सुभाष घई की खुशी: सुदर्शन पटनायक की रेत कला ने छुआ दिल
सारांश
Key Takeaways
- सुभाष घई एक प्रमुख फिल्म निर्माता हैं।
- सुदर्शन पटनायक की रेत कला अद्वितीय और प्रेरणादायक है।
- सुभाष घई ने सुदर्शन की कला की सराहना की।
- सुदर्शन ने भारतीय संस्कृति को अपनी कला में दर्शाया है।
- सुदर्शन ने कई पुरस्कार जीते हैं, जिनमें पद्म श्री शामिल है।
मुंबई, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। सुभाष घई हिंदी सिनेमा के एक प्रतिष्ठित नाम हैं। उन्होंने न केवल बेहतरीन फिल्में प्रस्तुत की हैं, बल्कि कई नए कलाकारों को भी अवसर देकर उन्हें सितारा बनाया है। घई को फिल्मों के साथ-साथ नए टैलेंट को समर्थन देने के लिए भी बहुत सराहा जाता है।
हाल ही में, पद्मश्री पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने रेत से घई की एक अद्भुत तस्वीर बनाई, जिसे उनके एक मित्र ने घई को दिखाया। इस तस्वीर को देखकर सुभाष घई अत्यंत खुश हुए और उन्होंने इसे अपने इंस्टाग्राम पर साझा कर सुदर्शन पटनायक को धन्यवाद दिया।
घई ने लिखा, "मेरे एक मित्र ने मुझे यह शानदार रेत से बनी तस्वीर भेजी है, जिसे हमारे प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने तैयार किया है। वह पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित हैं और पुरी के सबसे बेहतरीन सैंड आर्टिस्ट में से एक हैं। उन्होंने इसे बहुत खूबसूरती से और प्रेम से बनाया है।"
इस पोस्ट में सुभाष घई ने सुदर्शन पटनायक को धन्यवाद देते हुए कहा, "धन्यवाद सुदर्शन जी। आप हमेशा ऐसे ही आशीर्वादित रहें।"
सुदर्शन पटनायक पुरी समुद्र तट पर अपनी अनोखी रेत कला के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। वह कई अवसरों पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य प्रमुख हस्तियों की रेत से तस्वीरें बनाकर लोगों का मन मोह लेते हैं। उनकी कला में भारतीय संस्कृति और भावनाओं को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया जाता है।
ओडिशा के पुरी के निवासी सुदर्शन पटनायक एक विश्व प्रसिद्ध सैंड आर्टिस्ट हैं, जिन्होंने अपनी कला के माध्यम से रेत को जीवंत किया है। उन्हें 2014 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था और उन्होंने 2017 में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड और 2024 में रूस में 12 फुट की भगवान जगन्नाथ की मूर्ति के लिए गोल्ड सैंड मास्टर अवार्ड जीता है।
वह 2025 में फ्रेड डैरिंगटन सैंड मास्टर अवार्ड पाने वाले पहले भारतीय बने हैं। उन्होंने 65 से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनकी रेत कलाकृतियाँ, जैसे कि 2025 महिला क्रिकेट विश्व कप जीत पर बनाई गई कलाकृति और भगवान गणेश की मूर्ति, उनके समर्पण और कौशल का प्रमाण हैं। पटनायक अपनी कला के माध्यम से अक्सर सामाजिक संदेश, पर्यावरण जागरूकता, शांति और सांस्कृतिक आयोजनों को व्यक्त करते हैं।