'मेरी तुलसी' — एकता कपूर ने स्मृति ईरानी को किया भावुक संबोधन, 20 साल पुरानी दोस्ती फिर चर्चा में
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन निर्माता एकता कपूर ने अपनी करीबी दोस्त और अभिनेत्री-राजनेता स्मृति ईरानी को सोशल मीडिया पर 'मेरी तुलसी' कहकर संबोधित किया और उनके नए व्यवसाय पर बधाई का जवाब देते हुए लिखा कि स्मृति का साथ उनके लिए गर्व की बात है। 5 जून को की गई यह पोस्ट दोनों की दो दशक से भी पुरानी दोस्ती की एक और झलक बनकर सामने आई।
क्या हुआ — मुख्य घटनाक्रम
स्मृति ईरानी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एकता कपूर के नए व्यवसाय को लेकर एक बधाई पोस्ट साझा की, जिसमें उन्होंने लिखा, 'आप हमेशा से ही चमकती रही हैं, एकता कपूर, और आज आपने दूसरों को भी अपनी चमक बिखेरने का मौका दिया... एक और सफलता के लिए बधाई।'
एकता ने इस पोस्ट को रीशेयर करते हुए जवाब दिया, 'मेरी तुलसी, तुम्हारा साथ मेरे लिए बहुत गर्व की बात है।' साथ में दिल वाले इमोजी भी जोड़े। उल्लेखनीय है कि 'तुलसी' वह किरदार है जो स्मृति ने एकता की ही निर्मित सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में निभाया था।
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' — एक ऐतिहासिक जुड़ाव
बालाजी टेलीफिल्म्स निर्मित यह धारावाहिक जुलाई 2000 में पहली बार प्रसारित हुआ था और हिंदी टेलीविजन के सबसे सफल शोज़ में शुमार हो गया। स्मृति द्वारा निभाया गया तुलसी विरानी का किरदार भारतीय दर्शकों के दिलों में घर कर गया और उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
गौरतलब है कि 2000 के दशक के मध्य में रचनात्मक मतभेदों के चलते स्मृति ने कुछ समय के लिए शो छोड़ दिया था, और उस दौरान अभिनेत्री गौतमी कपूर को तुलसी विरानी की भूमिका सौंपी गई थी। यह दोनों के रिश्ते का एक उतार-चढ़ाव भरा दौर था।
पहले सीजन के 25 साल बाद, शो का दूसरा सीजन अगस्त 2025 में शुरू हुआ, जिसमें स्मृति ईरानी एक बार फिर तुलसी की भूमिका में लौटीं और अमर उपाध्याय मिहिर के किरदार में नज़र आए।
दशकों में बनी दोस्ती
पिछले कुछ वर्षों में एकता और स्मृति ने सोशल मीडिया पर बार-बार एक-दूसरे के प्रति प्यार और सम्मान जताया है। एकता के 50वें जन्मदिन पर स्मृति ने एक भावुक पोस्ट लिखकर एकता के भारतीय टेलीविजन में योगदान और उनकी दशकों पुरानी दोस्ती का जश्न मनाया था।
यह रिश्ता इसलिए भी दिलचस्प है क्योंकि दोनों ने एक-दूसरे के करियर को आकार दिया — एकता ने स्मृति को वह किरदार दिया जो उनकी पहचान बना, और स्मृति की लोकप्रियता ने शो को नई ऊँचाइयाँ दीं।
आगे क्या
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन के साथ एकता और स्मृति का यह जुड़ाव एक बार फिर दर्शकों के सामने है। यह देखना दिलचस्प होगा कि नया सीजन पुराने शो की विरासत को किस तरह आगे ले जाता है।