डिजीनेस और वर्टिगो में क्या है फर्क? चक्कर आने के कारण, लक्षण और बचाव

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डिजीनेस और वर्टिगो में क्या है फर्क? चक्कर आने के कारण, लक्षण और बचाव

सारांश

चक्कर आना हमेशा एक जैसा नहीं होता — डिजीनेस में असंतुलन और हल्कापन होता है, जबकि वर्टिगो में लगता है जैसे सब कुछ घूम रहा हो। दोनों के कारण और इलाज अलग हैं। सही पहचान ही सही उपचार की पहली शर्त है।

Key Takeaways

डिजीनेस में हल्कापन, कमजोरी या असंतुलन महसूस होता है; चीजें घूमती नहीं दिखतीं। वर्टिगो में व्यक्ति या आसपास की चीजें घूमती हुई महसूस होती हैं — यह कान की संतुलन प्रणाली की गड़बड़ी से होता है। डिहाइड्रेशन, लो ब्लड शुगर, पोस्टुरल हाइपोटेंशन और एनीमिया डिजीनेस के सामान्य कारण हैं। वर्टिगो का सबसे आम कारण बीपीपीवी (BPPV) है, जिसमें सिर की हल्की हलचल से तेज चक्कर आता है। तेज सिरदर्द, धुंधली दृष्टि या बोलने में कठिनाई के साथ चक्कर आए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मेडिकल साइंस के अनुसार, चक्कर आना और सिर घूमना दो अलग-अलग स्थितियाँ हैं — डिजीनेस और वर्टिगो — जिन्हें अक्सर एक समझ लिया जाता है। नई दिल्ली से प्राप्त स्वास्थ्य जानकारी के अनुसार, इन दोनों के कारण, लक्षण और उपचार में महत्वपूर्ण अंतर होता है। सही पहचान न होने पर उचित इलाज में देरी हो सकती है।

डिजीनेस क्या है और इसके कारण क्या हैं

डिजीनेस एक सामान्य चिकित्सा शब्द है जिसका अर्थ है — हल्का चक्कर, कमजोरी या असंतुलन महसूस होना। इसमें आवश्यक नहीं कि चीजें घूमती हुई दिखें; व्यक्ति को बस ऐसा लग सकता है जैसे वह गिर सकता है या स्थिर खड़े रहने में परेशानी हो रही है।

इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं — शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन), जिससे रक्तचाप गिर जाता है और मस्तिष्क तक पर्याप्त रक्त नहीं पहुँच पाता। इसी प्रकार ब्लड शुगर का अचानक कम होना भी कमजोरी और चक्कर का कारण बनता है, जो विशेष रूप से उन लोगों में देखा जाता है जो लंबे समय तक खाना नहीं खाते या डायबिटीज के मरीज होते हैं।

अचानक बैठने या लेटने की स्थिति से खड़े होने पर रक्तचाप गिरने की स्थिति को पोस्टुरल हाइपोटेंशन कहा जाता है, जो डिजीनेस का एक सामान्य कारण है। इसके अतिरिक्त एनीमिया (शरीर में खून की कमी) होने पर मस्तिष्क को ऑक्सीजन कम मिलती है। मानसिक तनाव, चिंता और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट भी डिजीनेस को जन्म दे सकते हैं।

वर्टिगो कैसे अलग है

वर्टिगो डिजीनेस से भिन्न एक विशिष्ट स्थिति है। इसमें व्यक्ति को ऐसा महसूस होता है जैसे वह स्वयं या उसके आसपास की चीजें घूम रही हों, जबकि वास्तव में सब कुछ स्थिर होता है। यह शरीर की संतुलन प्रणाली में गड़बड़ी के कारण उत्पन्न होता है।

वर्टिगो का सबसे सामान्य कारण कान के भीतर मौजूद संतुलन प्रणाली में समस्या है, जिसे चिकित्सकीय भाषा में बीपीपीवी (BPPV) कहा जाता है। इसमें सिर की मामूली हलचल से भी अचानक तीव्र चक्कर आ सकता है। कुछ मामलों में कान का संक्रमण या अंदरूनी कान की बीमारी भी वर्टिगो का कारण बन सकती है।

राहत के लिए क्या करें

डॉक्टरों के अनुसार, यदि समस्या हल्की हो तो कुछ सावधानियाँ अपनाकर राहत पाई जा सकती है। पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक खाली पेट न रहना और अचानक तेज़ी से खड़े न होना इनमें प्रमुख हैं। चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाना या लेट जाना उचित है, ताकि गिरने से चोट न लगे।

कब डॉक्टर से संपर्क करें

यदि चक्कर के साथ तेज सिरदर्द, बोलने में कठिनाई, धुंधली दृष्टि या शारीरिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो यह किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। समय पर सही निदान न केवल उपचार को प्रभावी बनाता है, बल्कि गंभीर जटिलताओं से भी बचाता है।

Point of View

और इसी कारण अनेक मरीज़ महीनों तक गलत या अधूरे इलाज पर निर्भर रहते हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब शहरी जीवनशैली में तनाव, अनियमित खानपान और नींद की कमी इन दोनों स्थितियों को और बढ़ावा दे रहे हैं। स्वास्थ्य जागरूकता की कमी के चलते लोग अक्सर गंभीर न्यूरोलॉजिकल संकेतों को भी साधारण चक्कर समझकर टाल देते हैं, जो जानलेवा हो सकता है। मेडिकल साक्षरता बढ़ाना यहाँ केवल सुविधा नहीं, बल्कि एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आवश्यकता है।
NationPress
30/04/2026

Frequently Asked Questions

डिजीनेस और वर्टिगो में क्या फर्क है?
डिजीनेस में व्यक्ति को हल्कापन, कमजोरी या असंतुलन महसूस होता है, जबकि वर्टिगो में लगता है जैसे खुद या आसपास की चीजें घूम रही हों। डिजीनेस के कई सामान्य कारण होते हैं जैसे डिहाइड्रेशन या लो ब्लड शुगर, जबकि वर्टिगो मुख्यतः कान की संतुलन प्रणाली की गड़बड़ी से जुड़ा होता है।
वर्टिगो का सबसे आम कारण क्या है?
वर्टिगो का सबसे सामान्य कारण बीपीपीवी (BPPV) है, जो कान के भीतर की संतुलन प्रणाली में समस्या के कारण होता है। इसमें सिर की मामूली हलचल से भी अचानक तीव्र चक्कर आ सकता है।
चक्कर आने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाएँ या लेट जाएँ ताकि गिरने से चोट न लगे। पर्याप्त पानी पिएँ और यदि लक्षण बार-बार आएँ या गंभीर हों तो डॉक्टर से संपर्क करें।
किन लक्षणों में डॉक्टर से तुरंत मिलना चाहिए?
यदि चक्कर के साथ तेज सिरदर्द, बोलने में कठिनाई, धुंधली दृष्टि या शारीरिक कमजोरी हो, तो यह किसी गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है। ऐसे में बिना देरी किए चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है।
डिजीनेस से बचाव के लिए क्या सावधानियाँ बरतें?
पर्याप्त पानी पीना, लंबे समय तक खाली पेट न रहना और अचानक तेज़ी से खड़े न होना डिजीनेस से बचाव के प्रमुख उपाय हैं। मानसिक तनाव को नियंत्रित करना और नियमित भोजन करना भी सहायक होता है।
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