सुनील लहरी ने साझा किया रामायण की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा

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सुनील लहरी ने साझा किया रामायण की शूटिंग का दिलचस्प किस्सा

सारांश

सुनील लहरी ने रामायण की शूटिंग से जुड़ा एक मजेदार किस्सा साझा किया है, जिसमें उन्होंने रिश्तेदारी के दिलचस्प पहलुओं पर प्रकाश डाला है। जानिए उन्होंने क्या कहा!

मुख्य बातें

रिश्तेदारी की पहचान समय पर निर्भर करती है।
रामायण के दिनों की यादें हमेशा खास होती हैं।
अभिनेता के अनुभवों में गहराई होती है।
एक मजेदार किस्सा हमेशा हंसाने का मौका देता है।
अच्छे समय में रिश्तेदारों की पहचान बदल जाती है।

मुंबई, 30 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। रामायण में लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले अभिनेता सुनील लहरी ने एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जो पुरानी कहावत से जुड़ा हुआ है। अभिनेता ने सोमवार को इंस्टाग्राम पर रामायण के दिनों के एक मजेदार किस्से को साझा किया।

अभिनेता वीडियो में कहते हैं, "हाल ही में मेरी बिल्डिंग में एक व्यक्ति मुझसे मिलने आया। वह दावा कर रहा था कि वह मेरा रिश्तेदार है, लेकिन सिक्योरिटी गार्ड ने उसकी जांच की और वह झूठा निकला। गार्ड ने उसे बाहर निकाल दिया। इस घटना ने मुझे रामायण की शूटिंग के पुराने दिनों की याद दिला दी।"

सुनील ने आगे बताया, "रामायण की शूटिंग के दौरान एक बार हम दिन भर धूप में शूटिंग करके बेहद थक गए थे। हमारे चेहरे पर टैनिंग हो गई थी। इसके बाद हमें दो-तीन दिन की छुट्टी मिली। मैंने दाढ़ी नहीं बनाई थी और मेरे बालों में तेल लगा हुआ था। मैं स्टूडियो के मेन गेट के पास टहल रहा था। तभी एक व्यक्ति मेरे पास आया और बोला, मुझे सुनील लहरी साहब से मिलना है। मैंने पूछा, 'आप कौन हैं?' उसने कहा, 'मैं उनका भाई हूं और भोपाल से आया हूं।'

सुनील ने मुस्कराते हुए कहा, "कमाल की बात थी, वह मुझे पहचान नहीं पाया और मेरे ही झूठे भाई बनकर आया था।"

सुनील लहरी ने इस किस्से के माध्यम से गहरी बात कही, "जब आपका समय अच्छा होता है, तो अनजान लोग भी आपके रिश्तेदार बन जाते हैं, लेकिन जब चीजें ठीक नहीं होतीं, तो आपके अपने रिश्तेदार भी आपको अनजान समझने लगते हैं।"

अंत में उन्होंने कहा, "जय श्री राम।" अभिनेता ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "हाल ही में घटित एक मजेदार किस्सा, जिसने मुझे रामायण की शूटिंग के दिनों की याद दिला दी।"

दमोह, मध्य प्रदेश के निवासी अभिनेता सुनील लहरी ने 'द नक्सलाइट' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी, लेकिन रामानंद सागर की रामायण से उन्हें अपार प्रसिद्धि मिली, जिसके लिए उन्हें बहुत सराहा गया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रिश्तेदारी और पहचान के अर्थ को चुनौती देती है। यह कहानी दर्शाती है कि कैसे कठिन समय में रिश्तेदार भी अनजान बन सकते हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामायण की शूटिंग के दौरान सुनील लहरी ने क्या अनुभव किया?
उन्होंने बताया कि कैसे एक व्यक्ति उन्हें पहचान नहीं पाया और अपने ही रिश्तेदार बनकर आ गया।
सुनील लहरी का करियर कैसे शुरू हुआ?
उन्होंने 'द नक्सलाइट' फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की थी।
रामायण ने सुनील लहरी को कितनी प्रसिद्धि दिलाई?
रामायण ने सुनील को अपार प्रसिद्धि और सराहना दिलाई।
इस किस्से में क्या सीखने को मिलता है?
इस किस्से से यह सीखने को मिलता है कि अच्छे समय में लोग रिश्तेदार बन जाते हैं, जबकि बुरे समय में अपने भी अनजान बन जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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