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यूटीआई के शुरुआती लक्षण: पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना — कब जाएं डॉक्टर के पास

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यूटीआई के शुरुआती लक्षण: पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना — कब जाएं डॉक्टर के पास

सारांश

पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना — ये लक्षण मामूली नहीं हैं। यह यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन हो सकता है, जो समय पर ध्यान न देने पर किडनी तक पहुँच सकता है। महिलाओं में जोखिम अधिक, बचाव सरल — पर जागरूकता ज़रूरी है।

मुख्य बातें

यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन में बैक्टीरिया पेशाब की नली से शरीर में प्रवेश कर ब्लैडर और किडनी को प्रभावित कर सकते हैं।
पेशाब में जलन , बार-बार पेशाब आना, धुंधला या गंधयुक्त पेशाब और पेट के निचले हिस्से में भारीपन प्रमुख लक्षण हैं।
बुखार, कमर दर्द, उल्टी के साथ यूटीआई के लक्षण हों तो किडनी संक्रमण की आशंका — तुरंत डॉक्टर से मिलें।
महिलाओं में पुरुषों की तुलना में यूटीआई का खतरा अधिक, कारण छोटा मूत्रमार्ग और हार्मोनल बदलाव।
डायबिटीज और कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में भी जोखिम अधिक।
दिनभर पर्याप्त पानी पीना और स्वच्छता बनाए रखना बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) एक आम लेकिन गंभीर हो सकने वाला संक्रमण है, जिसमें पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना और पेट के निचले हिस्से में भारीपन जैसे संकेत शरीर देने लगता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ करना उचित नहीं है क्योंकि समय पर ध्यान न देने से संक्रमण ब्लैडर से आगे बढ़कर किडनी तक पहुँच सकता है और स्थिति जटिल हो सकती है।

यूटीआई क्या है और यह कैसे होता है

यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी पेशाब की नली और उससे जुड़े अंगों में होने वाला बैक्टीरियल संक्रमण है। जब बैक्टीरिया पेशाब की नली के रास्ते शरीर में प्रवेश करते हैं और वहाँ तेज़ी से बढ़ने लगते हैं, तब यह संक्रमण जन्म लेता है।

यह संक्रमण पेशाब की नली, ब्लैडर अथवा किडनी — तीनों को प्रभावित कर सकता है। आमतौर पर यूटीआई का उपचार सुलभ होता है, परंतु यदि संक्रमण किडनी तक पहुँच जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

यूटीआई के प्रमुख लक्षण

पेशाब करते समय जलन इस संक्रमण का सबसे सामान्य लक्षण माना जाता है। इसके साथ ही बार-बार पेशाब आना और पेशाब करने के बाद भी मूत्राशय के पूरी तरह खाली न होने का एहसास होना भी इसकी पहचान है।

कुछ लोगों में पेशाब से सामान्य से अधिक तीव्र गंध आने लगती है या पेशाब धुंधला दिखाई पड़ सकता है। पेट के निचले हिस्से में दर्द या भारीपन भी देखा जाता है। यदि पेशाब में रक्त दिखे तो यह गंभीर संकेत है और तुरंत चिकित्सकीय परामर्श आवश्यक है।

कब करें तुरंत डॉक्टर से संपर्क

यदि पेशाब में जलन या बार-बार पेशाब आने के साथ-साथ बुखार, ठंड लगना, कमर या पीठ में दर्द, जी मिचलाना या उल्टी जैसे लक्षण भी उपस्थित हों, तो बिना देरी किए चिकित्सक से मिलना चाहिए।

ये लक्षण इस बात का संकेत हो सकते हैं कि संक्रमण ब्लैडर के साथ-साथ किडनी को भी प्रभावित कर रहा है, जो कि अधिक गंभीर स्थिति होती है और जिसमें विशेष उपचार की आवश्यकता पड़ सकती है।

महिलाओं में यूटीआई का खतरा अधिक क्यों

महिलाओं में यूटीआई की समस्या पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती है। इसका मुख्य कारण शरीर की शारीरिक बनावट है — महिलाओं में मूत्रमार्ग (पेशाब बाहर निकालने वाली नली) छोटी होती है, जिससे बैक्टीरिया के लिए ब्लैडर तक पहुँचना आसान हो जाता है।

मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलावों के कारण भी संक्रमण की संभावना बढ़ सकती है। इसके अतिरिक्त, डायबिटीज से पीड़ित लोगों और कमज़ोर रोग-प्रतिरोधक क्षमता वाले व्यक्तियों में भी यूटीआई का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक रहता है।

जो लोग लंबे समय तक पेशाब रोककर रखते हैं या जिनका ब्लैडर किसी कारण से पूरी तरह खाली नहीं हो पाता, उनमें भी बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बना रहता है।

बचाव के उपाय

दिनभर पर्याप्त पानी पीना यूटीआई से बचाव में सहायक माना जाता है। पर्याप्त जलयोजन से बार-बार पेशाब होता है, जिससे बैक्टीरिया बाहर निकलते रहते हैं। पेशाब का आग्रह होने पर उसे अनावश्यक रूप से नहीं रोकना चाहिए।

व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना भी संक्रमण से बचाव में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। किसी भी प्रकार के लक्षण दिखने पर स्वयं दवाएं लेने के बजाय चिकित्सक की सलाह लेना सबसे उचित विकल्प है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी भारत में इसे अक्सर शर्म या लापरवाही के कारण नज़रअंदाज़ किया जाता है, जिसका परिणाम किडनी को नुकसान पहुँचाने वाले जटिल मामलों में होता है। महिलाओं में जागरूकता की कमी और 'सामान्य थकान' मानकर टालने की प्रवृत्ति इस संक्रमण को घातक बनाती है। स्वास्थ्य तंत्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर यूटीआई की त्वरित जाँच और उपचार को सुलभ बनाना चाहिए, ताकि मरीज़ महंगे विशेषज्ञ के पास पहुँचने से पहले ही सही इलाज पा सकें।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूटीआई क्या है और यह क्यों होता है?
यूटीआई यानी यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन एक बैक्टीरियल संक्रमण है जो पेशाब की नली, ब्लैडर या किडनी को प्रभावित करता है। जब बैक्टीरिया मूत्रमार्ग के रास्ते शरीर के अंदर पहुँचकर बढ़ने लगते हैं, तब यह संक्रमण उत्पन्न होता है।
यूटीआई के मुख्य लक्षण कौन-से हैं?
पेशाब करते समय जलन, बार-बार पेशाब आना, पेशाब के बाद भी मूत्राशय भरा लगना, धुंधला या तीव्र गंध वाला पेशाब और पेट के निचले हिस्से में भारीपन यूटीआई के प्रमुख लक्षण हैं। पेशाब में रक्त दिखना अधिक गंभीर संकेत है।
यूटीआई में डॉक्टर के पास कब जाना चाहिए?
यदि पेशाब में जलन के साथ-साथ बुखार, ठंड लगना, कमर या पीठ में दर्द, जी मिचलाना या उल्टी हो, तो तुरंत चिकित्सक से मिलें। ये लक्षण संकेत देते हैं कि संक्रमण किडनी तक पहुँच सकता है, जो अधिक गंभीर स्थिति है।
महिलाओं में यूटीआई का खतरा पुरुषों से अधिक क्यों होता है?
महिलाओं का मूत्रमार्ग पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया के लिए ब्लैडर तक पहुँचना आसान हो जाता है। मेनोपॉज के बाद हार्मोनल बदलाव भी संक्रमण की संभावना बढ़ाते हैं।
यूटीआई से बचाव के लिए क्या करें?
दिनभर पर्याप्त पानी पीना, पेशाब को देर तक न रोकना और व्यक्तिगत स्वच्छता बनाए रखना यूटीआई से बचाव के मुख्य उपाय हैं। डायबिटीज रोगियों और कमज़ोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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