सनी हिंदुजा की वेब सीरीज 'विमल खन्ना': सुरेंद्र मोहन पाठक के आइकॉनिक किरदार को पर्दे पर उतारना 'बड़ी जिम्मेदारी'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेता सनी हिंदुजा जल्द ही वेब सीरीज 'विमल खन्ना' में मुख्य भूमिका में नज़र आएंगे। यह सीरीज हिंदी साहित्य के प्रख्यात लेखक सुरेंद्र मोहन पाठक की बहुचर्चित 'विमल सीरीज' के पहले उपन्यास 'मौत का खेल' पर आधारित है। दशकों से पल्प फिक्शन के पाठकों के बीच अपार लोकप्रियता बटोर चुके इस किरदार को पहली बार स्क्रीन पर जीवंत किया जा रहा है।
एक आइकॉनिक किरदार, एक असाधारण जिम्मेदारी
सनी हिंदुजा ने बताया कि विमल खन्ना का किरदार भारतीय पल्प फिक्शन की दुनिया में पहले से ही एक 'आइकन' का दर्जा रखता है। उन्होंने कहा, 'इन उपन्यासों की फैन फॉलोइंग जबरदस्त है और पिछले कई दशकों में इनकी कई कॉपी बिक चुकी हैं। ऐसे में इतने लोकप्रिय किरदार को स्क्रीन पर उतारना एक जिम्मेदारी के साथ-साथ बेहद खास अनुभव भी रहा है।'
अभिनेता के अनुसार, सीरीज की सबसे बड़ी ताकत इसकी कहानी है — एक आम आदमी जो असाधारण परिस्थितियों में धकेल दिया जाता है। विमल वह किरदार है जो दर्द और भावनात्मक उथल-पुथल के बीच भी अपनी हिम्मत और ईमानदारी नहीं छोड़ता, और सब कुछ खोने के बाद भी पूरे सिस्टम से लोहा लेता है।
शारीरिक तैयारी और पूरी जान
यह सीरीज सनी हिंदुजा के करियर में एक अहम पड़ाव है — पहली बार वे किसी प्रोडक्शन में पूर्ण हीरो की भूमिका में हैं। इस बदलाव के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की। उन्होंने बताया, 'मैंने इस रोल के लिए शारीरिक बनावट पर काफी काम किया। जब आप इतने बड़े स्तर पर किसी मशहूर किरदार को पेश करते हैं, तो उसे स्क्रीन पर विश्वसनीय और प्रभावशाली दिखना चाहिए, जिसके लिए मैंने पूरी जान लगा दी।'
डेढ़ दशक का सफर: 'शापित' से 'एस्पिरेंट्स' तक
सनी हिंदुजा पिछले डेढ़ दशक से अभिनय जगत में सक्रिय हैं। उन्होंने 2010 में फिल्म 'शापित' से अपने करियर की शुरुआत की थी। असली पहचान उन्हें TVF की चर्चित वेब सीरीज 'एस्पिरेंट्स' से मिली, जिसमें उन्होंने 'संदीप भैया' (संदीप ओहलान) की यादगार भूमिका निभाई।
अभिनेता ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि आज वे शुक्रगुज़ार हैं कि सफलता जल्दी नहीं मिली। उनके अनुसार, उन कठिन दिनों ने उन्हें धैर्य और गहरी समझ दी — और यही अनुभव विमल के किरदार में भी झलकता है।
विमल का किरदार और अभिनेता का व्यक्तिगत जुड़ाव
सनी ने बताया कि विमल के सफर में उन्हें अपनी खुद की कई यादें और जज़्बात नज़र आए। बेबसी को बिना नाटकीयता के पर्दे पर उतारना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती रही, लेकिन इसी ने इस किरदार को उनके लिए विशेष बनाया। यह सीरीज भारतीय साहित्य और डिजिटल मनोरंजन के बीच एक नया सेतु बनाने की कोशिश है — और सनी हिंदुजा के करियर का अब तक का सबसे बड़ा दांव भी।