तृप्ति डिमरी का भावुक नोट: 'मां बहन' मेरे दिल में हमेशा खास जगह रखेगी, माधुरी दीक्षित को बताया अद्भुत कलाकार
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री तृप्ति डिमरी ने नेटफ्लिक्स की ब्लैक कॉमेडी फिल्म 'मां बहन' को अपने करियर के सबसे यादगार और विशेष अनुभवों में से एक करार दिया है। उन्होंने 5 जून को सोशल मीडिया पर एक भावुक नोट साझा करते हुए सह-कलाकारों माधुरी दीक्षित नेने और धारणा दुर्गा के साथ बिताए पलों को संजोया और फैंस से फिल्म देखने की अपील की।
दिल से लिखा भावुक संदेश
तृप्ति ने शूटिंग के दौरान के कई पर्दे के पीछे के पलों की तस्वीरें साझा कीं, जिनमें निर्देशक सुरेश त्रिवेणी और पूरी टीम के साथ बिताए मजेदार लम्हे शामिल थे। अपने कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'यह फिल्म हमेशा मेरे दिल में एक बेहद खास जगह बनाए रखेगी। हर दिन कुछ नया लेकर आता था। ढेर सारी हंसी, अचानक बने खूबसूरत पल और ऐसी यादें, जिन्होंने सेट पर बिताए हर दिन को सचमुच संजोकर रखने लायक बना दिया।'
तृप्ति ने इसे एक अभिनेता के रूप में खुद को नए सिरे से परखने और नई संभावनाएँ खोजने का बेहतरीन मौका बताया।
माधुरी दीक्षित और टीम की तारीफ
तृप्ति ने निर्देशक सुरेश त्रिवेणी की जमकर तारीफ करते हुए लिखा, 'सुरेश त्रिवेणी एक बेहतरीन निर्देशक हैं, जो पूरी स्पष्टता और विज़न के साथ काम को आगे बढ़ाते हैं। उनके साथ काम करना मेरे लिए सौभाग्य की बात थी।'
बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री माधुरी दीक्षित नेने के साथ काम करने के अनुभव के बारे में तृप्ति ने लिखा, 'माधुरी दीक्षित के साथ काम करना बहुत खुशी की बात थी, वे बेहद ग्रेसफुल, गर्मजोशी से भरी और एक बेहतरीन कलाकार हैं। उनके साथ स्क्रीन शेयर करना मेरे लिए सम्मान की बात थी।'
लेखक पूजा तोलानी की भी उन्होंने सराहना की और कहा कि वे हमेशा उनके साथ रहीं और अभिनय को बेहतर बनाने में मदद की।
को-स्टार धारणा दुर्गा से ऑफस्क्रीन प्यार
तृप्ति ने अपनी सह-कलाकार धारणा दुर्गा के बारे में दिलचस्प बात साझा की — कि ऑनस्क्रीन लड़ाई के बावजूद ऑफस्क्रीन दोनों के बीच बहुत प्यार और गर्मजोशी थी। यह फिल्म की ब्लैक कॉमेडी की भावना को ही दर्शाता है।
फिल्म की कहानी और स्ट्रीमिंग
'मां बहन' को निर्देशक सुरेश त्रिवेणी ने बनाया है और यह नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम हो रही है। फिल्म में माधुरी दीक्षित नेने, धारणा दुर्गा और रवि किशन अहम भूमिकाओं में हैं। इनके साथ गीतांजलि कुलकर्णी, अरुणोदय सिंह और शार्दुल भारद्वाज भी नज़र आते हैं।
फिल्म की कहानी रेखा नाम की एक माँ के इर्द-गिर्द घूमती है, जो पहले से ही अपनी ज़िंदगी संभाल रही होती है। अचानक उसकी रसोई में एक लाश मिलने से उसकी दुनिया पलट जाती है। अपनी दो बेटियों — जिम्मेदार जया और बिंदास सुषमा — के साथ मिलकर वह इस मुश्किल स्थिति से निकलने और पड़ोसियों से सच छिपाने की कोशिश करती है।
तृप्ति ने अंत में फैंस से कहा कि 'अब मां बहन आखिरकार आप सबकी है — उम्मीद है आप इसे उतना ही पसंद करेंगे जितना हमने इसे बनाते समय किया।' फिल्म का यह सफर परदे से परे भी उतना ही खास रहा।