'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में 10 साल का लीप, स्मृति ईरानी बोलीं — 'हर परिवार को तुलसी जैसी शख्सियत की ज़रूरत'
सारांश
मुख्य बातें
टीवी की सबसे चर्चित धारावाहिकों में शुमार 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' एक बार फिर दर्शकों के बीच वापसी कर रहा है — इस बार कहानी में 10 साल के बड़े लीप के साथ। 3 जुलाई 2026 को मुंबई में इस नए अध्याय की चर्चा के दौरान, शो में तुलसी का प्रतिष्ठित किरदार निभाने वाली अभिनेत्री स्मृति ईरानी ने इस किरदार की सामाजिक प्रासंगिकता और अपने व्यक्तिगत अनुभवों को साझा किया। उन्होंने कहा कि तुलसी का किरदार आज भी उतना ही ज़रूरी है जितना पहले था।
तुलसी का किरदार और दर्शकों से जुड़ाव
स्मृति ईरानी ने कहा, 'अपने अभिनय करियर में मुझे कई तरह की तारीफें मिली हैं, लेकिन सबसे खास बात तब लगती है जब लोग कहते हैं कि तुलसी उन्हें अपनी माँ, दादी या नानी की याद दिलाती है। यह किसी भी कलाकार के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है, क्योंकि इसका मतलब है कि दर्शकों ने उस किरदार को अपने परिवार का हिस्सा मान लिया।' उन्होंने जोड़ा कि सालों बाद भी लोग तुलसी को उसी अपनेपन और सम्मान के साथ याद करते हैं, जो इस किरदार की सबसे बड़ी सफलता है।
रिश्तों को जोड़ने वाली शख्सियत की ज़रूरत
ईरानी ने कहा, 'समय कितना भी बदल जाए, हर परिवार में किसी न किसी ऐसे व्यक्ति की ज़रूरत हमेशा रहती है जो रिश्तों को जोड़ने का काम करे।' उनके अनुसार, परिवार में मतभेद और परेशानियाँ आना स्वाभाविक है, लेकिन उन्हें प्यार और समझदारी से सुलझाना अधिक ज़रूरी है। तुलसी का किरदार हमेशा वही इंसान रहा जिसने लोगों की बात सुनी, उन्हें समझने की कोशिश की और परिवार को एकजुट रखने का प्रयास किया।
10 साल के लीप में क्या बदलेगा
शो में आए 10 साल के टाइम लीप को लेकर स्मृति ने कहा, 'नई कहानी में तुलसी एक ऐसे परिवार में लौटती है जो पहले से काफी बदल चुका है। समय के साथ रिश्तों में दूरियाँ बढ़ गई हैं, कई नए मतभेद पैदा हो गए हैं और परिवार के सदस्यों के बीच पहले जैसी नज़दीकियाँ नहीं रहीं।' हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी का विश्वास अब भी अटूट है — वह मानती है कि हर रिश्ते को एक और मौका मिलना चाहिए और दिल से कोशिश की जाए तो बिखरे परिवार भी फिर से एक हो सकते हैं।
किरदार की खूबी: धैर्य और संवेदनशीलता
स्मृति ईरानी ने तुलसी की विशेषता बताते हुए कहा, 'तुलसी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि वह किसी भी समस्या का सिर्फ एक ही समाधान नहीं मानती। हर पीढ़ी की अपनी सोच, अपनी परेशानियाँ और अपनी चुनौतियाँ होती हैं।' उन्होंने कहा कि तुलसी हमेशा लोगों को समझने और साथ लेकर चलने में विश्वास करती है, इसीलिए यह किरदार आज भी दर्शकों के दिलों से जुड़ा हुआ है।
नए अध्याय का मूल संदेश
ईरानी ने कहा कि तुलसी का सफर आसान नहीं रहा — इस किरदार ने कई मुश्किल दौर देखे, रिश्तों की परीक्षाएँ हुईं, लेकिन हर बार उम्मीद, विश्वास और माफी ने कहानी को आगे बढ़ाया। उन्होंने उम्मीद जताई कि शो के इस नए अध्याय में भी दर्शकों को अपने परिवार की झलक मिलेगी। नई कहानी में कई चौंकाने वाले मोड़ होंगे, लेकिन मूल संदेश वही रहेगा — परिवार, विश्वास, माफी और उम्मीद।