सुरभि चंदना बोलीं — पति करण हैं मेरी कामयाबी की असली वजह, ऑडिशन से लेकर सेलिब्रेशन तक दिया साथ
सारांश
मुख्य बातें
टेलीविजन अभिनेत्री सुरभि चंदना ने खुलासा किया है कि उनके करियर की हर सफलता के पीछे पति करण का अटूट सहयोग रहा है — ऑडिशन की लंबी कतारों से लेकर विदेश में जश्न मनाने तक। अभिनेत्री ने 8 अगस्त को एक विशेष बातचीत में यह बात साझा की।
21 साल की उम्र से शुरू हुई साझी यात्रा
सुरभि ने बताया कि वे और करण 21 साल की उम्र से एक-दूसरे के साथ हैं और अब दोनों 36 साल के हो चुके हैं। उन्होंने कहा, 'हमने साथ में सब कुछ देखा है। असल में हम साथ-साथ ही बड़े हुए हैं।' यह रिश्ता महज एक वैवाहिक बंधन नहीं, बल्कि दो व्यक्तित्वों के एक साथ परिपक्व होने की कहानी है।
एमबीए से एक्टिंग तक — हर मोड़ पर साथ
अभिनेत्री ने बताया कि इन वर्षों में दोनों ने एक-दूसरे की व्यक्तिगत और पेशेवर उपलब्धियाँ करीब से देखी हैं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे एमबीए करते हुए देखा, मैंने उन्हें लंदन में एमबीए करते हुए देखा। फिर मैं एक्ट्रेस बनी। उन्होंने मेरी पूरी एक्टिंग यात्रा को देखा है।' यह ऐसे समय में आया है जब टेलीविजन इंडस्ट्री में लंबे शूटिंग शेड्यूल के कारण पारिवारिक जीवन पर दबाव आम बात है।
ऑडिशन में घंटों इंतजार — परिवार के जश्न छोड़े
सुरभि ने बताया कि करण उन्हें ऑडिशन के लिए ले जाते थे और कार में धैर्यपूर्वक उनका इंतजार करते थे। उन्होंने कहा, 'करण मुझे ऑडिशन में ले जाया करते थे। मैं लाइन में खड़ी रहती थी और वह कार में मेरा इंतजार किया करते थे। ऐसे में करण ने अपने परिवार के कई जरूरी सेलिब्रेशन तक छोड़े हैं, क्योंकि उनके लिए मेरा ऑडिशन ज्यादा जरूरी होता था।' यह बलिदान उस दौर में था जब सुरभि अभी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही थीं।
माँ और करण — दोनों रहे कामयाबी के साथी
अभिनेत्री ने स्वीकार किया कि उनकी माँ भी ऑडिशन में साथ जाती थीं, लेकिन करण का साथ इस यात्रा में सबसे निरंतर रहा। उन्होंने कहा, 'मेरी कामयाबी का श्रेय करण को जाता है। बेशक, मेरी माँ भी मुझे ऑडिशन के लिए ले जाती थीं, लेकिन करण इस यात्रा के हर कदम पर मेरे साथ रहे हैं।'
सेलिब्रेशन का अंदाज़ — डेट नाइट और विदेश यात्राएँ
सुरभि ने बताया कि दोनों की जोड़ी सफलता का जश्न सादगी से मनाती है — बड़ी पार्टियाँ नहीं, बल्कि डेट नाइट और यात्राएँ। उन्होंने कहा, 'आज भी अगर हम कुछ बड़ा हासिल कर लेते हैं, तो हम साथ मिलकर उसे सेलिब्रेट करते हैं। यह हमेशा से छोटा सेलिब्रेशन होता है, कभी कोई बड़ी पार्टी नहीं होती। हमें घूमना-फिरना पसंद है, लेकिन उससे भी ज्यादा हमें खाना पसंद है।' दोनों मॉस्को, मालदीव और मलेशिया जैसी जगहों पर जश्न मना चुके हैं। सुरभि ने कहा, 'हमने कड़ी मेहनत की है और पैसे कमाए हैं, इसलिए हम ऐसा कर सकते हैं।'
सुरभि चंदना की यह बातचीत इस बात की याद दिलाती है कि टेलीविजन की चकाचौंध के पीछे अक्सर एक शांत, अडिग साथी की भूमिका होती है — जो कैमरे से दूर रहकर भी कहानी का अहम हिस्सा होता है।