13 अगस्त 2026
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लोकसभा मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: NEET लीक और राम मंदिर गबन के हंगामे में पास हुए 4 अहम बिल

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लोकसभा मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित: NEET लीक और राम मंदिर गबन के हंगामे में पास हुए 4 अहम बिल

सारांश

हंगामे में डूबा मानसून सत्र 13 अगस्त को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया — बिना परंपरागत समापन भाषण के। NEET लीक और राम मंदिर गबन के शोर में सरकार ने केरलम नाम परिवर्तन और खनन संशोधन समेत 4 अहम बिल चुपचाप पास करा लिए।

मुख्य बातें

लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित; मानसून सत्र 2026 का समापन।
पूरा सत्र NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन के हंगामे की भेंट चढ़ा।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस बार पारंपरिक समापन भाषण नहीं दिया।
हंगामे के बावजूद 4 विधेयक पास — खनन संशोधन, केरलम नाम परिवर्तन, सर्वोच्च न्यायालय न्यायाधीश संख्या संशोधन, और कराधान संशोधन।
FCRA संशोधन विधेयक 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजा गया।
कुछ विधेयक विपक्ष की अनुपस्थिति में बिना बहस के पारित हुए।

लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही संसद के मानसून सत्र 2026 का समापन हो गया। पूरा सत्र NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन के मुद्दों पर विपक्ष के लगातार हंगामे की भेंट चढ़ा रहा, फिर भी सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में सफल रही।

सत्र का समापन: राष्ट्रगीत के बाद स्थगन

गुरुवार को सुबह 11 बजे 'वंदे मातरम' राष्ट्रगीत के सभी छह पद बजाए गए, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सदन में उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि इस बार अध्यक्ष बिरला ने सत्र की उत्पादकता और कामकाज का ब्यौरा देने वाला पारंपरिक समापन भाषण नहीं दिया — जो स्वयं इस सत्र की अनुत्पादकता का प्रतीक माना जा रहा है।

हंगामे की वजह: NEET लीक और राम मंदिर विवाद

विपक्षी दलों ने पूरे सत्र के दौरान दो प्रमुख मुद्दों पर सदन की कार्यवाही बाधित की। पहला, NEET पेपर लीक मामले में परीक्षा प्रणाली की विफलता और इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई। दूसरा, राम मंदिर के चढ़ावे में कथित तौर पर गबन का मुद्दा।

विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया कि सदन में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति पर सरकार ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर सरकार की चुप्पी ने विपक्ष को और आक्रामक बना दिया।

हंगामे के बावजूद पास हुए अहम विधेयक

विपक्षी व्यवधान के बीच सरकार चार प्रमुख विधेयक लोकसभा से पारित कराने में सफल रही। इनमें शामिल हैं:

खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, जो खनन क्षेत्र में नियामक बदलाव लाता है। केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, जिसके तहत केरल राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' किया जाएगा। सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, जो उच्चतम न्यायालय की पीठ की क्षमता से जुड़ा है। तथा कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक

गौरतलब है कि इनमें से कुछ विधेयक बिना किसी सार्थक बहस के पारित हुए, क्योंकि विपक्ष के सदस्यों ने चर्चा में भाग लेने से इनकार किया।

FCRA संशोधन विधेयक जेपीसी को भेजा गया

बुधवार को लोकसभा ने विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA), 2026 को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित किया। यह विधेयक विदेशी फंडिंग के नियमन से जुड़ा है और इसे JPC की समीक्षा के बाद ही अंतिम रूप दिया जाएगा।

आगे क्या होगा

मानसून सत्र के इस तरह समाप्त होने के बाद संसद का अगला सत्र शीतकालीन सत्र होगा, जो आमतौर पर नवंबर-दिसंबर में आयोजित होता है। NEET लीक और FCRA जैसे लंबित मुद्दे अगले सत्र में भी राजनीतिक केंद्र में बने रहने की संभावना है। केरलम नाम परिवर्तन विधेयक और अन्य पारित विधेयकों को अब राज्यसभा की मंजूरी और राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की आवश्यकता होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

उन्हें बिना बहस के पास होने का रास्ता दे गया। NEET लीक जैसे करोड़ों छात्रों से जुड़े मुद्दे पर सार्थक संसदीय बहस की जगह शोर ने ले ली, और सरकार ने इस शोर की आड़ में खनन से लेकर विदेशी फंडिंग तक के संवेदनशील विधेयक आगे बढ़ा दिए। समापन भाषण का न होना महज परंपरा का टूटना नहीं — यह इस बात की स्वीकृति है कि इस सत्र में दिखाने लायक उत्पादकता नहीं थी।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लोकसभा मानसून सत्र 2026 कब और क्यों स्थगित हुआ?
लोकसभा की कार्यवाही 13 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे राष्ट्रगीत के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। पूरे सत्र में NEET पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन के मुद्दों पर विपक्ष का हंगामा जारी रहा।
मानसून सत्र 2026 में कौन-कौन से विधेयक पास हुए?
इस सत्र में खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक जिससे राज्य का नाम 'केरलम' होगा, सर्वोच्च न्यायालय (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, और कराधान और अन्य विधियां (संशोधन) विधेयक पास हुए। FCRA संशोधन विधेयक 2026 को JPC के पास भेजा गया।
केरल का नाम 'केरलम' क्यों किया जा रहा है?
केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक के तहत राज्य का आधिकारिक नाम बदलकर 'केरलम' किया जाएगा, जो मलयालम भाषा में राज्य के पारंपरिक नाम के अनुरूप है। यह विधेयक लोकसभा से पास हो चुका है और अब राज्यसभा की मंजूरी जरूरी होगी।
FCRA संशोधन विधेयक 2026 को JPC के पास क्यों भेजा गया?
विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA) 2026 को बुधवार को लोकसभा ने ध्वनिमत से संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास समीक्षा के लिए भेजा। JPC की रिपोर्ट के बाद ही इसे अंतिम रूप से पारित किया जाएगा।
विपक्ष ने इस सत्र में किन मुद्दों पर हंगामा किया?
विपक्ष ने मुख्य रूप से NEET पेपर लीक, इसके विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, राम मंदिर चढ़ावे में कथित गबन, और सदन में गृह मंत्री अमित शाह की अनुपस्थिति के मुद्दों पर कार्यवाही बाधित की।
राष्ट्र प्रेस
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