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मध्य प्रदेश: बुरहानपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी, किशोरियों को मिल रही सुरक्षा

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मध्य प्रदेश: बुरहानपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी, किशोरियों को मिल रही सुरक्षा

सारांश

बुरहानपुर में एचपीवी टीकाकरण अभियान किशोरियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। स्वास्थ्य विभाग भ्रांतियों को दूर करते हुए सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान कर रहा है।

मुख्य बातें

एचपीवी वैक्सीन: सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है।
विशेष जागरूकता कार्यक्रम: भ्रांतियों को दूर करने के लिए चलाए जा रहे हैं।
टीकाकरण का लक्ष्य: 9,084 किशोरियों को टीका लगाना।
सुरक्षित और प्रभावी: वैक्सीन की सुरक्षा पर स्वास्थ्य विभाग का भरोसा।
लंबी अवधि का प्रोटेक्शन: 10 साल तक प्रभावी।

बुरहानपुर, १३ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान के तहत किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर टीके लगाए जा रहे हैं। साथ ही, स्वास्थ्य विभाग टीके से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है।

जिला टीकाकरण अधिकारी वाईबी शास्त्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने २८ फरवरी २०२६ को अजमेर से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की थी, जिसके बाद अब यह पूरी देश में चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एचपीवी टीके को लेकर लोगों के बीच झिझक और कई प्रकार की गलत धारणाएं एक बड़ी चुनौती हैं। इन्हें समाप्त करने के लिए मीडिया वर्कशॉप और जागरूकता अभियान आयोजित किए जा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, यह टीकाकरण अभियान ९ से १४ वर्ष की किशोरियों के लिए है, जिससे उन्हें सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा मिल सके। विभाग का कहना है कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है। अगले तीन महीनों तक जिले में अभियान चलाकर अधिक से अधिक किशोरियों को टीका दिया जाएगा।

जिला टीकाकरण अधिकारी वाईबी शास्त्री ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, “यह एचपीवी टीकाकरण अभियान है, जिसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी द्वारा की गई है। यह अभियान तीन महीने तक चलेगा। हमारा लक्ष्य १४ वर्ष आयु पूरी कर चुकी ९,०८४ किशोरियों को टीका लगाना है।”

उन्होंने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि टीकाकरण के संदर्भ में किसी भी तरह की भ्रांति से दूर रहें, क्योंकि हर टीकाकरण का उद्देश्य शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाना होता है। यह वैक्सीन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को लगभग ९९.७ प्रतिशत तक बढ़ाने में सहायक मानी जाती है और सर्वाइकल कैंसर से बचाव में कारगर है। इसके साइड इफेक्ट भी बहुत कम होते हैं।

उन्होंने कहा कि एचपीवी वायरस सर्वाइकल कैंसर का कारण बनता है। देशभर में यह दूसरा सबसे घातक कैंसर है। यदि इस वैक्सीन का उपयोग किया जाए तो १० साल तक इसका प्रोटेक्शन बना रहता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह जागरूकता बढ़ाने और भ्रांतियों को दूर करने में भी सहायक है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से उठाए गए कदम सराहनीय हैं और इससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एचपीवी वैक्सीन क्या है?
एचपीवी वैक्सीन एक टीका है जो ह्यूमन पैपिलोमावायरस से होने वाले सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है।
यह टीका कितना सुरक्षित है?
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी है।
टीकाकरण के बाद क्या साइड इफेक्ट होते हैं?
इसके साइड इफेक्ट बहुत कम होते हैं, जो आमतौर पर हल्के होते हैं।
किशोरियों को कब और कहाँ टीका लगाया जाएगा?
यह टीकाकरण अभियान 9 से 14 वर्ष की किशोरियों के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर चलाया जा रहा है।
इस वैक्सीन का प्रभाव कब तक रहता है?
यदि इस वैक्सीन का उपयोग किया जाए तो 10 साल तक इसका प्रोटेक्शन बना रहता है।
राष्ट्र प्रेस
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