प्रोटीन सप्लीमेंट लेकर भी शरीर नहीं बन रहा? जानें इसके पीछे के कारण
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 22 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। यह सभी को पता है कि प्रोटीन शरीर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मांसपेशियों के विकास से लेकर कोशिकाओं के निर्माण तक, प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
आहार में प्रोटीन की कमी को पूरा करने के लिए युवा सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं। आजकल व्हे प्रोटीन युवाओं की पहली पसंद बन चुका है, लेकिन कई बार व्हे प्रोटीन का सेवन करने के बावजूद वजन नहीं बढ़ता और न ही मांसपेशियां मजबूत होती हैं। लेकिन इसका कारण क्या है?
बॉडी बनाने और प्रोटीन की मात्रा को पूरा करने के लिए व्हे प्रोटीन एक अच्छा विकल्प है, लेकिन उसका शरीर में सही तरीके से अवशोषण होना भी जरूरी है। व्हे प्रोटीन लेने पर अक्सर लोग पेट फूलने, भारीपन और गैस की समस्या की शिकायत करते हैं। इसका कारण यह है कि शरीर प्रोटीन को सही तरीके से पचा नहीं पा रहा। आयुर्वेद के अनुसार, इसका कारण मंद जठराग्नि है। प्रोटीन को तोड़ने में पेट को बहुत मेहनत और ऊर्जा लगती है। यदि जठराग्नि कमजोर है तो पाचन ठीक से नहीं हो पाता और प्रोटीन शरीर में सड़ने लगता है, जिससे टॉक्सिन्स की समस्या बढ़ जाती है।
अब सवाल यह है कि प्रोटीन को आसानी से कैसे पचाया जा सकता है। आयुर्वेद में काली मिर्च और अदरक को पाचन शक्ति का सच्चा रक्षक माना जाता है। यदि आप प्रोटीन के साथ काली मिर्च और अदरक का चुटकीभर चूर्ण मिला लें, तो प्रोटीन को पचाने में ज्यादा मेहनत नहीं लगेगी। इससे शरीर में प्रोटीन का अवशोषण 30 प्रतिशत तक बढ़ जाएगा और पेट में भारीपन की समस्या भी नहीं होगी।
पपीता और अनानास भी प्रोटीन को पचाने में सहायक हो सकते हैं। पपीते में पैपेन नाम का एंजाइम होता है, जबकि अनानास में ब्रोमेलैन पाया जाता है। ये दोनों एंजाइम प्रोटीन को तोड़ने में मदद करते हैं। इसलिए अपने आहार में पपीता और अनानास को अवश्य शामिल करें।
प्रोटीन को पचाने में आयुर्वेदिक पाउडर त्रिकुट का सेवन भी लाभकारी है। इसमें अदरक, काली मिर्च और पीपली होती हैं, जो मंद पड़ी पाचन अग्नि को तेज करती हैं। इसके साथ ही अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। यदि नींद गहरी और शांत होती है, तो शरीर में प्रोटीन का अवशोषण अच्छे से होता है। इसलिए यदि आप प्रोटीन के लिए सप्लीमेंट का उपयोग करते हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें।