बार-बार थकान और सुस्ती हो सकती है गंभीर बीमारी का संकेत, NHM की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि बार-बार होने वाली थकान और सुस्ती को सामान्य जीवनशैली की थकान समझकर नज़रअंदाज़ करना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, यह लक्षण अक्सर मोटापे और उससे जुड़ी बीमारियों का प्रारंभिक संकेत होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते ध्यान न दिया जाए तो यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, फैटी लीवर और हृदय रोग जैसी गंभीर समस्याओं की जड़ बन सकता है।
थकान को सामान्य मानना पड़ सकता है भारी
आधुनिक जीवनशैली में अधिकांश लोग खराब खानपान, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और अनियमित नींद के बीच जी रहे हैं। इन सभी कारकों का सम्मिलित प्रभाव शरीर की ऊर्जा को धीरे-धीरे क्षीण करता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, जब लोग थकान महसूस होने पर महज़ चीनी-पानी या अतिरिक्त नींद से काम चलाते हैं, तो असली कारण की अनदेखी होती रहती है और समस्या भीतर ही भीतर गहरी होती जाती है।
मोटापा और थकान का गहरा संबंध
NHM के आँकड़ों के अनुसार, अनियंत्रित वज़न बढ़ने से शरीर के विभिन्न अंगों — विशेषकर हृदय, यकृत और जोड़ों — पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह दबाव शरीर की ऊर्जा-उत्पादन क्षमता को प्रभावित करता है, जिससे व्यक्ति पूरे दिन थका हुआ और सुस्त महसूस करता है। गौरतलब है कि यह एक चक्रीय समस्या है — थकान के कारण शारीरिक गतिविधि घटती है, जिससे मोटापा और बढ़ता है।
किन लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि थकान के साथ-साथ वज़न में अचानक वृद्धि, साँस फूलना या भूख न लगना जैसे लक्षण भी दिखाई दें, तो बिना देर किए चिकित्सक से परामर्श लेना आवश्यक है। ये संकेत शरीर में किसी अंतर्निहित चयापचय विकार की ओर इशारा कर सकते हैं जिसका शीघ्र निदान ज़रूरी है।
बचाव के लिए अपनाएँ ये आदतें
NHM ने थकान और सुस्ती से बचाव के लिए कुछ व्यावहारिक सुझाव दिए हैं। नमक का सेवन सीमित रखें क्योंकि अधिक नमक रक्तचाप बढ़ाता है और थकान को बढ़ावा देता है। तेल और घी का उपयोग कम करें और संतुलित, कम वसा वाला भोजन अपनाएँ। चीनी की मात्रा नियंत्रित रखें — अत्यधिक मीठे पदार्थ मोटापे और डायबिटीज को आमंत्रण देते हैं।
रोज़ाना कम से कम 30 से 45 मिनट पैदल चलना, योग या अन्य शारीरिक गतिविधि करना अनिवार्य बताया गया है। विशेष रूप से गर्मियों के मौसम में पर्याप्त मात्रा में पानी पीना ज़रूरी है, क्योंकि निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) भी थकान का एक प्रमुख कारण होता है।
विशेषज्ञों की राय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का स्पष्ट मत है कि छोटी-छोटी स्वस्थ आदतें बड़े रोगों की रोकथाम में निर्णायक भूमिका निभाती हैं। थकान को 'सामान्य' मानकर चलते रहना उचित नहीं है — इसके मूल कारण की पहचान और समय पर उपचार ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य की कुंजी है। जीवनशैली में सुधार और नियमित स्वास्थ्य जाँच से इन बीमारियों को काफी हद तक रोका जा सकता है।