वर्ली साइकिल ट्रैक पर 'फिट इंडिया साइक्लोथॉन', डॉ. मांडविया के साथ 250 साइकिल सवार; 12वें योग दिवस की उलटी गिनती शुरू
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया बुधवार, 18 जून 2025 की सुबह मुंबई के प्रतिष्ठित वर्ली कोस्टल साइकिल ट्रैक पर आयोजित 'फिट इंडिया साइक्लोथॉन — साइक्लिंग बाय द सी' का नेतृत्व करेंगे। 21 जून को मनाए जाने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से ठीक पहले हो रहा यह आयोजन फिट इंडिया मूवमेंट के व्यापक संदेश को मूर्त रूप देने का प्रयास है।
आयोजन का विवरण
सुबह 6:30 बजे शुरू होने वाली इस साइकिल यात्रा में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लगभग 250 साइकिल चालक भाग लेंगे। एक तरफ अरब सागर की लहरें और दूसरी तरफ सैकड़ों साइकिल सवारों का उत्साह — यह दृश्य मुंबई के समुद्र तट को एक जीवंत फिटनेस मंच में बदल देगा। भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल होंगे।
फिट इंडिया मूवमेंट की पृष्ठभूमि
यह साइक्लोथॉन फिट इंडिया मूवमेंट की उस व्यापक श्रृंखला का हिस्सा है, जो सामुदायिक भागीदारी, साइकिलिंग, योग और अन्य शारीरिक गतिविधियों के ज़रिए फिटनेस को जीवनशैली का अनिवार्य हिस्सा बनाने पर ज़ोर देती है। दिसंबर 2024 में डॉ. मांडविया द्वारा शुरू की गई 'संडेज ऑन साइकिल' पहल अब तक देश के 3 लाख से अधिक स्थानों पर 30 लाख से अधिक लोगों तक पहुँच चुकी है।
इस पहल का संचालन युवा मामले एवं खेल मंत्रालय, साइक्लिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया, योगासन भारत, राहगिरी फाउंडेशन और माय भारत के संयुक्त सहयोग से किया जाता है। डॉ. मांडविया पिछले एक वर्ष से साइकिलिंग को व्यक्तिगत स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्थिरता दोनों के लिए एक सुलभ साधन के रूप में प्रचारित करते रहे हैं।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से जुड़ाव
मुंबई का यह साइक्लोथॉन 21 जून 2025 को आयोजित होने वाले 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के वैश्विक समारोहों की प्रस्तावना के रूप में भी काम करता है। इस वर्ष के योग दिवस में 180 से अधिक देशों के लाखों लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। गौरतलब है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पिछले एक दशक में विश्व के सबसे बड़े स्वास्थ्य आंदोलनों में से एक बन चुका है, और इसमें भारत की अग्रणी भूमिका वैश्विक स्तर पर स्वीकार की जाती है।
आम जनता पर असर
फिट इंडिया मूवमेंट का केंद्रीय संदेश — 'स्वस्थ नागरिक, स्वच्छ शहर और एक मज़बूत खेल संस्कृति' — इस आयोजन में स्पष्ट रूप से झलकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के सामुदायिक आयोजन शहरी नागरिकों में सक्रिय जीवनशैली अपनाने की प्रवृत्ति को बढ़ावा देते हैं। यह साइक्लोथॉन यह भी रेखांकित करता है कि भारत वैश्विक खेल शक्ति बनने की दिशा में जन-भागीदारी को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा मान रहा है।
आगे क्या
वर्ली के इस आयोजन के बाद देशभर में 21 जून को योग दिवस के कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिनमें सरकारी और निजी संस्थाएँ मिलकर भाग लेंगी। 'संडेज ऑन साइकिल' श्रृंखला के अंतर्गत आने वाले हफ्तों में और भी शहरों में इसी तरह के आयोजन अपेक्षित हैं।