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क्या विश्व हृदय दिवस पर जीवनशैली में सजगता जरूरी है?

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क्या विश्व हृदय दिवस पर जीवनशैली में सजगता जरूरी है?

सारांश

क्या आप जानते हैं कि हर साल विश्व हृदय दिवस हमें दिल की सेहत के प्रति सजग रहने का संदेश देता है? यह दिन हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि हमारी जीवनशैली में सुधार कर हम अपने दिल को कैसे सुरक्षित रख सकते हैं। आइए जानें कैसे हम अपनी आदतों में सकारात्मक बदलाव लाकर दिल को स्वस्थ रख सकते हैं।

मुख्य बातें

दिल की देखभाल जीवनशैली में सुधार से होती है।
हृदय रोगों का 75% बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर है।
वायु प्रदूषण हृदय स्वास्थ्य को प्रभावित करता है।
धूम्रपान छोड़ने पर दिल का खतरा कम होता है।
योग और ध्यान से तनाव को कम किया जा सकता है।

नई दिल्ली, 28 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। यह कहा जाता है कि यदि जिंदगी है तो सब कुछ है और जिंदगी की डोर दिल की धड़कनों से जुड़ी होती है, लेकिन आज यही दिल सबसे अधिक खतरे में है। हर साल 29 सितंबर को मनाया जाने वाला विश्व हृदय दिवस हमें यह याद दिलाता है कि दिल की देखभाल करना सिर्फ डॉक्टरों या दवाओं का काम नहीं है, बल्कि हमारी जीवनशैली, आदतों और सोच का भी बड़ा योगदान है।

भारत में हृदय रोग तेजी से फैल रहे हैं। यह एक मूक महामारी है, जो तेजी से युवाओं को भी जकड़ रही है। ऐसे में यह दिन जीवन बचाने के लिए सामूहिक अपील है।

दुनिया भर में होने वाली हर चार में से एक मौत की वजह हृदय रोग है। भारत में बदलती जीवनशैली और लगातार बढ़ रहे तनाव के कारण युवा तक इस गंभीर खतरे के चपेट में हैं। विश्व हृदय महासंघ के अनुसार, हृदय रोगों का 75 प्रतिशत बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर है, जिनमें भारत भी शामिल है। यह दिन हमें चेतावनी देता है कि अगर अब नहीं चेते, तो कल बहुत देर हो सकती है।

वायु प्रदूषण से होने वाली लगभग 25 प्रतिशत हृदय संबंधी मौत इस कड़वे सच की गवाही देती हैं। हर साल करीब 70 लाख लोग प्रदूषण के कारण मौत के शिकार हो जाते हैं। यानी पृथ्वी का स्वास्थ्य सीधे तौर पर हमारे दिल के स्वास्थ्य से जुड़ा है।

विशेषज्ञों की मानें तो हृदय को स्वस्थ रखने के लिए अहम बदलाव जरूरी हैं। ताजे फल-सब्जियों का सेवन, कम चीनी और नमक का उपयोग, जंक फूड से दूरी बनाना आवश्यक है। रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम या पैदल चलना हृदय को स्वस्थ रखता है। साथ ही, तनाव पर नियंत्रण के लिए योग और ध्यान को दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।

इसके अलावा, अगर आप धूम्रपान छोड़ते हैं तो हृदय रोग का खतरा काफी कम हो जाता है। केवल दो साल में जोखिम आधा हो जाता है और 15 साल में यह नॉन-स्मोकर जैसा हो जाता है। बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच भी हृदय रोग की रोकथाम में अहम भूमिका निभाती है।

जब हम अपने स्वास्थ्य की ओर सजग होंगे तो परिवार, समाज और राष्ट्र का स्वास्थ्य भी सुरक्षित होगा। इस विश्व हृदय दिवस पर संकल्प लें कि हम प्रदूषण घटाएंगे, स्वस्थ आदतें अपनाएंगे और दिल से जुड़े मिथकों को तोड़ेंगे। दरअसल, मजबूत दिल ही जीवन को लंबी उम्र और गहरी मुस्कान देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह आवश्यक है कि हम अपनी जीवनशैली में सुधार लाएं। स्वस्थ दिल से ही हम एक स्वस्थ और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विश्व हृदय दिवस कब मनाया जाता है?
विश्व हृदय दिवस हर साल 29 सितंबर को मनाया जाता है।
हृदय रोगों से बचाव के लिए क्या करें?
ताजे फल-सब्जियों का सेवन करें, व्यायाम करें और धूम्रपान से बचें।
क्या वायु प्रदूषण से हृदय रोग का खतरा बढ़ता है?
हाँ, वायु प्रदूषण हृदय रोगों के जोखिम को बढ़ाता है।
तनाव को कम करने के उपाय क्या हैं?
योग और ध्यान करना तनाव को कम करने में मदद करता है।
हृदय स्वास्थ्य की नियमित जांच कब करानी चाहिए?
बीपी, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच हर साल करनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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