'मां बहन' का नाम पॉपुलर कल्चर से प्रेरित: निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने बताई कहानी के पीछे की वजह
सारांश
मुख्य बातें
निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की आगामी ब्लैक क्राइम-कॉमेडी फिल्म 'मां बहन' सिनेमाघरों में रिलीज़ के लिए पूरी तरह तैयार है। त्रिवेणी ने खुलासा किया है कि फिल्म का यह चर्चित शीर्षक पॉपुलर कल्चर से प्रेरित है और यह कहानी के साथ इतनी स्वाभाविकता से जुड़ा कि इसे बदलने का कोई कारण नहीं रहा। यह फिल्म माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी अभिनीत है तथा अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स के बैनर तले बनी है।
नाम के पीछे की कहानी
त्रिवेणी ने बताया कि शुरुआत में फिल्म का शीर्षक कुछ और था। उन्होंने कहा, 'सच कहूं तो शुरुआत में फिल्म का नाम कुछ और था, लेकिन जब मैंने अपने लेखक के साथ मिलकर काम करना शुरू किया, तो पॉपुलर कल्चर में मौजूद कई चीजें एक खास तरीके से कहानी के साथ खूबसूरती से जुड़ने लगीं। तभी मैंने तय किया कि हम इन्हीं नामों को बनाए रखेंगे।' उनके अनुसार, यह नाम किसी बाहरी दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि लेखन प्रक्रिया के दौरान स्वाभाविक रूप से उभरा।
दर्शकों का ध्यान खींचने की रणनीति
निर्देशक ने यह भी स्वीकार किया कि जानी-पहचानी शब्दावली दर्शकों की जिज्ञासा जगाने में सहायक होती है। उन्होंने कहा, 'कोई भी ऐसी चीज जो दर्शकों का थोड़ा भी ध्यान खींच सके, उसकी ओर जाने में क्या हर्ज है?' गौरतलब है कि त्रिवेणी फीचर फिल्मों से पहले विज्ञापनों और शॉर्ट फिल्मों के निर्देशन में सफल करियर बना चुके हैं, जहाँ दर्शकों का ध्यान आकर्षित करना एक अनिवार्य कौशल है।
फिल्म की कहानी और किरदार
'मां बहन' एक ब्लैक क्राइम-कॉमेडी है — यह कोई पारंपरिक पारिवारिक ड्रामा नहीं, बल्कि एक अराजक और मनोरंजक मर्डर मिस्ट्री है। फिल्म की कहानी तीन महिलाओं के इर्द-गिर्द बुनी गई है — रेखा और उनकी दो बेटियाँ जया और सुषमा। माधुरी दीक्षित ने रेखा का किरदार निभाया है, जबकि तृप्ति डिमरी भी फिल्म में केंद्रीय भूमिका में हैं।
निर्माण और वितरण
फिल्म का निर्माण विक्रम मल्होत्रा और सुरेश त्रिवेणी ने अबंडेंटिया एंटरटेनमेंट और नेटफ्लिक्स के बैनर तले किया है। यह साझेदारी उल्लेखनीय है, क्योंकि फिल्म पहले सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी — जो ओटीटी-प्रथम युग में एक सोची-समझी रणनीति है। त्रिवेणी की पिछली फिल्मों — जैसे 'तुम्हारी सुलु' और 'जहाँगीर नेशनल यूनिवर्सिटी' — को दर्शकों और समीक्षकों दोनों की सराहना मिली है, जिससे 'मां बहन' से उम्मीदें स्वाभाविक रूप से ऊँची हैं।