क्या बारिश के मौसम में हाइड्रेट रखेगा नींबू और चुटकी भर सेंधा नमक?
सारांश
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नई दिल्ली, 20 जून (राष्ट्र प्रेस)। बारिश का मौसम अपनी ठंडी फुहारों के साथ तन-मन को तरोताजा कर देता है, लेकिन यह मौसम डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी लेकर आता है। हालांकि, मानसून में प्यास कम लगने की समस्या एक आम चुनौती है, जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। इन समस्याओं से निजात दिलाने में नींबू और सेंधा नमक बेहद फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट पूजा मखीजा का कहना है कि बारिश के मौसम में प्यास न लगना यह नहीं दर्शाता कि शरीर को पानी की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने एक इंस्टाग्राम वीडियो में बताया, “नमी और ठंडक के कारण पसीना जल्दी नहीं सूखता, जिससे मस्तिष्क को प्यास का एहसास कम होता है। फिर भी, शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स का निकलना जारी रहता है, जिसके परिणामस्वरूप थकान, सुस्ती, भूख की अधिक इच्छा या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं।”
पूजा मखीजा ने बताया, “हाइड्रेशन का मतलब सिर्फ प्यास बुझाना नहीं है, बल्कि शरीर को सुचारु रूप से कार्य करने के लिए पर्याप्त पानी और पोषक तत्व प्रदान करना भी है। मानसून में बारिश और नमी के कारण मस्तिष्क गलत संकेत लेता है और सोचता है कि शरीर को पानी की आवश्यकता नहीं है। लेकिन, वास्तव में शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की हानि होती रहती है, जो स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। ठंडा और नम मौसम प्यास के संकेतों को दबा देता है, जिससे हम पानी पीना भूल जाते हैं।”
इन समस्याओं से बचने के लिए एक्सपर्ट सलाह देती हैं कि पानी में नींबू और एक चुटकी सेंधा नमक मिलाकर पीना चाहिए। यह मिश्रण साधारण पानी की तुलना में शरीर को बेहतर हाइड्रेट करता है, क्योंकि नींबू विटामिन-सी और एंटीऑक्सिडेंट्स प्रदान करता है, जबकि सेंधा नमक इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है। यह शरीर में पानी के अवशोषण को बढ़ाता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। साथ ही, वह सुझाव देती हैं कि पानी की बोतल हमेशा अपने पास रखें, ताकि पीने की याद बनी रहे।
इसके अलावा, पूजा ने यह भी बताया कि पानी पीने की आदत को रोजमर्रा की गतिविधियों से जोड़ा जा सकता है, जैसे सोशल मीडिया खोलते समय दो घूंट पानी पीना। ये छोटी-छोटी आदतें मानसून में हाइड्रेशन को बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।