सलाद के सेवन के गलत तरीके: सेहत पर पड़ सकते हैं नकारात्मक प्रभाव
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जैसे-जैसे गर्मियों का मौसम शुरू होता है, वैसे-वैसे सलाद का सेवन बढ़ जाता है। सलाद में फाइबर, खनिज और विटामिन प्रचुर मात्रा में होते हैं, जो शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होते हैं। लेकिन, यदि सलाद को गलत तरीके से खाया जाए तो इसके पोषक तत्व घट सकते हैं। यही वजह है कि आयुर्वेद में आहार के सेवन का सही समय और तरीका बताया गया है।
अधिकतर लोग सलाद में ज्यादा नमक, चाट मसाला, या नींबू डालकर खाना पसंद करते हैं, लेकिन ऐसा करने से सलाद के पोषक तत्व कम हो जाते हैं, जिससे केवल फाइबर ही रह जाता है। यदि आप भी इस तरह सलाद का सेवन करते हैं, तो आपके शरीर को इसके असली पोषण से वंचित रहना पड़ सकता है। आयुर्वेद के अनुसार, सलाद का सेवन उसके प्राकृतिक रूप में करना चाहिए। सलाद को छोटे टुकड़ों में काटकर मिला लें और स्वाद बढ़ाने के लिए हरी मिर्च या काली मिर्च का इस्तेमाल करें। इसके अलावा, सलाद में हरा धनिया और कच्चा नारियल ज़रूर शामिल करें; यह इसके पोषक गुणों को और भी बढ़ा देता है।
कुछ व्यक्तियों को कच्ची सलाद के कारण पाचन में समस्या का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में, सलाद को स्टीमर की मदद से हल्का उबालने पर विचार करें। सलाद को सीधे पानी में नहीं उबाला जाना चाहिए, बल्कि स्टीमर से पकाना चाहिए। ऐसा करने से सलाद के पोषक तत्व सुरक्षित रहेंगे और पाचन में भी सहूलियत होगी।
सलाद में नींबू, नमक, मैगी मसाला और चाट मसाला जैसी चीजें डालने से बचें। ऐसा करने से शरीर में सोडियम की मात्रा अनजाने में बढ़ जाती है, क्योंकि हम पहले से ही अपने भोजन में नमक और मिर्च ले रहे होते हैं। इसलिए, सलाद को खाने के साथ लेने से बचें। भारतीय थाली में सलाद आमतौर पर भोजन के साथ लिया जाता है, किंतु कोशिश करें कि खाना खाने से 1 घंटा पहले सलाद का सेवन करें, ताकि शरीर को पूर्ण पोषण मिले और भूख भी बढ़े।
सलाद का सेवन वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है; यह पाचन को सही रखता है, आंखों की रोशनी को बढ़ाता है, और हृदय स्वास्थ्य को भी बनाए रखता है।