी ने हाल ही में लोकप्रिय पारिवारिक धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के रीप्राइज्ड संस्करण में तुलसी विरानी की भूमिका दोबारा निभाई है। इस शो का पहला संस्करण साल 2000 में प्रसारित हुआ था और इसमें अमर उपाध्याय, रोनित रॉय, सुधा शिवपुरी, अपरा मेहता, मंदिरा बेदी, हितेन तेजवानी, गौरी प्रधान और मौनी रॉय जैसे कलाकार थे। करीब 25 वर्ष के अंतराल के बाद इसका नया संस्करण अगस्त 2025 में प्रसारित हुआ।
आगे की राह
स्मृति ईरानी का यह संदेश ऐसे समय में आया है जब महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य और आत्मसम्मान को लेकर सामाजिक चर्चा तेज़ हो रही है। उनके इस संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक सराहना मिली है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि यह प्रेरणा कई महिलाओं तक पहुँचेगी।