25 अक्टूबर 2026
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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में खसरे का कहर, लोअर दिर में 5 बच्चों की मौत

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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में खसरे का कहर, लोअर दिर में 5 बच्चों की मौत

सारांश

पाकिस्तान के लोअर दिर जिले के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में खसरे ने 2 से 7 साल के पाँच बच्चों की जान ले ली। WHO के अनुसार 2025 में देश में 17,000 से अधिक मामले दर्ज हुए। टीकाकरण की भारी कमी और 'जीरो-डोज' बच्चों की बड़ी तादाद इस संकट की जड़ में है।

मुख्य बातें

पाकिस्तान के लोअर दिर जिले में खसरे से 5 बच्चों की मौत हुई; सभी की उम्र 2 से 7 वर्ष के बीच थी।
प्रभावित इलाके तिमरगारा के घोरा बांदा और खोरा बांदा हैं — दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र।
WHO के अनुसार 2025 में पाकिस्तान में खसरे के 17,000 से अधिक मामले ; प्रति 10 लाख पर 66.65 मामले ।
2026 की पहली तिमाही में देशभर में 4,541 मामले; इनमें 1,712 मामले अकेले खैबर पख्तूनख्वा से।
पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (PMA) ने 'जीरो-डोज' बच्चों की बड़ी संख्या और टीकाकरण कवरेज की कमी पर चिंता जताई है।

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के लोअर दिर जिले में खसरे के प्रकोप ने पाँच मासूम बच्चों की जान ले ली है, जबकि दर्जनों अन्य बच्चे इस अत्यधिक संक्रामक बीमारी की चपेट में आ गए हैं। 25 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस खबर के अनुसार, तिमरगारा शहर के घोरा बांदा और खोरा बांदा जैसे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में संक्रमण तेज़ी से फैल रहा है।

मृत बच्चों की उम्र और लक्षण

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जान गँवाने वाले पाँचों बच्चों की उम्र दो से सात वर्ष के बीच थी। संक्रमित बच्चों में तेज़ बुखार, पूरे शरीर पर चकत्ते और साँस लेने में गंभीर कठिनाई जैसे लक्षण देखे गए हैं। पीड़ित बच्चों को जिले के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ स्वास्थ्यकर्मियों की देखरेख में उनका उपचार जारी है।

प्रशासन की प्रतिक्रिया

घटना की सूचना मिलते ही लोअर दिर के डिप्टी कमिश्नर बशारत अहमद और जिला स्वास्थ्य अधिकारी (DHO) ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। डिप्टी कमिश्नर ने शोकाकुल परिवारों से मुलाक़ात कर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं और आश्वस्त किया कि प्रशासन इस संकट की घड़ी में हर संभव सहायता उपलब्ध कराएगा।

पाकिस्तान में खसरे का व्यापक संकट

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान पहले से ही देशव्यापी खसरे के संकट से जूझ रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आँकड़ों के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में खसरे के 17,000 से अधिक मामले दर्ज किए गए — प्रति 10 लाख लोगों पर 66.65 मामले, जो खसरे के प्रकोप को 'बड़े और गंभीर' स्तर का मानने की निर्धारित सीमा से अधिक है।

स्थानीय समाचार रिपोर्टों के अनुसार, 2026 की पहली तिमाही में देशभर में खसरे के 4,541 मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें से 1,712 मामले अकेले खैबर पख्तूनख्वा से थे। गौरतलब है कि वर्ष के पहले चार महीनों में ही देशभर में 71 बच्चों की मौत हो चुकी थी, जिनमें से 40 बच्चे सिंध प्रांत के थे।

टीकाकरण अभियान की विफलता पर सवाल

पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन (PMA) ने पहले ही देश में वैक्सीन से रोकी जा सकने वाली बीमारियों के बढ़ते बोझ और 'जीरो-डोज' — यानी जिन बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा — वाले बच्चों की बड़ी संख्या पर गहरी चिंता जताई थी। एसोसिएशन के अनुसार पाकिस्तान अभी भी कई देशों से पिछड़ा हुआ है और भारत का उदाहरण देते हुए कहा गया था कि भारत ने व्यापक आउटरीच अभियानों के ज़रिए 90% से अधिक टीकाकरण कवरेज हासिल कर लिया है।

आगे क्या होगा

दुर्गम पहाड़ी भूगोल और स्वास्थ्य अवसंरचना की कमज़ोरियाँ लोअर दिर में प्रकोप-नियंत्रण को कठिन बना रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक दूरदराज के क्षेत्रों में आपातकालीन टीकाकरण अभियान तेज़ नहीं किया जाता, संक्रमण और फैल सकता है। स्वास्थ्य अधिकारियों पर अब दबाव है कि वे आसपास के ज़िलों में भी निगरानी बढ़ाएँ और 'जीरो-डोज' बच्चों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुँचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 मामले और 2026 की पहली तिमाही में 4,541 नए मामले बताते हैं कि यह संकट रुक नहीं रहा, बल्कि गहराता जा रहा है। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि खसरा एक ऐसी बीमारी है जिसे टीके से पूरी तरह रोका जा सकता है — फिर भी 'जीरो-डोज' बच्चों की बड़ी तादाद दर्शाती है कि स्वास्थ्य प्रणाली की पहुँच दुर्गम क्षेत्रों तक नहीं हो पाई है। जब तक राजनीतिक इच्छाशक्ति और संसाधन आवंटन में ठोस बदलाव नहीं होता, ऐसी मौतें होती रहेंगी।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाकिस्तान के लोअर दिर में खसरे से कितने बच्चों की मौत हुई?
लोअर दिर जिले के दुर्गम पहाड़ी इलाकों में खसरे से 5 बच्चों की मौत हुई है। मृत बच्चों की उम्र 2 से 7 वर्ष के बीच बताई गई है और कई अन्य बच्चे अभी भी संक्रमित हैं।
पाकिस्तान में खसरा इतनी तेज़ी से क्यों फैल रहा है?
पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार देश में 'जीरो-डोज' बच्चों की बड़ी संख्या और टीकाकरण कवरेज की भारी कमी इसकी मुख्य वजह है। WHO के आँकड़ों के अनुसार 2025 में देशभर में 17,000 से अधिक मामले दर्ज हुए, जो प्रकोप को 'बड़े और गंभीर' स्तर पर रखता है।
2026 में पाकिस्तान में खसरे के कितने मामले आए हैं?
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार 2026 की पहली तिमाही में देशभर में खसरे के कुल 4,541 मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें से 1,712 मामले अकेले खैबर पख्तूनख्वा से थे।
लोअर दिर प्रशासन ने खसरे के प्रकोप पर क्या कदम उठाए?
लोअर दिर के डिप्टी कमिश्नर बशारत अहमद और जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। डिप्टी कमिश्नर ने शोकाकुल परिवारों से मुलाक़ात कर प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिलाया और पीड़ित बच्चों को जिले के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
क्या भारत में भी खसरे की यही स्थिति है?
नहीं। पाकिस्तान मेडिकल एसोसिएशन के अनुसार भारत ने व्यापक आउटरीच अभियानों के ज़रिए 90% से अधिक टीकाकरण कवरेज हासिल कर लिया है, जो पाकिस्तान की तुलना में काफ़ी बेहतर स्थिति है।
राष्ट्र प्रेस
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