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स्मृति ईरानी की सादगी की कायल रावी गुप्ता: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीजन 2 में साथ काम करना यादगार अनुभव

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स्मृति ईरानी की सादगी की कायल रावी गुप्ता: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीजन 2 में साथ काम करना यादगार अनुभव

सारांश

सालों बाद 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में दामिनी बनकर लौटी रावी गुप्ता ने स्मृति ईरानी की जमकर तारीफ की — कहा कि इतनी बड़ी पहचान के बावजूद वह सेट पर सादगी और समानता से पेश आती हैं। रावी ने दामिनी के किरदार में आए बदलाव और दर्शकों की स्वीकृति पर भी खुलकर बात की।

मुख्य बातें

टीवी अभिनेत्री रावी गुप्ता ने 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन में दामिनी के किरदार के साथ वापसी की है।
रावी ने स्मृति ईरानी की सादगी और सहयोगी स्वभाव की तारीफ की — कहा कि वह सेट पर कभी स्टारडम नहीं दिखातीं।
दामिनी का किरदार पहले सीजन के मुकाबले काफी बदला है — अब वह एक परिपक्व महिला और बड़े बेटे की मां है।
रावी ने माना कि लंबे अंतराल के बाद वापसी और अन्य कलाकार से तुलना को लेकर उनके मन में डर था।
रावी ने निर्मात्री एकता कपूर का आभार जताया और दर्शकों की प्रतिक्रिया से संतुष्टि जाहिर की।

टीवी अभिनेत्री रावी गुप्ता इन दिनों स्टार प्लस के चर्चित शो 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' के दूसरे सीजन में अपनी वापसी को लेकर सुर्खियों में हैं। सालों के लंबे अंतराल के बाद इस शो से जुड़ने वाली रावी ने शो की मुख्य अभिनेत्री स्मृति ईरानी के साथ अपने अनुभव को खुलकर साझा किया है — और उनकी तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी।

सेट पर स्मृति ईरानी का व्यवहार

रावी गुप्ता ने कहा, 'स्मृति ईरानी बेहद शानदार अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक अच्छी इंसान भी हैं। उनके पास बड़ी पहचान है, लेकिन वह इसे कभी अपने व्यवहार में नहीं आने देतीं।' रावी के अनुसार, स्मृति सेट पर हर कलाकार को बराबर महत्व देती हैं और सभी के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में मदद करती हैं। रावी ने कहा कि उनसे 'हर दिन कुछ नया सीखने को मिलता है।'

रावी ने यह भी जोड़ा, 'जब भी स्मृति कोई सुझाव देती हैं तो मैं उसे बहुत ध्यान से सुनती हूं, क्योंकि उनके सुझाव हमेशा पूरे सीन और कलाकार के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए होते हैं।' यह टिप्पणी स्मृति की पेशेवर परिपक्वता और सहयोगी स्वभाव को रेखांकित करती है।

दामिनी के किरदार में बदलाव

रावी गुप्ता ने दामिनी के किरदार के सफर के बारे में बताया कि पहले सीजन में यह पात्र 'काफी गुस्से वाला' था — जिंदगी के संघर्षों और परेशानियों ने उसे भीतर से नाराज बना दिया था। लेकिन दूसरे सीजन में दामिनी एक 'समझदार महिला' और 'एक बड़े बेटे की मां' के रूप में सामने आती है।

रावी ने कहा, 'मैं खुद भी इस किरदार से जुड़ाव महसूस कर रही हूं, क्योंकि मेरी अपनी जिंदगी में भी समय के साथ काफी बदलाव आए हैं।' यह व्यक्तिगत जुड़ाव उनकी अभिनय में गहराई जोड़ता है।

वापसी की चुनौती और दर्शकों की स्वीकृति

रावी ने माना कि इतने लंबे अंतराल के बाद उसी किरदार में लौटना आसान नहीं था। उन्होंने कहा, 'मुझे डर था कि दर्शक मेरे किरदार को दोबारा स्वीकार करेंगे या नहीं।' गौरतलब है कि बीच के समय में यह किरदार किसी अन्य कलाकार ने भी निभाया था, जिससे तुलना स्वाभाविक थी।

हालांकि, रावी ने कहा कि उन्हें अपनी अभिनय क्षमता पर भरोसा था और दर्शकों की जो प्रतिक्रिया मिली है, उससे वह 'बेहद खुश' हैं। उन्होंने शो में दोबारा मौका देने के लिए निर्मात्री एकता कपूर का आभार भी जताया।

पुरानी यादों की वापसी

रावी गुप्ता ने इस शो को अपने करियर का अहम हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि 'इतने सालों बाद उसी दुनिया में लौटना पुराने दिनों में वापस जाने जैसा है।' यह शो भारतीय टेलीविजन के सबसे लंबे और सफल धारावाहिकों में से एक रहा है, और इसका दूसरा सीजन दर्शकों में फिर से उत्साह जगा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा यह है कि क्या नई पीढ़ी के दर्शक इस 'रीबूट' से उतना ही जुड़ाव महसूस कर पाएंगे जितना पुरानी पीढ़ी ने किया था। यह भी विचारणीय है कि एक ही किरदार में कई कलाकारों की अदला-बदली दर्शकों की भावनात्मक संलग्नता को कितना प्रभावित करती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रावी गुप्ता 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीजन 2 में कौन सा किरदार निभा रही हैं?
रावी गुप्ता इस शो में दामिनी का किरदार निभा रही हैं, जो पहले सीजन में भी उनका ही किरदार था। दूसरे सीजन में दामिनी एक परिपक्व महिला और बड़े बेटे की मां के रूप में सामने आई है।
रावी गुप्ता ने स्मृति ईरानी के बारे में क्या कहा?
रावी गुप्ता ने कहा कि स्मृति ईरानी बेहद बड़ी पहचान होने के बावजूद सेट पर कभी अपना स्टारडम नहीं दिखातीं और सभी कलाकारों को बराबर महत्व देती हैं। उन्होंने स्मृति को एक शानदार अभिनेत्री और अच्छी इंसान बताया।
क्या रावी गुप्ता को वापसी में कोई चुनौती आई?
रावी ने माना कि लंबे अंतराल के बाद उसी किरदार में लौटना आसान नहीं था और उन्हें डर था कि दर्शक उन्हें स्वीकार करेंगे या नहीं। बीच में किसी अन्य कलाकार द्वारा किरदार निभाए जाने के कारण तुलना का भी सामना करना पड़ा।
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' सीजन 2 के निर्माता कौन हैं?
इस शो की निर्मात्री एकता कपूर हैं, जिनका रावी गुप्ता ने दोबारा मौका देने के लिए आभार जताया है।
दामिनी का किरदार पहले सीजन से कितना बदला है?
पहले सीजन में दामिनी एक गुस्सैल और संघर्षशील महिला थी, जबकि दूसरे सीजन में वह एक समझदार, परिपक्व महिला और बड़े बेटे की मां बन चुकी है। रावी के अनुसार, जिंदगी के अनुभवों ने इस किरदार को काफी बदल दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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