विक्रम भट्ट का खुलासा: आमिर खान 'परफेक्शनिस्ट' नहीं, बल्कि 'निरंतर बेहतरी की तलाश करने वाले कलाकार' हैं
सारांश
मुख्य बातें
फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट ने आमिर खान को लेकर एक दिलचस्प राय साझा की है — उनके अनुसार, बॉलीवुड के इस दिग्गज अभिनेता को 'मिस्टर परफेक्शनिस्ट' का टैग देना पूरी तरह सटीक नहीं है। भट्ट ने कहा कि आमिर खान दरअसल एक ऐसे कलाकार हैं जो हर पल खुद को और बेहतर बनाने की कोशिश में लगे रहते हैं — और यही सोच उन्हें बाकी सितारों से अलग करती है।
'परफेक्शनिस्ट' टैग पर विक्रम भट्ट की असहमति
विक्रम भट्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'लोगों ने आमिर खान को परफेक्शनिस्ट का टैग दे दिया है लेकिन मैं इस टैग से पूरी तरह सहमत नहीं हूँ। परफेक्शनिस्ट वह होता है, जो मान ले कि उसने सबसे बेहतरीन काम कर लिया है और अब उससे बेहतर कुछ नहीं हो सकता — लेकिन आमिर खान ऐसे नहीं हैं। वह हमेशा यह सोचते हैं कि वह और बेहतर कर सकते हैं। यही सोच उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाती है।'
भट्ट ने आगे जोड़ा कि आमिर कभी भी अपने काम से जल्दी संतुष्ट नहीं होते और लगातार सुधार की दिशा में काम करते रहते हैं — जो एक परफेक्शनिस्ट की परिभाषा से बिल्कुल उलट है।
सर्वश्रेष्ठ देने और खुद को परफेक्ट मानने में फर्क
भट्ट ने इस विषय पर और गहराई से बात करते हुए कहा, 'किसी व्यक्ति का अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करना और खुद को परफेक्ट मान लेना — दोनों अलग बातें हैं। आमिर हमेशा यह महसूस करते हैं कि अभी और मेहनत की जा सकती है। वह अपने काम को बेहतर बनाने के लिए समय और ऊर्जा लगाते हैं। तभी उनकी फिल्मों में गुणवत्ता दिखाई देती है।'
फिल्म 'गुलाम' के दौरान के मतभेद
बातचीत में विक्रम भट्ट ने फिल्म 'गुलाम' के दिनों को भी याद किया, जिसमें उन्होंने आमिर खान के साथ काम किया था। उन्होंने बताया, 'शूटिंग के दौरान हमारे बीच कई बार मतभेद भी हुए। कई बार किसी सीन को लेकर हमारी राय अलग होती थी। हालाँकि इन मतभेदों का मकसद किसी को गलत साबित करना नहीं था, बल्कि फिल्म को और बेहतर बनाना था। आमिर हर बात पर सवाल पूछते थे और अगर उन्हें लगता था कि किसी फैसले में समझौता किया जा रहा है, तो वह अपनी बात खुलकर रखते थे।'
विक्रम भट्ट की नज़र में आमिर खान का असली स्वभाव
भट्ट ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा, 'आमिर उन कलाकारों में से नहीं हैं जो सिर्फ काम पूरा करके आगे बढ़ जाएँ। अगर उन्हें लगता है कि किसी सीन को और बेहतर बनाया जा सकता है, तो वह उस पर चर्चा करते हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह पूरी तरह उनकी निजी राय है और जरूरी नहीं कि आमिर खुद भी अपने बारे में ऐसा ही सोचते हों।
इतने वर्षों की साझेदारी के बाद भट्ट का निष्कर्ष यही है कि आमिर खान एक ऐसे कलाकार हैं जो निरंतर सीखना और आगे बढ़ना चाहते हैं — और यही उनकी असली पहचान है।