20 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुभाष घई ने बताया: 'जो बात CM मोदी ने 2009 में कही, वो किसी मुख्यमंत्री ने नहीं कही'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुभाष घई ने बताया: 'जो बात CM मोदी ने 2009 में कही, वो किसी मुख्यमंत्री ने नहीं कही'

सारांश

2009 में जब सुभाष घई गुजरात पहुंचे और CM मोदी मुंबई में थे, तब भी मोदी ने उन्हें अगली सुबह घर पर नाश्ते पर बुलाया, खुद का फोन नंबर दिया और 'व्हिसलिंग वुड्स' के लिए जमीन चुनने का अधिकार दिया। घई कहते हैं — ऐसी बात किसी मुख्यमंत्री ने नहीं कही।

मुख्य बातें

फिल्मकार सुभाष घई ने 2009 में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी से 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के विस्तार को लेकर मुलाकात की थी।
मोदी के मुंबई में होने के बावजूद उन्होंने घई को अगली सुबह नाश्ते पर घर बुलाया।
मोदी ने घई को बड़ोदा तक के हाईवे पर मनपसंद जमीन चुनने का अधिकार दिया और सीधे फोन करने का न्योता दिया।
घई के अनुसार, मोदी ने भारतीय सांस्कृतिक शिक्षा की दृष्टि को व्यक्तिगत रूप से समझा — जो किसी अन्य मुख्यमंत्री ने नहीं किया।
यह वीडियो एक्स पर 'मोदी स्टोरी' अकाउंट से साझा किया गया और व्यापक चर्चा में आया।

बॉलीवुड के मशहूर फिल्मकार सुभाष घई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक बेहद व्यक्तिगत और यादगार किस्सा सार्वजनिक किया है। यह किस्सा 2009 का है, जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और घई अपने फिल्म एवं मीडिया शिक्षा संस्थान 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के विस्तार के सिलसिले में उनसे मिलने गए थे। इस मुलाकात ने घई पर इतनी गहरी छाप छोड़ी कि वह आज भी उसे अपने करियर के सबसे प्रभावशाली अनुभवों में गिनते हैं।

गुजरात पहुंचे तो मुख्यमंत्री मुंबई में थे

सुभाष घई के अनुसार, जब वह 2009 में अहमदाबाद पहुंचे और मुख्यमंत्री के सचिवालय गए, तो पता चला कि नरेंद्र मोदी उस दिन मुंबई में हैं। सचिव ने तुरंत मुख्यमंत्री को फोन कर घई के गुजरात आगमन की सूचना दी। मोदी ने बिना देरी किए कहा कि घई को संदेश दें कि वह उस रात रुक जाएं और अगली सुबह उनके घर पर नाश्ते पर आएं।

नाश्ते की मेज पर हुई अहम प्रेजेंटेशन

अगले दिन दोनों की मुलाकात नाश्ते पर हुई। घई ने मोदी को एक प्रेजेंटेशन दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि किस तरह भारतीय सांस्कृतिक विविधता — चाहे वह गुजरात की हो, बंगाल की हो या पंजाब की — को सिनेमा के माध्यम से शिक्षा में शामिल किया जा सकता है। घई का तर्क था कि जब तक शिक्षा में कलात्मक दृष्टि नहीं होगी, तब तक बच्चों का समग्र विकास संभव नहीं।

मोदी को यह विचार और प्रेजेंटेशन पसंद आई। उन्होंने घई से पूछा कि उन्हें क्या चाहिए। घई ने कहा कि उन्हें एयरपोर्ट के आसपास एक भूखंड चाहिए, जहाँ संस्थान के शिक्षक आसानी से आ-जा सकें।

मोदी ने दिया अधिकार और सीधी पहुंच का आश्वासन

घई के अनुसार, मोदी ने तुरंत कहा कि उन्होंने अपने सचिवों को निर्देश दे दिए हैं — बड़ोदा तक या हाईवे पर जहाँ भी जमीन अच्छी लगे, घई खुद चुन सकते हैं। मोदी ने कहा कि वह चाहते हैं कि अहमदाबाद में 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' अवश्य खुले।

इससे भी आगे, मोदी ने घई को सीधे अपना फोन नंबर देते हुए कहा कि अगर उनके सचिव कोई देरी करें या कोई अड़चन आए, तो घई सीधे उन्हें फोन करें। जब घई ने कहा कि ये वरिष्ठ अधिकारी हैं, तो मोदी ने जवाब दिया कि अधिकारियों के पास बहुत काम है और वे व्यस्त रहते हैं, लेकिन इस परियोजना का महत्व वह खुद समझते हैं और चाहते हैं कि यह संस्थान गुजरात में बने।

घई क्यों मानते हैं यह बात अनोखी थी

सुभाष घई ने स्पष्ट किया कि बतौर मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो बात उनसे कही, वह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण थी — क्योंकि ऐसी बात उन्हें आज तक किसी अन्य मुख्यमंत्री ने नहीं कही। उनके अनुसार यह केवल प्रशासनिक सहयोग का वादा नहीं था, बल्कि सांस्कृतिक शिक्षा की दृष्टि को व्यक्तिगत रूप से समझने और उसे आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति थी।

यह किस्सा एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 'मोदी स्टोरी' अकाउंट द्वारा साझा किए गए वीडियो के माध्यम से सामने आया, जो अब व्यापक रूप से चर्चा में है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह ध्यान देने योग्य है कि ऐसे व्यक्तिगत किस्से स्वाभाविक रूप से एकपक्षीय होते हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि संभव नहीं होती। यह वीडियो ऐसे समय में वायरल हुआ है जब मोदी की छवि-निर्माण से जुड़े कंटेंट की सोशल मीडिया पर भरमार है — जो इसके राजनीतिक संदर्भ को नज़रअंदाज़ नहीं होने देता। फिर भी, सांस्कृतिक शिक्षा और सिनेमा के संगम पर घई का विचार अपने आप में विचारोत्तेजक है, और यह सवाल उठाता है कि क्या ऐसी पहलें आज नीतिगत प्राथमिकता में हैं।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुभाष घई और नरेंद्र मोदी की 2009 वाली मुलाकात किस बारे में थी?
यह मुलाकात सुभाष घई के फिल्म एवं मीडिया शिक्षा संस्थान 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' को अहमदाबाद में स्थापित करने की संभावना पर थी। घई ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी को भारतीय संस्कृति और सिनेमा के माध्यम से शिक्षा पर एक प्रेजेंटेशन दिया था।
मोदी ने सुभाष घई को क्या असाधारण बात कही थी?
मोदी ने घई को न केवल जमीन चुनने का पूर्ण अधिकार दिया, बल्कि अपना सीधा फोन नंबर भी दिया और कहा कि अगर सचिव देरी करें तो वह सीधे उन्हें फोन करें। घई के अनुसार, इस तरह की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक दृष्टि की समझ उन्हें किसी अन्य मुख्यमंत्री से नहीं मिली।
'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' क्या है?
यह सुभाष घई द्वारा स्थापित एक प्रमुख भारतीय फिल्म, मीडिया और संचार संस्थान है। इसका मुख्य परिसर मुंबई में है और इसका उद्देश्य भारतीय सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य से मीडिया शिक्षा प्रदान करना है।
यह वीडियो कहाँ और कैसे सामने आया?
यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर 'मोदी स्टोरी' नामक अकाउंट द्वारा साझा किया गया, जिसमें सुभाष घई खुद 2009 की इस मुलाकात का विवरण दे रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से चर्चित हुआ।
घई के अनुसार मोदी की कौन-सी बात सबसे अलग थी?
घई के अनुसार, मोदी ने सांस्कृतिक शिक्षा के महत्व को व्यक्तिगत रूप से समझा और कहा कि 'इसका महत्व मैं ही समझ सकता हूँ।' यह व्यक्तिगत संवेदनशीलता और परियोजना के प्रति सक्रिय रुचि ही वह बात थी जो घई को किसी अन्य मुख्यमंत्री में नहीं मिली।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 14 घंटे पहले
  2. 14 घंटे पहले
  3. 14 घंटे पहले
  4. 14 घंटे पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले