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2001 में न्यूजीलैंड के गुजराती स्कूल में मोदी ने दिया था भारतीय संस्कृति का संदेश

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2001 में न्यूजीलैंड के गुजराती स्कूल में मोदी ने दिया था भारतीय संस्कृति का संदेश

सारांश

2001 में BJP नेता के रूप में न्यूजीलैंड पहुँचे नरेंद्र मोदी ने मैनुकाउ के एक गुजराती स्कूल में यह सुझाव दिया था कि बच्चों को भाषा के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और मूल्यों की भी शिक्षा मिलनी चाहिए। 40 वर्षों बाद प्रधानमंत्री के रूप में उनकी वापसी ने उस पुरानी यात्रा की यादें ताज़ा कर दीं।

मुख्य बातें

2001 में नरेंद्र मोदी BJP के वरिष्ठ नेता के रूप में न्यूजीलैंड गए थे, गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले।
उन्होंने मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन के गुजराती स्कूल का दौरा कर पाठ्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक मूल्य शामिल करने का सुझाव दिया।
भारतीय मूल के दिनेश पाहूजा ने एक्स पर इस यात्रा की यादें साझा कीं।
मोदी का मानना था कि भाषा के साथ संस्कृति की शिक्षा से प्रवासी बच्चों का मातृभूमि से जुड़ाव मजबूत होगा।
मोदी का वर्तमान न्यूजीलैंड दौरा 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑकलैंड दौरे के बीच वहाँ बसे भारतीय मूल के लोगों ने 2001 की उनकी एक पुरानी न्यूजीलैंड यात्रा को याद किया, जब उन्होंने प्रवासी भारतीय बच्चों को भारतीय संस्कृति और मूल्यों से जोड़ने पर विशेष बल दिया था। उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता के रूप में न्यूजीलैंड पहुँचे थे।

मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन के स्कूल का दौरा

भारतीय मूल के दिनेश पाहूजा ने बताया कि उस यात्रा के दौरान मोदी ने मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन द्वारा संचालित एक गुजराती स्कूल का दौरा किया था। वहाँ उन्होंने स्कूल प्रबंधन से पूछा कि क्या बच्चों को केवल गुजराती भाषा सिखाई जाती है या भारतीय संस्कृति और परंपराओं की भी शिक्षा दी जाती है।

जब उन्हें यह जानकारी मिली कि पाठ्यक्रम में मुख्य रूप से भाषा शिक्षा पर ही ध्यान दिया जाता है, तो उन्होंने सुझाव दिया कि पाठ्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों, परंपराओं और विरासत को भी शामिल किया जाए।

मोदी का सांस्कृतिक जुड़ाव का दृष्टिकोण

पाहूजा के अनुसार, मोदी का मानना था कि इससे विदेश में रहने वाले भारतीय मूल के बच्चे अपनी मातृभूमि से जुड़े रहेंगे और भारत की सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ देश में हो रहे विकास को भी बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।

पाहूजा ने उनके शब्दों को उद्धृत करते हुए कहा, 'मोदी ने सुझाव दिया था कि गुजराती स्कूल के माध्यम से बच्चों को केवल भाषा ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों की भी शिक्षा दी जाए। इससे उनका अपनी मातृभूमि से जुड़ाव मजबूत होगा और वे भारत को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।'

एक्स पर 'मोदी स्टोरी' की पोस्ट

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संचालित हैंडल 'मोदी स्टोरी' ने भी एक पोस्ट में लिखा कि मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन के गुजराती स्कूल के दौरे के दौरान मोदी ने पाठ्यक्रम में भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों और विरासत को शामिल करने का सुझाव दिया था। पोस्ट के अनुसार, इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि बच्चे केवल भाषा ही न सीखें, बल्कि अपनी भारतीय जड़ों, संस्कृति और मूल्यों से भी गर्व के साथ जुड़े रहें।

ऐतिहासिक दौरे का संदर्भ

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी का मौजूदा न्यूजीलैंड दौरा 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है, जिसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से ऐतिहासिक माना जा रहा है। इस दौरे ने प्रवासी भारतीय समुदाय में उत्साह की लहर पैदा की और पुरानी यादों को ताजा कर दिया। यह दौरा भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को नई दिशा देने के अवसर के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

आलोचक यह भी पूछते हैं कि क्या ऐसे सांस्कृतिक जुड़ाव के प्रयास व्यावहारिक द्विपक्षीय हितों — व्यापार, वीज़ा, शिक्षा — की जगह ले सकते हैं। 40 साल बाद की यह वापसी दोनों देशों को यह तय करने का अवसर देती है कि संबंध केवल भावनात्मक स्मृतियों से आगे ठोस नीतिगत धरातल पर खड़े हों।
RashtraPress
10 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

2001 में मोदी ने न्यूजीलैंड के गुजराती स्कूल में क्या सुझाव दिया था?
2001 में मोदी ने मैनुकाउ इंडियन एसोसिएशन के गुजराती स्कूल का दौरा कर सुझाव दिया था कि पाठ्यक्रम में केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपराओं और मूल्यों को भी शामिल किया जाए। उनका मानना था कि इससे प्रवासी बच्चों का अपनी मातृभूमि से जुड़ाव मजबूत होगा।
2001 में मोदी किस हैसियत से न्यूजीलैंड गए थे?
उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री बनने से पहले BJP के वरिष्ठ नेता के रूप में न्यूजीलैंड गए थे। यह उनकी प्रधानमंत्री बनने से बहुत पहले की यात्रा थी।
मोदी की 2001 की न्यूजीलैंड यात्रा को किसने याद किया?
भारतीय मूल के दिनेश पाहूजा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस यात्रा की यादें साझा कीं। एक्स हैंडल 'मोदी स्टोरी' ने भी इस घटना को अपनी पोस्ट में उल्लेख किया।
मोदी का मौजूदा न्यूजीलैंड दौरा क्यों ऐतिहासिक माना जा रहा है?
प्रधानमंत्री मोदी का वर्तमान न्यूजीलैंड दौरा 40 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली यात्रा है। इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रवासी भारतीय बच्चों को सांस्कृतिक शिक्षा देना क्यों ज़रूरी माना जाता है?
मोदी के अनुसार, भाषा के साथ-साथ सांस्कृतिक शिक्षा से प्रवासी बच्चे अपनी भारतीय जड़ों से जुड़े रहते हैं और भारत की विरासत व विकास को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। यह विदेशों में भारतीय समुदाय की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखने का एक तरीका है।
राष्ट्र प्रेस
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