31 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

घर का खाना खाने पर भी बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल — जानें वो 5 असली वजहें जो अक्सर नजरअंदाज होती हैं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
घर का खाना खाने पर भी बढ़ सकता है कोलेस्ट्रॉल — जानें वो 5 असली वजहें जो अक्सर नजरअंदाज होती हैं

सारांश

बर्गर-पिज्जा न खाने वालों में भी कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है? घी, मैदा, बैठे रहने की आदत और पारिवारिक जीन — ये चार कारण घर के खाने की 'सुरक्षा' का भ्रम तोड़ते हैं। थाली से ज़्यादा जीवनशैली मायने रखती है।

मुख्य बातें

घर का खाना खाने के बावजूद बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ सकता है — थाली नहीं, पूरी जीवनशैली मायने रखती है।
घी, मक्खन, मलाई में अधिक सैचुरेटेड फैट होता है, जो LDL को बढ़ाता है।
आनुवंशिक कारणों से भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है — परिवार में हार्ट अटैक या हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास हो तो डॉक्टर से मिलें।
फाइबर युक्त आहार — ओट्स, दालें, साबुत अनाज, फल और सब्जियाँ — LDL घटाने में सहायक हैं।
शारीरिक निष्क्रियता और अधिक वजन कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने के प्रमुख गैर-आहार कारण हैं।

उच्च कोलेस्ट्रॉल केवल बाहर के खाने से नहीं बढ़ता — घर का खाना खाने वालों में भी यह समस्या देखी जा रही है, और इसकी वजहें अक्सर थाली से परे होती हैं। नई दिल्ली में स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर बढ़ने के पीछे जीवनशैली, आनुवंशिकता और खाने की गुणवत्ता — तीनों का योगदान होता है। यह जानना ज़रूरी है कि घर का खाना सेहतमंद होने की गारंटी नहीं देता, जब तक उसे बनाने का तरीका और दिनचर्या दोनों संतुलित न हों।

कोलेस्ट्रॉल क्या है और यह कब खतरनाक होता है

कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए पूरी तरह हानिकारक नहीं है — शरीर को इसकी एक निश्चित मात्रा की आवश्यकता होती है। यह कोशिका निर्माण, हार्मोन उत्पादन और पाचन में सहायक होता है। परेशानी तब शुरू होती है जब रक्त में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा सामान्य सीमा से अधिक हो जाती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति बने रहने पर रक्त वाहिकाओं में वसा की परत जमने लगती है, जिससे हृदय रोग और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।

आनुवंशिक कारण — जो डाइट से नहीं बदलते

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ लोगों में कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की मुख्य वजह उनकी जीवनशैली नहीं, बल्कि उनके जीन होते हैं। यदि परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अत्यधिक कोलेस्ट्रॉल का इतिहास रहा हो, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कुछ आनुवंशिक स्थितियों में शरीर LDL को रक्त से प्रभावी ढंग से नहीं हटा पाता, और व्यक्ति की डाइट अच्छी होने के बावजूद कोलेस्ट्रॉल का स्तर ऊँचा बना रह सकता है। ऐसी स्थिति में चिकित्सक से परामर्श अनिवार्य है।

घर के खाने में छिपे जोखिम — सैचुरेटेड फैट और डीप-फ्राइड व्यंजन

घर का खाना पौष्टिक हो सकता है, लेकिन उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की मात्रा और गुणवत्ता भी उतनी ही अहमियत रखती है। घी, मक्खन, मलाई और अन्य पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में सैचुरेटेड फैट अधिक होता है, जो LDL को बढ़ाने में सहायक होता है। इसी तरह पूरी, पकौड़े, कचौड़ी जैसे डीप-फ्राइड व्यंजन यदि नियमित रूप से खाए जाएं, तो वजन और हृदय स्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। खाना बनाते समय कुल फैट की मात्रा और उसकी गुणवत्ता — दोनों पर ध्यान देना जरूरी है।

फाइबर की कमी और असंतुलित थाली का असर

कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिए केवल तेल कम करना पर्याप्त नहीं है। आहार में फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, ओट्स, जौ, बीन्स और दालें शामिल होनी चाहिए, क्योंकि इनमें मौजूद फाइबर बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। यदि रोज की थाली में सब्जियाँ और फल कम हैं और मैदा, सफेद ब्रेड, बिस्किट या पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की मात्रा अधिक है, तो डाइट को संतुलित नहीं माना जा सकता।

शारीरिक निष्क्रियता — सबसे बड़ा अनदेखा कारण

यदि दिन का अधिकांश समय बैठे-बैठे गुजरता है, तो केवल घर का खाना खाना पर्याप्त नहीं है। नियमित शारीरिक गतिविधि वजन को नियंत्रित रखने और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना या अपनी क्षमता के अनुसार अन्य व्यायाम रोज की दिनचर्या में शामिल किए जा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कम शारीरिक गतिविधि और अधिक वजन मिलकर कोलेस्ट्रॉल के स्तर को तेजी से बढ़ा सकते हैं। स्वस्थ हृदय के लिए संतुलित आहार और सक्रिय जीवनशैली — दोनों साथ चलने चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

थाली में फाइबर नदारद हो और दिनभर कुर्सी पर बैठे रहना आदत बन चुकी हो, तो 'घर का खाना' का तमगा बेमानी हो जाता है। आनुवंशिक जोखिम की अनदेखी एक और बड़ी चूक है — खासकर उन परिवारों में जहाँ कम उम्र में हृदय रोग का इतिहास है। ज़रूरत है कि स्वास्थ्य जागरूकता अभियान 'बाहर का खाना बुरा है' से आगे बढ़कर 'कैसे बना, कितना खाया, कितना चले' तक पहुँचे।
RashtraPress
31 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

घर का खाना खाने पर भी कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है?
घर के खाने में सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा, फाइबर की कमी और शारीरिक निष्क्रियता मिलकर LDL कोलेस्ट्रॉल बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी जिम्मेदार हो सकते हैं, जो डाइट से स्वतंत्र होते हैं।
बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम करने के लिए क्या खाएं?
ओट्स, जौ, दालें, बीन्स, साबुत अनाज, फल और सब्जियाँ — इन सभी में फाइबर होता है जो LDL घटाने में सहायक है। साथ ही घी-मक्खन और डीप-फ्राइड चीजों की मात्रा कम करनी चाहिए।
क्या आनुवंशिक कारणों से भी कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है?
हाँ, कुछ आनुवंशिक स्थितियों में शरीर LDL को रक्त से ठीक से नहीं हटा पाता। यदि परिवार में कम उम्र में हार्ट अटैक या हाई कोलेस्ट्रॉल का इतिहास हो, तो विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण में व्यायाम की क्या भूमिका है?
नियमित शारीरिक गतिविधि — जैसे तेज चाल से चलना या साइकिल चलाना — वजन नियंत्रित रखती है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखती है। शारीरिक निष्क्रियता LDL बढ़ाने और HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) घटाने में योगदान करती है।
घर के खाने में किन चीजों से बचना चाहिए ताकि कोलेस्ट्रॉल न बढ़े?
घी, मक्खन, मलाई जैसे सैचुरेटेड फैट युक्त पदार्थों का अत्यधिक सेवन और पूरी-कचौड़ी जैसे डीप-फ्राइड व्यंजनों को रोज के भोजन में शामिल करना जोखिमभरा है। मैदा और पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की मात्रा भी सीमित रखनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 5 महीने पहले
  3. 5 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 5 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले