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किडनी की समस्याओं के पहले संकेत: जानें कैसे पहचानें और बचें गंभीर बीमारियों से

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किडनी की समस्याओं के पहले संकेत: जानें कैसे पहचानें और बचें गंभीर बीमारियों से

सारांश

किडनी स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जानें कैसे शरीर किडनी की समस्याओं के संकेत देता है और इन्हें पहचानकर गंभीर बीमारियों से कैसे बचा जा सकता है।

मुख्य बातें

किडनी स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
समय पर संकेत पहचानना जरूरी है।
पेशाब के रंग और मात्रा में बदलाव पर ध्यान दें।
उच्च रक्तचाप से किडनी प्रभावित हो सकती है।
स्वस्थ जीवनशैली से किडनी की देखभाल करें।

नई दिल्ली, १२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। किडनी हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो चुपचाप अपनी कार्यप्रणाली जारी रखता है। लेकिन जब इसमें कोई समस्या उत्पन्न होती है, तो शरीर धीरे-धीरे विभिन्न प्रकार के संकेत देना शुरू कर देता है। यदि इन संकेतों को समय पर पहचान लिया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

किडनी का प्रमुख कार्य शरीर में रक्त को शुद्ध करना है। यह शरीर से गंदगी और अतिरिक्त तरल पदार्थ को पेशाब के माध्यम से बाहर निकालती है। जब किडनी ठीक से कार्य नहीं करती, तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

किडनी के खराब होने का एक प्रारंभिक संकेत बार-बार पेशाब आना हो सकता है। कई लोग इसे सामान्य मानते हैं, लेकिन यदि अचानक पेशाब की मात्रा में वृद्धि हो जाए या रात में कई बार पेशाब के लिए उठना पड़े, तो यह एक चेतावनी संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कभी-कभी यह स्थिति क्रोनिक किडनी डिजीज के प्रारंभिक संकेत हो सकती है। इसलिए यदि यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

इसके अतिरिक्त, पेशाब में झाग आना या पेशाब के रंग में परिवर्तन भी किडनी की समस्याओं का संकेत हो सकता है। यदि पेशाब में झाग बन रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि शरीर से प्रोटीन बाहर निकल रहा है। सामान्य स्थिति में किडनी प्रोटीन को शरीर के अंदर बनाए रखती है, लेकिन यदि किडनी के फ़िल्टर कमजोर हो जाते हैं, तो प्रोटीन पेशाब के साथ बाहर जाने लगता है। कुछ मामलों में पेशाब में रक्त भी दिखाई दे सकता है, और ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना आवश्यक होता है।

जब किडनी की कार्यक्षमता कम होती है, तो शरीर में सूजन उत्पन्न हो सकती है। विशेष रूप से पैरों, टखनों और आंखों के आसपास सूजन आना इस बात का संकेत हो सकता है कि किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पा रही है। जब यह तरल पदार्थ शरीर में जमा होने लगता है, तो सूजन बढ़ जाती है। कई लोग इसे सामान्य थकान या मौसम का प्रभाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन लगातार सूजन बनी रहना चिंताजनक हो सकता है।

किडनी की समस्याओं में त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। जब किडनी शरीर से गंदे तत्वों को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती, तो खून में यूरिया जैसे तत्वों की मात्रा बढ़ने लगती है। इसका प्रभाव त्वचा पर भी पड़ सकता है, जिससे खुजली, रूखापन या जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

इसके अलावा, उच्च रक्तचाप भी किडनी से गहराई से जुड़ा हुआ है। यदि रक्तचाप लंबे समय तक नियंत्रित नहीं रहता, तो यह किडनी के फ़िल्टर को नुकसान पहुंचा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है। एक स्वस्थ जीवन के लिए किडनी की देखभाल करना आवश्यक है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

किडनी की समस्याओं के शुरुआती संकेत क्या हैं?
बार-बार पेशाब आना, पेशाब का रंग बदलना और शरीर में सूजन किडनी की समस्याओं के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
किडनी की समस्याओं से कैसे बचा जा सकता है?
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और समय पर चिकित्सक से सलाह लेकर किडनी की समस्याओं से बचा जा सकता है।
किडनी खराब होने पर क्या करना चाहिए?
अगर किसी को किडनी से संबंधित समस्याएं महसूस होती हैं, तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।
उच्च रक्तचाप का किडनी पर क्या प्रभाव है?
लंबे समय तक उच्च रक्तचाप किडनी के फ़िल्टर को नुकसान पहुंचा सकता है।
किडनी की देखभाल कैसे करें?
पर्याप्त पानी पीना, सही आहार लेना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना किडनी की देखभाल के लिए महत्वपूर्ण है।
राष्ट्र प्रेस
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