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क्या सर्दी में स्क्रिन के लिए 'हाइड्रा फेशियल' हल्दी का लेप है? जानें लाभ और उपयोग

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क्या सर्दी में स्क्रिन के लिए 'हाइड्रा फेशियल' हल्दी का लेप है? जानें लाभ और उपयोग

सारांश

हल्दी केवल एक मसाला नहीं, बल्कि सर्दियों में त्वचा के लिए एक प्राकृतिक हाइड्रा फेशियल है। जानें इससे होने वाले फायदे और इसे कैसे प्रयोग करना है।

मुख्य बातें

हल्दी एक प्राकृतिक हाइड्रा फेशियल है।
यह त्वचा को अंदर से साफ करती है।
घावों को जल्दी भरने में मदद करती है।
एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर।
सर्दियों में त्वचा की नमी बनाए रखने में सहायक।

नई दिल्ली, 14 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। हल्दी केवल रसोई में स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं है, बल्कि आयुर्वेद में इसे सदियों से शरीर के विभिन्न रोगों के खिलाफ एक उपाय के रूप में उपयोग किया जाता है।

हल्दी न केवल संक्रमण और अन्य रोगों से सुरक्षा प्रदान करती है, बल्कि यह त्वचा के लिए भी एक बेहतरीन हाइड्रा फेशियल के समान कार्य करती है। यह शरीर को अंदर से विषमुक्त करती है, रक्त को शुद्ध रखती है और त्वचा के गहरे स्तरों पर सूजन, रूखापन और बैक्टीरियल प्रभाव को समाप्त करती है।

आयुर्वेद में हल्दी को हरिद्रा कहा जाता है, जो कफ और पित्त को संतुलित करने में मदद करती है और इसके नियमित सेवन से शरीर अंदर से रोगमुक्त रहता है। हल्दी घावों को जल्दी भरने में भी सहायता करती है। आज हम हल्दी के कुछ आयुर्वेदिक लेप के बारे में जानेंगे, जो सर्दियों में चेहरे को सूखने से बचाने और त्वचा की चमक लौटाने में सहायक होंगे।

पहला- हल्दी का उबटन। इसे बनाने के लिए हल्दी, बेसन, दही, चंदन और सरसों के तेल का मिश्रण तैयार करें और साफ चेहरे पर लगाएं। यह चेहरे पर ग्लो लाने और मृत कोशिकाओं को हटाकर दाग-धब्बों को कम करने में मदद करेगा। लेप को सूखने के बाद गुनगुने पानी से धो लें और फिर मॉइश्चराइज़र लगाएं।

दूसरा- हल्दी और दूध का लेप। आप दूध की जगह घी का भी उपयोग कर सकते हैं। यह लेप खुजली और ड्राई स्किन को ठीक करने में मदद करेगा और दूध त्वचा की नमी बनाए रखेगा। अगर त्वचा में बहुत रूखापन है, तो इसे हफ्ते में तीन बार लगाया जा सकता है।

तीसरा- हल्दी और नीम के पत्तों का लेप। नीम के पत्तों का पाउडर बाजार में आसानी से उपलब्ध है। यह लेप चेहरे पर निकले मुंहासों और घावों को भरने में मदद करेगा। हल्दी और नीम दोनों में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो घावों को भरने और संक्रमण को फैलने से रोकते हैं।

चौथा- हल्दी और चावल के मांड का लेप। यह लेप चेहरे को कोमल बनाकर त्वचा को अंदर से साफ करेगा। कोरियन ट्रीटमेंट में भी चावल के पानी और मांड का प्रयोग होता है, जबकि आयुर्वेद में मांड को औषधि माना जाता है। यह लेप चेहरे की कसावट लाने का काम करेगा और त्वचा की चमक को कई गुना बढ़ा देगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कहना गलत नहीं होगा कि हल्दी जैसे पारंपरिक उपायों की पुनर्स्थापना आज की आधुनिक दुनिया में बहुत महत्वपूर्ण है। हल्दी के उपयोग से न केवल त्वचा की सुरक्षा होती है, बल्कि यह एक सस्ती और प्राकृतिक उपाय है जो हर किसी के लिए उपलब्ध है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हल्दी का लेप किस प्रकार तैयार किया जा सकता है?
हल्दी का लेप बनाने के लिए हल्दी, बेसन, दही और कुछ तेलों का मिश्रण किया जाता है।
क्या हल्दी त्वचा के लिए फायदेमंद है?
जी हां, हल्दी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं।
मैं हल्दी का लेप कितनी बार लगा सकता हूँ?
आप इसे हफ्ते में 2-3 बार लगाकर अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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