थायराइड के लिए क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानें सही आहार
सारांश
Key Takeaways
- थायराइड के मरीजों को विशेष आहार की आवश्यकता होती है।
- हल्की सब्जियाँ और कुछ फल फायदेमंद होते हैं।
- गांठ वाली सब्जियाँ और कुछ फल से बचना चाहिए।
- अच्छे खाद्य तेल का उपयोग करें।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आजकल की खराब जीवनशैली के कारण अनेक स्वास्थ्य समस्याएँ उत्पन्न हो रही हैं। विशेष रूप से, महिलाओं में थायराइड की समस्याएँ बहुत बढ़ गई हैं।
थायराइड के उपचार में, डॉक्टर मरीजों को गोलियाँ देते हैं, जो थायराइड के स्तर को बढ़ाने या घटाने के लिए होती हैं। हालाँकि, कई बार मरीज गोलियाँ लेते हैं लेकिन थायराइड में कोई सुधार नहीं होता। इसका मुख्य कारण यह है कि दवाओं के साथ-साथ आहार में बदलाव भी आवश्यक है। कुछ खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना चाहिए जबकि कुछ से बचना चाहिए।
थायराइड के लिए उपयुक्त खाद्य पदार्थों की बात करें तो इनमें लौकी, तोरी, पलवल, कद्दू, गाजर, बीन्स, और हरे पत्तेदार सब्जियाँ शामिल हैं। ये सभी सब्जियाँ हल्की और सुपाच्य होती हैं। साथ ही, अनार, पपीता, सेब, नाशपाती, और अमरूद जैसे फल भी फायदेमंद होते हैं।
खाद्य तेलों के मामले में, थायराइड के लिए अच्छे तेल का उपयोग करना महत्वपूर्ण है। इसके लिए देसी घी, नारियल और सरसों का तेल शामिल किया जा सकता है। इसके साथ ही, हल्की और आसानी से पचने वाली दालें जैसे मूंग की दाल, मसूर दाल और कुल्थी की दाल का सेवन करें। ये दालें पाचन में सरल होती हैं और शरीर में प्रोटीन की जरूरत को पूरा करती हैं।
अब बात करते हैं उन खाद्य पदार्थों की, जिन्हें थायराइड के रोगियों को नहीं खाना चाहिए। कुछ खाद्य पदार्थ सीधे तौर पर थायराइड को प्रभावित करते हैं, जैसे गांठ वाली सब्जियाँ। थायराइड के रोगियों को गोभी और सोयाबीन नहीं खाना चाहिए क्योंकि ये पाचन में भारी होती हैं और कफ को बढ़ाने वाली होती हैं। फलों में, केला, आम, चीकू और अंगूर से परहेज करना चाहिए। इसके साथ ही, बार-बार गर्म किया हुआ तेल, मूंगफली का तेल और रिफाइंड तेल का सेवन भी हानिकारक माना जाता है। दालों में राजमा, छोले और सोयाचंक्स का सेवन करने से बचना चाहिए।