वरुण धवन के पिता ने आईसीयू में सिखाया ‘फाइटबैक’ का महत्वपूर्ण पाठ
सारांश
Key Takeaways
- कठिन समय में फाइटबैक करना आवश्यक है।
- पिता का अनुशासन और समर्पण प्रेरणा का स्रोत होता है।
- बच्चों की विकासशील उम्र में ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है।
- परिवार का स्वास्थ्य मानसिक मजबूती में मदद करता है।
- इमोशनल अनुभवों से सीखना जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
मुंबई, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। वरुण धवन को बॉलीवुड का सबसे ऊर्जावान सितारा कहा जाता है, जो अपनी ऊर्जा से अपने किरदारों में जान डालने की अद्भुत क्षमता रखते हैं। हाल ही में, वरुण के लिए समय काफी कठिन रहा, क्योंकि उन्होंने अपने बीमार पिता को आईसीयू में देखा। लेकिन यह पल उनके लिए अधिक प्रेरणादायक साबित हुआ।
वरुण धवन ने अपने जीवन के सबसे कठिन समय के बारे में चर्चा की। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो अपने पिता डेविड धवन से मिले अनुभव के बारे में बता रहे हैं। वरुण ने कहा कि आईसीयू में पड़े उनके पिता ने उन्हें काम पर जाने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि फिल्म में प्रोड्यूसर का पैसा लगा था। इमोशनल होकर वरुण ने कहा, "वो पल हेल्पलेस फील कराने वाला था। उनके पैशन और काम के प्रति ईमानदारी ने मुझे अंदर से हिला दिया।"
वे आगे कहते हैं, "मेरे पिता आईसीयू में रहकर भी मुझे काम पर जाने के लिए कह रहे थे। यह सुनकर मुझे अजीब सी शक्ति मिली। उस समय मैंने सीखा कि खराब से खराब परिस्थिति में भी फाइटबैक करना कितना आवश्यक है।"
इससे पहले वरुण ने अपनी बेटी लारा की बीमारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया की वजह से उनकी बेटी को चलने-फिरने में दिक्कत होती थी, लेकिन एक चिकित्सा प्रक्रिया के बाद वह पहले से ज्यादा ठीक हो गई है। वरुण ने बताया कि इस समस्या में कूल्हा हिप सॉकेट से बाहर निकल जाता है। जब लारा डेढ़ साल की थी, तब हमें इस परेशानी का पता चला था।
वरुण ने सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने बच्चों की विकासशील उम्र में खास ध्यान दें और उनकी मूवमेंट पर भी ध्यान केंद्रित करें।