सुभाष घई ने सुनाया 2009 का किस्सा: CM मोदी ने जो कहा, वो किसी और मुख्यमंत्री ने नहीं कहा
सारांश
मुख्य बातें
बॉलीवुड के दिग्गज फिल्मकार सुभाष घई ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक यादगार संस्मरण साझा किया है — जो 2009 की उस मुलाकात से जुड़ा है जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। घई के अनुसार, उस मुलाकात में मोदी ने जो बात कही, वह उन्होंने आज तक किसी अन्य मुख्यमंत्री से नहीं सुनी।
गुजरात दौरे की शुरुआत
सुभाष घई बताते हैं कि वह 2009 में अपनी फिल्म और शिक्षा परियोजना 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' के विस्तार के सिलसिले में गुजरात पहुँचे थे। जब वह अहमदाबाद के सचिवालय पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी उस दिन मुंबई में हैं।
सचिव ने तुरंत मुख्यमंत्री को फोन किया और घई के गुजरात आगमन की सूचना दी। मोदी का जवाब था — 'सुभाष घई को कहिए कि आज रात रुक जाएँ और कल सुबह मेरे घर पर नाश्ता करें।'
नाश्ते पर प्रेजेंटेशन और अहम बातचीत
अगले दिन सुभाष घई ने मुख्यमंत्री मोदी को 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' की प्रेजेंटेशन दी। घई ने उन्हें समझाया कि भारतीय संस्कृति — चाहे वह गुजरात की हो, बंगाल की हो या पंजाब की — को सिनेमा के माध्यम से शिक्षा से जोड़ा जा सकता है। उनका तर्क था कि कलात्मक दृष्टि के बिना बच्चों का शैक्षणिक विकास अधूरा है।
घई के अनुसार, मोदी को यह विचार और प्रेजेंटेशन बेहद पसंद आई। उन्होंने तुरंत पूछा, 'आपको क्या चाहिए?' घई ने जवाब दिया कि उन्हें एयरपोर्ट के आसपास एक ज़मीन चाहिए, जहाँ शिक्षक आसानी से आ-जा सकें।
मोदी का वह जवाब जो किसी ने नहीं दिया
घई के अनुसार, मोदी ने बिना देरी किए कहा कि उन्होंने अपने सचिवों को निर्देश दे दिए हैं — बड़ोदा तक या हाइवे पर जहाँ भी ज़मीन उपयुक्त लगे, वे चुन सकते हैं। मोदी ने स्पष्ट कहा कि वह अहमदाबाद में 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' की स्थापना देखना चाहते हैं।
इसके बाद मोदी ने जो कहा, वह घई के लिए सबसे अविस्मरणीय पल बन गया। उन्होंने कहा — 'अगर मेरे सेक्रेटरी कुछ गड़बड़ करें या थोड़ा भी देरी करें, तो आप सीधे मुझे फोन करें।' जब घई ने कहा कि ये वरिष्ठ अधिकारी हैं, तो मोदी ने जवाब दिया कि इनके पास काम बहुत है और ये व्यस्त रहते हैं, लेकिन 'आपने जो मुझे दिखाया है, उसका महत्व मैं ही समझ सकता हूँ — मैं चाहता हूँ यह यहाँ बने।'
सुभाष घई ने कहा कि मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी ने जो बात उनसे कही, वह उनके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि ऐसी बात उन्होंने आज तक किसी और मुख्यमंत्री के मुँह से नहीं सुनी।
वीडियो कहाँ से आया
यह संस्मरण सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 'मोदी स्टोरी' अकाउंट द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में सामने आया, जिसमें सुभाष घई खुद यह किस्सा सुनाते दिख रहे हैं। यह वीडियो तेज़ी से चर्चा में आ गया।
किस्से का व्यापक संदर्भ
यह घटना उस दौर की है जब मोदी गुजरात में अपने प्रशासनिक मॉडल के लिए जाने जाते थे। 'व्हिसलिंग वुड्स इंटरनेशनल' मुंबई में स्थापित भारत का एक प्रमुख फिल्म, मीडिया और कम्युनिकेशन संस्थान है, जिसकी स्थापना स्वयं सुभाष घई ने की थी। घई का यह संस्मरण दर्शाता है कि किस प्रकार सांस्कृतिक-शैक्षणिक पहलों को लेकर उस दौर में राज्य-स्तरीय नेतृत्व की प्राथमिकताएँ तय होती थीं।