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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी': एकता कपूर ने 'मेरी तुलसी' कहकर स्मृति ईरानी को दी भावुक श्रद्धांजलि

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'क्योंकि सास भी कभी बहू थी': एकता कपूर ने 'मेरी तुलसी' कहकर स्मृति ईरानी को दी भावुक श्रद्धांजलि

सारांश

एकता कपूर ने स्मृति ईरानी को 'मेरी तुलसी' कहकर सोशल मीडिया पर प्यार लुटाया — यह महज एक पोस्ट नहीं, बल्कि दो दशकों की उस दोस्ती की गवाही है जो रचनात्मक मतभेदों से गुज़रकर और भी गहरी हो गई।

मुख्य बातें

एकता कपूर ने 5 जून 2026 को सोशल मीडिया पर स्मृति ईरानी को 'मेरी तुलसी' कहकर संबोधित किया।
एकता ने स्मृति की बधाई पोस्ट रीशेयर करते हुए लिखा — 'तुम्हारा साथ मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।' 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का निर्माण बालाजी टेलीफिल्म्स ने किया था; प्रीमियर जुलाई 2000 में हुआ था।
2000 के दशक के मध्य में रचनात्मक मतभेदों के चलते स्मृति ने शो छोड़ा था; गौतमी कपूर ने तुलसी की भूमिका निभाई थी।
शो का दूसरा सीजन अगस्त 2025 में लॉन्च हुआ; स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय फिर अपनी मूल भूमिकाओं में हैं।

टेलीविजन प्रोड्यूसर एकता कपूर ने 5 जून 2026 को सोशल मीडिया पर अभिनेत्री-राजनेता स्मृति ईरानी के साथ अपनी दो दशक से भी पुरानी दोस्ती की एक और मर्मस्पर्शी झलक साझा की, जब उन्होंने स्मृति को उनके मशहूर किरदार के नाम — 'तुलसी' — से संबोधित करते हुए लिखा, 'मेरी तुलसी, तुम्हारा साथ मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।' यह पोस्ट स्मृति द्वारा एकता के नए व्यावसायिक उद्यम पर दी गई बधाई के जवाब में आई।

क्या था पूरा घटनाक्रम

स्मृति ईरानी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में एकता कपूर को बधाई देते हुए लिखा, 'आप हमेशा से ही चमकती रही हैं, एकता कपूर, और आज आपने दूसरों को भी अपनी चमक बिखेरने का मौका दिया... एक और सफलता के लिए बधाई।' इसके जवाब में एकता ने उस पोस्ट को रीशेयर करते हुए दिल वाले इमोजी के साथ अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।

गौरतलब है कि एकता ने स्मृति को उनके किरदार तुलसी विरानी के नाम से बुलाया, जो उन्होंने बालाजी टेलीफिल्म्स के धारावाहिक 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में निभाया था। यह शो जुलाई 2000 में प्रीमियर हुआ था और हिंदी टेलीविजन के सबसे सफल धारावाहिकों में अपनी जगह बना चुका है।

दोस्ती की राह आसान नहीं रही

रिपोर्टों के अनुसार, इन दोनों के बीच हमेशा से मधुर संबंध नहीं रहे। 2000 के दशक के मध्य में 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के सुनहरे दौर में रचनात्मक मतभेदों के कारण स्मृति ईरानी ने कुछ समय के लिए शो छोड़ दिया था। उस दौरान अभिनेत्री गौतमी कपूर को तुलसी विरानी की भूमिका सौंपी गई थी।

यह ऐसे समय में आया है जब दोनों ने वर्षों में एक-दूसरे के प्रति सार्वजनिक रूप से सम्मान और प्रशंसा व्यक्त करते हुए अपनी दोस्ती को मजबूत किया है। एकता के 50वें जन्मदिन पर स्मृति ने उनके भारतीय टेलीविजन में योगदान और दशकों पुरानी दोस्ती का जश्न मनाते हुए एक भावुक नोट लिखा था।

'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का दूसरा सीजन

यह पोस्ट ऐसे समय में आई है जब धारावाहिक का दूसरा सीजन अगस्त 2025 में शुरू हो चुका है — पहले सीजन के प्रीमियर के 25 साल बाद। स्मृति ईरानी एक बार फिर तुलसी विरानी का किरदार निभा रही हैं, जबकि अमर उपाध्याय फिर से मिहिर की भूमिका में नजर आ रहे हैं।

यह शो भारतीय टेलीविजन इतिहास में एक मील का पत्थर माना जाता है और तुलसी विरानी का किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में जीवित है।

आगे क्या

दोनों हस्तियों की यह सार्वजनिक अभिव्यक्ति न केवल उनकी व्यक्तिगत मित्रता को दर्शाती है, बल्कि 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन के प्रति दर्शकों की रुचि को भी नए सिरे से जगाने का काम कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके पीछे एक जटिल रिश्ते की परतें हैं — रचनात्मक टकराव, अस्थायी अलगाव और फिर सार्वजनिक पुनर्मिलन। दिलचस्प यह है कि स्मृति आज एक राजनेता हैं और एकता भारतीय मनोरंजन उद्योग की सबसे प्रभावशाली निर्माताओं में से एक — दोनों के लिए यह 'नॉस्टेल्जिया ब्रांडिंग' का काम भी करती है। 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन के लॉन्च के संदर्भ में यह पोस्ट महज़ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि एक सुविचारित सांस्कृतिक संकेत भी है।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एकता कपूर ने स्मृति ईरानी को 'मेरी तुलसी' क्यों कहा?
एकता कपूर ने स्मृति ईरानी को उनके मशहूर टेलीविजन किरदार 'तुलसी विरानी' के नाम से संबोधित किया, जो स्मृति ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में निभाया था। यह किरदार भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रिय किरदारों में से एक माना जाता है।
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' कब शुरू हुआ था और इसका दूसरा सीजन कब आया?
यह धारावाहिक जुलाई 2000 में बालाजी टेलीफिल्म्स के बैनर तले प्रीमियर हुआ था। पहले सीजन के 25 साल बाद अगस्त 2025 में इसका दूसरा सीजन शुरू हुआ, जिसमें स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय फिर से अपनी मूल भूमिकाओं में हैं।
क्या एकता कपूर और स्मृति ईरानी के बीच कभी मतभेद हुए थे?
रिपोर्टों के अनुसार, 2000 के दशक के मध्य में रचनात्मक मतभेदों के कारण स्मृति ईरानी ने कुछ समय के लिए शो छोड़ दिया था और उनकी जगह अभिनेत्री गौतमी कपूर को तुलसी की भूमिका दी गई थी। बाद में दोनों के बीच संबंध सामान्य हो गए।
स्मृति ईरानी ने एकता कपूर को किस मौके पर बधाई दी?
स्मृति ईरानी ने एकता कपूर के नए व्यावसायिक उद्यम पर बधाई देते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि एकता हमेशा से चमकती रही हैं और उन्होंने दूसरों को भी अपनी चमक बिखेरने का मौका दिया। इसी पोस्ट को एकता ने रीशेयर करते हुए जवाब दिया।
एकता कपूर और स्मृति ईरानी की दोस्ती कितनी पुरानी है?
दोनों की दोस्ती दो दशकों से भी अधिक पुरानी है, जो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दौर से चली आ रही है। एकता के 50वें जन्मदिन पर भी स्मृति ने भावुक नोट लिखकर इस दोस्ती का सार्वजनिक जश्न मनाया था।
राष्ट्र प्रेस
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