28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

लगातार थकान और कमज़ोरी? लिवर की खराबी हो सकती है वजह — जानें बचाव के आसान उपाय

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
लगातार थकान और कमज़ोरी? लिवर की खराबी हो सकती है वजह — जानें बचाव के आसान उपाय

सारांश

थकान सिर्फ भागदौड़ का नतीजा नहीं — यह लिवर की चेतावनी भी हो सकती है। NHM के अनुसार लिवर की कार्यक्षमता घटने पर पूरे शरीर में ऊर्जा की कमी आती है। सही खान-पान, पर्याप्त पानी और नियमित व्यायाम से इस खतरे को टाला जा सकता है।

मुख्य बातें

लगातार थकान, कमज़ोरी और ऊर्जा में गिरावट लिवर की खराबी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार लिवर शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स तंत्र है — इसकी कार्यक्षमता घटने पर पूरा शरीर प्रभावित होता है।
रोज़ाना 8 से 10 गिलास पानी और 30 से 45 मिनट व्यायाम लिवर को सक्रिय रखने में सहायक है।
जंक फूड, तला-भुना खाना और मादक पेय पदार्थ लिवर के लिए सबसे हानिकारक माने जाते हैं।
थकान दो सप्ताह से अधिक रहने पर लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) अवश्य करवाएँ।

नई दिल्ली: यदि आप सुबह उठते ही थका हुआ महसूस करते हैं, छोटे-छोटे कामों में सांस फूलती है या दिन में बार-बार ऊर्जा गिरती है, तो इसे सामान्य थकान मानकर नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं होगा। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, ये लक्षण लिवर की कार्यक्षमता में गिरावट के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि लिवर शरीर का प्राकृतिक डिटॉक्स तंत्र है — जब यह ठीक से काम नहीं करता, तो पूरे शरीर में थकान और कमज़ोरी घर कर लेती है।

लिवर और थकान का संबंध

लिवर शरीर में एक साथ कई महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाता है — भोजन का पाचन, पोषक तत्वों का भंडारण, टॉक्सिन्स को बाहर निकालना और रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखना। जब इस पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है, तो इसकी कार्यक्षमता घटने लगती है। NHM के अनुसार, यही स्थिति शरीर में लगातार थकान, ऊर्जा की कमी और कमज़ोरी के रूप में प्रकट होती है।

गौरतलब है कि आधुनिक जीवनशैली — अनियमित खान-पान, नींद की कमी, प्रोसेस्ड फूड और शारीरिक निष्क्रियता — लिवर पर दबाव बढ़ाने के प्रमुख कारण माने जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि थकान लगातार दो सप्ताह से अधिक बनी रहे, तो लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) अवश्य करवाना चाहिए।

चेतावनी के संकेत जिन्हें न करें नज़रअंदाज़

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, निम्नलिखित लक्षण लिवर से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं:

सुबह उठते ही थकान महसूस होना, थोड़े परिश्रम पर सांस फूलना, दिन में बार-बार ऊर्जा में गिरावट आना। ये लक्षण अकेले निर्णायक नहीं हैं, लेकिन इनकी निरंतरता चिकित्सकीय जाँच की माँग करती है।

लिवर को स्वस्थ रखने के विशेषज्ञ-अनुशंसित उपाय

संतुलित आहार: हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और दालों को भोजन में प्राथमिकता दें। चीनी, मैदा और प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएँ।

पर्याप्त जलयोजन: रोज़ाना कम से कम 8 से 10 गिलास पानी पीना लिवर की डिटॉक्स प्रक्रिया को सुचारु रखता है।

नियमित व्यायाम: प्रतिदिन 30 से 45 मिनट की वॉकिंग, योग या कोई भी शारीरिक गतिविधि लिवर को सक्रिय रखती है और फैटी लिवर के जोखिम को कम करती है।

जंक फूड और शराब से परहेज़: तला-भुना खाना और मादक पेय पदार्थ लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं। विशेषज्ञ इनसे पूर्ण परहेज़ की सलाह देते हैं।

नींद और मानसिक स्वास्थ्य: रात को समय पर सोना और सुबह जल्दी उठना, साथ ही ध्यान व प्राणायाम का नियमित अभ्यास, तनाव कम करता है — जो लिवर के स्वास्थ्य से सीधे जुड़ा है।

डॉक्टर से कब मिलें

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की स्पष्ट सलाह है कि यदि थकान और कमज़ोरी लंबे समय तक बनी रहे, तो स्वयं निदान करने की बजाय रक्त परीक्षण के ज़रिये लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) करवाएँ। समय रहते जाँच और जीवनशैली में बदलाव, लिवर संबंधी गंभीर बीमारियों को रोकने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ (NAFLD) के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं और शहरी युवाओं में भी यह समस्या देखी जा रही है। लिवर को स्वस्थ रखना केवल एक अंग की देखभाल नहीं, बल्कि समग्र शारीरिक स्वास्थ्य की नींव है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जन-जागरूकता सीमित है। थकान जैसे सामान्य लक्षणों को लिवर से जोड़ने की यह सलाह सही दिशा में है, लेकिन बिना विशिष्ट नैदानिक दहलीज़ बताए यह परामर्श अधूरा है। जब तक 'लंबे समय तक थकान' की स्पष्ट परिभाषा और जाँच तक पहुँच की बाधाओं को संबोधित नहीं किया जाता, तब तक ऐसी सलाह केवल शहरी, संपन्न वर्ग तक सीमित रहती है।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लिवर खराब होने पर शरीर में कौन-से लक्षण दिखते हैं?
NHM के अनुसार, लगातार थकान, सुबह उठते ही कमज़ोरी महसूस होना, थोड़े परिश्रम पर सांस फूलना और दिन में बार-बार ऊर्जा गिरना लिवर की खराबी के शुरुआती संकेत हो सकते हैं। ये लक्षण अकेले निर्णायक नहीं हैं, इसलिए चिकित्सकीय जाँच ज़रूरी है।
लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) कब करवाना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि थकान और कमज़ोरी लगातार दो सप्ताह से अधिक बनी रहे तो लिवर फंक्शन टेस्ट अवश्य करवाएँ। यह एक साधारण रक्त परीक्षण है जो लिवर की कार्यक्षमता का आकलन करता है।
लिवर को स्वस्थ रखने के लिए क्या खाना चाहिए?
हरी सब्ज़ियाँ, फल, साबुत अनाज और दालें लिवर के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं। चीनी, मैदा, प्रोसेस्ड फूड, तला-भुना खाना और शराब से परहेज़ करना चाहिए, क्योंकि ये लिवर कोशिकाओं को नुकसान पहुँचाते हैं।
क्या व्यायाम से लिवर की समस्या से बचा जा सकता है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार प्रतिदिन 30 से 45 मिनट की वॉकिंग, योग या कोई भी शारीरिक गतिविधि लिवर को सक्रिय रखती है और फैटी लिवर के जोखिम को कम करती है। नियमित व्यायाम शरीर से टॉक्सिन्स निकालने की प्रक्रिया को भी तेज़ करता है।
लिवर की बीमारी से कौन सबसे अधिक प्रभावित होता है?
अनियमित खान-पान, शारीरिक निष्क्रियता, अधिक शराब सेवन और तनावपूर्ण जीवनशैली जीने वाले लोगों में लिवर की समस्या का जोखिम अधिक होता है। भारत में शहरी युवाओं में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिज़ीज़ (NAFLD) के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले