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क्या 2030 तक भारत में बिकने वाले आधे से ज्यादा बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदे जाएंगे?

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क्या 2030 तक भारत में बिकने वाले आधे से ज्यादा बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदे जाएंगे?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि भारत में बॉडी लोशन की बिक्री का आधा हिस्सा 2030 तक ऑनलाइन हो जाएगा? यह रिपोर्ट उपभोक्ता व्यवहार और बाजार के रुझानों पर आधारित है, जो ऑनलाइन खरीदारी को बढ़ावा दे रहे हैं। जानें इस रिपोर्ट में क्या खास है।

मुख्य बातें

2030 तक आधे से अधिक बॉडी लोशन ऑनलाइन खरीदे जाएंगे।
मध्यम दाम वाले ब्रांडों की बढ़ती मांग।
विशेष तत्वों वाले उत्पादों की प्राथमिकता।
डिजिटल प्लेटफार्मों का बढ़ता प्रभाव।
नैतिक मूल्यों के आधार पर ब्रांड पहचान।

नई दिल्ली, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारत में बॉडी लोशन की खरीदारी का एक बड़ा हिस्सा भविष्य में ऑनलाइन होने की संभावना है। एक अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2030 तक, भारत में बिकने वाले आधे से अधिक बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीदे जाएंगे।

यह रिपोर्ट रेडसीर स्ट्रेटेजी कंसल्टेंट्स द्वारा जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि मध्यम मूल्य वाले, लेकिन गुणवत्ता में उत्कृष्ट (जिनकी कीमत लगभग 1.5 से 6 रुपये प्रति मिलीलीटर है) ब्रांड भविष्य में बाजार में महत्वपूर्ण हिस्सेदारी प्राप्त करेंगे। ऐसे ब्रांड ऑनलाइन बिक्री के अवसरों में 30 प्रतिशत से अधिक योगदान देंगे।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2025 तक, ऑनलाइन बिक्री में व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों का हिस्सा बढ़ता जा रहा है। शहरी महिलाओं द्वारा ई-कॉमर्स पर बढ़ते ब्यूटी खर्च का प्रभाव बॉडी लोशन सेगमेंट पर भी दिखाई देगा।

इसके अलावा, जो ब्रांड डिजिटल प्लेटफार्मों पर पहले से मौजूद हैं, वे ऑनलाइन बिक्री को तेजी से बढ़ा रहे हैं।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उपभोक्ता अब उन उत्पादों की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं जो विशेषज्ञों द्वारा प्रमाणित हैं और जिनका चिकित्सकीय परीक्षण किया गया है। त्वचा विशेषज्ञों की सलाह और सामग्री की स्पष्ट जानकारी देने वाले ब्रांड लोगों का विश्वास जीत रहे हैं।

अब साधारण मॉइश्चराइज़र की बजाय ऐसे बॉडी लोशन पसंद किए जा रहे हैं जिनमें विशेष तत्व जैसे विटामिन ई, शीया बटर और अन्य सक्रिय सामग्री आधारित फ़ॉर्मूलेशन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पैराबेन-फ्री, वेगन, और जानवरों पर परीक्षण नहीं किए गए उत्पाद अब केवल एक सीमित वर्ग तक नहीं, बल्कि आम बाजार का हिस्सा बनते जा रहे हैं। कुछ ब्रांड नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखकर भी अपनी पहचान बना रहे हैं।

कई कंपनियाँ अपनी विशेष खुशबू के माध्यम से भी खुद को अलग दिखा रही हैं, जैसे वनीला, कारमेल, और हेज़लनट जैसी सुगंध, जिससे बॉडी केयर का अनुभव और बेहतर हो जाता है।

रिपोर्ट में ब्रांड्स को सलाह दी गई है कि वे बॉडी लोशन के बाजार में आगे बढ़ने के लिए पारंपरिक तरीकों से हटकर सोचें। इसमें प्लेटफॉर्म-आधारित वितरण रणनीति शामिल हैं; सीधे उपभोक्ता तक पहुँचने वाले मॉडल को मजबूत करना, उपभोक्ताओं की पसंद को समझने के लिए गहराई से आंकड़ों का विश्लेषण करना और उसी आधार पर उत्पाद, मूल्य और पैक के आकार तय करना जरूरी है। इसके साथ ही, विश्वास बनाने के लिए केवल विज्ञापनों पर निर्भर न रहना भी महत्वपूर्ण है।

रिपोर्ट में कहा गया है, "निवेशकों और खुदरा विक्रेताओं के लिए, बॉडी लोशन एक ऐसी श्रेणी है जिसमें संरचनात्मक लाभ हैं। इसके पीछे का कारण है लोगों की बढ़ती आय, नए उपभोक्ताओं का शामिल होना, व्यक्तिगत देखभाल के प्रति बढ़ती जागरूकता और डिजिटल व्यापार की क्षमता, जो बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं तक जानकारी पहुँचाने में सक्षम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहा जा सकता है कि भारत में ई-कॉमर्स का तेजी से बढ़ता बाजार उपभोक्ता की पसंद और खरीदारी के तरीके को बदल रहा है। बॉडी लोशन जैसे व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री में वृद्धि, उपभोक्ताओं की बदलती प्राथमिकताओं और डिजिटल प्लेटफार्मों की बढ़ती पहुँच को दर्शाती है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 2030 तक भारत में बॉडी लोशन की बिक्री का आधा हिस्सा ऑनलाइन होगा?
हाँ, एक रिपोर्ट के अनुसार, 2030 तक भारत में बिकने वाले आधे से अधिक बॉडी लोशन ऑनलाइन प्लेटफार्म पर खरीदे जाएंगे।
कौन से ब्रांड्स ऑनलाइन बिक्री में प्रमुख होंगे?
मध्यम दाम वाले और गुणवत्ता में बेहतर ब्रांड्स ऑनलाइन बिक्री में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
क्या उपभोक्ता विशेष तत्वों वाले उत्पादों को पसंद कर रहे हैं?
जी हाँ, उपभोक्ता अब ऐसे बॉडी लोशन को प्राथमिकता दे रहे हैं जिनमें विशेष तत्व जैसे विटामिन ई और शीया बटर शामिल हैं।
क्या नैतिकता का ध्यान रखते हुए ब्रांड्स अपनी पहचान बना रहे हैं?
बिल्कुल, कई ब्रांड नैतिक मूल्यों को ध्यान में रखकर अपनी पहचान बना रहे हैं।
क्या डिजिटल प्लेटफार्म्स का उपयोग बढ़ रहा है?
हाँ, डिजिटल प्लेटफार्म्स का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, जिससे ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा मिल रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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