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क्या आप अपनी रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाना चाहते हैं? आज ही शामिल करें तिर्यक भुजंगासन

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क्या आप अपनी रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाना चाहते हैं? आज ही शामिल करें तिर्यक भुजंगासन

सारांश

तनाव और शारीरिक समस्याओं से राहत पाने के लिए तिर्यक भुजंगासन एक प्रभावी उपाय है। यह आसन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, पीठ के दर्द को कम करने और अन्य स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। इसे सभी आयु वर्ग के लोग आसानी से कर सकते हैं।

मुख्य बातें

तिर्यक भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाता है।
यह पीठ और गर्दन के दर्द को कम करने में मददगार है।
इससे फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है।
यह मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं में राहत देता है।
यह तनाव को कम करता है और कमर की चर्बी घटाने में सहायक है।

नई दिल्ली, २५ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। आज के त्वरित जीवन में तनाव, पीठ दर्द और पेट की समस्याएं एक सामान्य स्थिति बन गई हैं। थोड़ी सी लापरवाही से ये समस्याएं बढ़ सकती हैं। मोरारजी देसाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ योगा के अनुसार, शारीरिक या मानसिक समस्याओं का समाधान योगासन में है।

योग विशेषज्ञों के अनुसार, हेल्दी डाइट के साथ-साथ 'तिर्यक भुजंगासन' का नियमित अभ्यास करने से कई शारीरिक समस्याओं में काफी हद तक राहत मिल सकती है। यह एक ऐसा आसन है जिसे पेट के बल लेटकर किया जाता है, इसलिए इसे शुरुआती लोग भी आसानी से कर सकते हैं।

आयुष मंत्रालय ने इस आसन के महत्व को उजागर किया है। उनके अनुसार, तिर्यक भुजंगासन (ट्विस्टिंग कोबरा पोज़) रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने, पीठ और गर्दन के दर्द को कम करने, फेफड़ों को मजबूत करने और पेट के अंगों (जैसे यकृत और पाचन) को उत्तेजित करने में बहुत प्रभावी है। यह कंधों के तनाव को भी कम करता है और मासिक धर्म से संबंधित समस्याओं में भी लाभकारी होता है।

यह आसन तनाव को कम करता है और कमर की चर्बी को घटाने में मदद करता है। हालाँकि, इसके साथ ही आपको नियमित स्वास्थ्य आहार का पालन भी करना चाहिए।

इस आसन को करना बहुत आसान है। सबसे पहले, पेट के बल लेट जाएं। दोनों पैरों के बीच थोड़ा गैप रखें। दोनों हाथों की हथेलियों को कंधों के पास फर्श पर रखें, जैसे कि भुजंगासन में रखते हैं। कोहनियां शरीर को छूती होनी चाहिए। अब गहरी सांस लें और धीरे-धीरे छाती और ऊपरी हिस्से को ऊपर उठाएं। कमर से नीचे का हिस्सा फर्श पर ही रहना चाहिए। फिर सांस छोड़ते हुए सिर और धड़ को दाईं ओर घुमाएं। कोशिश करें कि बाईं एड़ी या पैर को दाहिने कंधे के ऊपर से देख सकें। जितना आरामदायक हो उतना ही ट्विस्ट करें। अपनी क्षमता के अनुसार इस स्थिति पर रहें और सामान्य सांस लेते रहें। फिर सांस लेते हुए सीधे हो जाएं और ऊपर की ओर देखें। इसी तरह बाईं ओर भी दोहराएं।

योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस आसन से पूरे शरीर को शारीरिक समस्याओं से राहत मिल सकती है, लेकिन पीठ में गंभीर चोट, हर्निया या पेट की सर्जरी के बाद इस आसन का अभ्यास करने से बचें।

संपादकीय दृष्टिकोण

तिर्यक भुजंगासन एक महत्वपूर्ण योगासन है जो शारीरिक समस्याओं के समाधान के लिए सरल और प्रभावी है। यह न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार करता है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाता है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तिर्यक भुजंगासन क्या है?
तिर्यक भुजंगासन एक योगासन है जो पेट के बल लेटकर किया जाता है और यह रीढ़ की हड्डी को लचीला बनाने में मदद करता है।
क्या यह आसन सभी के लिए सही है?
हाँ, यह आसन अधिकांश लोगों के लिए सही है, लेकिन गंभीर पीठ की समस्या वाले लोगों को इसे करने से पहले डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
इस आसन को करने में कितना समय लगता है?
तिर्यक भुजंगासन को करने में लगभग 5-10 मिनट का समय लगता है।
क्या इसे दैनिक रूप से किया जा सकता है?
हाँ, इसे दैनिक रूप से करने से शरीर में लचीलापन और स्वास्थ्य में सुधार होता है।
क्या तिर्यक भुजंगासन से वजन कम किया जा सकता है?
यह आसन कमर की चर्बी को कम करने में मदद करता है, लेकिन इसके साथ-साथ संतुलित आहार का पालन भी आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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