माधुरी दीक्षित का सवाल: 'मां बहन' के प्रमोशन में बोलीं — पितृसत्तात्मक सोच आज भी महिलाओं को अलग तराजू पर तौलती है
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री माधुरी दीक्षित इन दिनों नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीमिंग अपनी ड्रामा-क्राइम-कॉमेडी फिल्म 'मां बहन' के प्रमोशन में जुटी हैं। 6 जून 2026 को मुंबई में एक बातचीत के दौरान उन्होंने समाज में महिलाओं और पुरुषों के प्रति अपनाए जाने वाले दोहरे मानदंडों पर खुलकर अपनी राय रखी। माधुरी ने कहा कि प्यार और रिश्तों के मामले में पितृसत्तात्मक सोच आज भी बदस्तूर जारी है।
दोहरे मानदंड पर माधुरी का बयान
माधुरी दीक्षित ने साफ शब्दों में कहा, "यह एक पितृसत्तात्मक समाज है। शुरू से ही ऐसा होता आया है। अगर कोई पुरुष गर्लफ्रेंड बनाता है तो उसे 'कैसानोवा' या रोमियो कहा जाता है। लेकिन अगर कोई महिला वैसा ही करती है तो उसे बुरा-भला कहा जाता है और नकारात्मक नजरिए से देखा जाता है।" यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारतीय ओटीटी सामग्री में महिला-केंद्रित कहानियों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है।
फिल्म 'मां बहन' की कहानी
निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की इस फिल्म में माधुरी रेखा नाम की एक माँ का किरदार निभा रही हैं, जो पहले से कई मुश्किलों से घिरी है। अचानक उसके किचन में एक लाश मिल जाती है, और वह अपनी दो बेटियों — जिम्मेदार जया और बेबाक सुष्मा — के साथ मिलकर इस संकट से निपटने के लिए तेज़ी से सोचती है, झूठ बोलती है और पड़ोसियों से सच छुपाती है।
माधुरी ने कहा, "इस फिल्म में हमने समाज द्वारा बनाए गए हर नियम को तोड़ा है और हमें इसमें मजा भी आया। किरदार बहुत उलझे हुए हैं, लेकिन बेहद असली हैं। आप खुद से जुड़ाव महसूस करेंगे।"
परंपराओं को चुनौती देती है फिल्म
अभिनेत्री ने जोर देकर कहा कि 'मां बहन' पुरानी परंपराओं और सामाजिक नियमों को सीधे चुनौती देती है। फिल्म में महिला किरदारों को मजबूत और परंपरागत सीमाओं को तोड़ने वाला दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि हर महिला सम्मान और गरिमा के साथ जीने की हकदार है। गौरतलब है कि हिंदी सिनेमा में हाल के वर्षों में महिला-प्रधान फिल्मों की एक नई लहर आई है, जिसमें 'मां बहन' एक और कड़ी है।
स्टारकास्ट और स्ट्रीमिंग
फिल्म में माधुरी दीक्षित के साथ तृप्ति डिमरी, धारणा दुर्गा, रवि किशन, गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह फिल्म अभी नेटफ्लिक्स पर उपलब्ध है।
माधुरी का यह खुला बयान दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, और देखना होगा कि 'मां बहन' की कहानी ओटीटी दर्शकों पर कितना गहरा असर छोड़ती है।