क्या जुबीन गर्ग की मौत के मामले में एसआईटी ने सख्त कदम उठाए हैं?
सारांश
मुख्य बातें
गुवाहाटी, 30 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। असम के प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग के अचानक निधन ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। उनकी मौत उस समय हुई जब वे सिंगापुर में नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल में भाग लेने गए थे। स्कूबा डाइविंग के दौरान एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में उनकी जान चली गई। इस मामले की जांच अब तक कई मोड़ ले चुकी है और पुलिस ने इस पर तेजी से कार्यवाही शुरू कर दी है। असम पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) और क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने मिलकर गहन जांच शुरू की है ताकि इस घटना के पीछे की सच्चाई का पता लगाया जा सके।
जुबीन गर्ग के निधन के बाद कई प्रमुख लोग जांच के दायरे में आए हैं। मंगलवार को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस संदीपान गर्ग, जो जुबीन के रिश्तेदार भी हैं, ने सीआईडी के समक्ष बयान दिया। वे उस यॉट पर मौजूद थे जहां यह दुखद घटना हुई थी। उनका बयान पुलिस के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे मौत से पहले की घटनाओं की समझ में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, सोमवार को संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी और नॉर्थ ईस्ट फेस्टिवल की आयोजक अमृत प्रभा महंता से भी कई घंटे पूछताछ की गई। उन्हें भविष्य में भी पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा गया है।
असम सरकार ने जनता की मांग पर एसआईटी का गठन किया है ताकि मामले की पूरी तरह से जांच की जा सके। एसआईटी और सीआईडी की टीम सिंगापुर पुलिस के साथ मिलकर काम कर रही है और मामले की हर बारीकी को उजागर करने का प्रयास कर रही है।
जांच अभी भी एक नाजुक मोड़ पर है। दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आना बाकी है, जो मौत के कारणों को स्पष्ट करेगी। इसके अलावा, दो आयोजकों के खिलाफ गिरफ्तारी नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इस बीच, जांच में शामिल दस से ज्यादा लोगों को पुलिस ने आगे की पूछताछ के लिए तैयार रहने को कहा है।
जुबीन गर्ग का निधन न केवल उनके परिवार को बल्कि पूरे पूर्वोत्तर को झकझोर कर रख दिया है। उनके फैंस और संगीत प्रेमी अब न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।