8 नवंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यूपी एनएचएम की सलाह: समोसा-चिप्स छोड़ें, भुने चने-फल अपनाएं — जानें सही स्नैक चुनने का तरीका

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यूपी एनएचएम की सलाह: समोसा-चिप्स छोड़ें, भुने चने-फल अपनाएं — जानें सही स्नैक चुनने का तरीका

सारांश

उत्तर प्रदेश एनएचएम ने एक्स पर पोस्ट कर चेताया — रोज़ समोसा, चिप्स और मिठाई खाना वज़न और ब्लड प्रेशर बढ़ा सकता है। इसकी जगह फल, भुने चने, ड्राई फ्रूट्स और सलाद चुनें। WHO भी अधिक चीनी सीमित करने की सलाह देता है।

मुख्य बातें

उत्तर प्रदेश एनएचएम ने 9 अगस्त 2026 को एक्स पर पोस्ट कर स्वस्थ स्नैक चुनने की अपील की।
समोसा, चिप्स और नमकीन में अधिक तेल व नमक से अतिरिक्त कैलोरी और ब्लड प्रेशर बढ़ने का जोखिम।
WHO भी अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करने की सलाह देता है।
भुने चने में प्रोटीन और फाइबर; बादाम-अखरोट हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी — लेकिन सीमित मात्रा में।
सेब, अमरूद, संतरा, पपीता, केला और फ्रेश सलाद को सर्वश्रेष्ठ विकल्प बताया गया।

उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने 9 अगस्त 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर लोगों से रोज़मर्रा के नाश्ते में बेहतर विकल्प चुनने की अपील की है। एनएचएम के अनुसार, समोसा, चिप्स, नमकीन, मिठाई और पेस्ट्री जैसे प्रचलित स्नैक्स की जगह फल, भुने चने, ड्राई फ्रूट्स और सलाद को प्राथमिकता देने से शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व मिलते हैं और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम कम होते हैं।

तले-भुने स्नैक्स से क्या नुकसान

एनएचएम के मुताबिक, समोसा, चिप्स और नमकीन जैसे खाद्य पदार्थों में तेल और नमक की मात्रा अधिक होती है। तलने की प्रक्रिया में इनमें भारी मात्रा में तेल अवशोषित हो जाता है, जिससे थोड़ी मात्रा में सेवन पर भी शरीर को अतिरिक्त कैलोरी मिलती है। इससे धीरे-धीरे वज़न बढ़ने की आशंका रहती है।

इसके अलावा, अधिक नमक के सेवन से शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ती है, जो ब्लड प्रेशर पर प्रतिकूल असर डाल सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक उच्च रक्तचाप बने रहने से हृदय और किडनी पर भी दबाव बढ़ता है। एनएचएम ने स्पष्ट किया कि इन चीज़ों को पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं, बल्कि इन्हें कभी-कभार और सीमित मात्रा में लेना उचित है।

मिठाई और पेस्ट्री पर विशेषज्ञों की राय

मिठाई और पेस्ट्री में चीनी के साथ-साथ तेल या मक्खन की मात्रा भी अधिक होती है। अत्यधिक चीनी के सेवन से शरीर को ज़रूरत से ज़्यादा कैलोरी मिलती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करने की सलाह देता है। एनएचएम ने रेखांकित किया कि मिठाई को रोज़ाना के नाश्ते का हिस्सा बनाने से बचना चाहिए, हालांकि इसे पूरी तरह वर्जित नहीं माना गया है।

स्वस्थ विकल्प: क्या खाएं

एनएचएम ने ताज़े फलों को सबसे अच्छा विकल्प बताया है। सेब, अमरूद, संतरा, पपीता और केला जैसे फलों में फाइबर, विटामिन और अन्य ज़रूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते हैं। फाइबर पेट को देर तक भरा रखने में मदद करता है और नियमित फल-सब्जी सेवन से हृदय रोगों का जोखिम कम होता है।

भुने चने को भी एक आदर्श स्नैक बताया गया है। इनमें प्रोटीन और फाइबर दोनों अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों के लिए ज़रूरी हैं और बार-बार भूख लगने की इच्छा को कम करते हैं। ड्राई फ्रूट्स — विशेषकर बादाम, अखरोट और काजू — में वसा, प्रोटीन और फाइबर का संतुलन होता है। अखरोट और बादाम को हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है, हालांकि इनमें कैलोरी अधिक होने के कारण इन्हें सीमित मात्रा में लेने की सलाह दी जाती है।

फ्रेश सलाद में खीरा, टमाटर, गाजर और अन्य कच्ची सब्जियाँ शामिल की जा सकती हैं। इनमें पानी, फाइबर, विटामिन और पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा होती है, जबकि कैलोरी तुलनात्मक रूप से कम होती है।

आम जनता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब भारत में मोटापा, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं। एनएचएम की यह पहल उत्तर प्रदेश की बड़ी आबादी को जागरूक करने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है। गौरतलब है कि छोटे-छोटे आहार परिवर्तन भी दीर्घकाल में स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

क्या होगा आगे

एनएचएम की सोशल मीडिया जागरूकता अभियान की यह कड़ी स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन सुझावों को दैनिक जीवन में अपनाने से पहले व्यक्तिगत स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार पोषण विशेषज्ञ से परामर्श लेना उचित रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सोशल मीडिया जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन के बीच की खाई को पाटना अभी बाकी है। भारत में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक्स की खपत तेज़ी से बढ़ रही है और इसके पीछे केवल जानकारी की कमी नहीं, बल्कि सस्ते जंक फूड की सहज उपलब्धता भी है। जब तक नीति-स्तर पर स्वस्थ विकल्पों को सुलभ और किफायती नहीं बनाया जाता, तब तक 'फल खाएं' जैसी सलाहें आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों तक सीमित असर ही डालेंगी। एनएचएम को डिजिटल अभियान के साथ-साथ ज़मीनी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के माध्यम से सामुदायिक स्तर पर भी यह संदेश पहुँचाना होगा।
RashtraPress
8 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूपी एनएचएम ने स्वस्थ स्नैक के बारे में क्या सलाह दी है?
उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने एक्स पर पोस्ट कर सलाह दी है कि समोसा, चिप्स, नमकीन, मिठाई और पेस्ट्री की जगह फल, भुने चने, ड्राई फ्रूट्स और सलाद को प्राथमिकता दें। ये विकल्प शरीर को ज़रूरी पोषक तत्व देते हैं और वज़न नियंत्रण में सहायक हैं।
रोज़ चिप्स और नमकीन खाने से क्या नुकसान होता है?
इनमें अधिक तेल और नमक होता है, जिससे अतिरिक्त कैलोरी मिलती है और धीरे-धीरे वज़न बढ़ता है। अधिक सोडियम से ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, जो लंबे समय में हृदय और किडनी को नुकसान पहुँचा सकता है।
भुने चने को स्वस्थ स्नैक क्यों माना जाता है?
भुने चने में प्रोटीन और फाइबर दोनों अच्छी मात्रा में होते हैं। प्रोटीन मांसपेशियों के लिए ज़रूरी है और फाइबर पेट को देर तक भरा रखता है, जिससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम होती है।
ड्राई फ्रूट्स खाने के फायदे और सावधानियाँ क्या हैं?
बादाम, अखरोट और काजू में वसा, प्रोटीन और फाइबर का संतुलन होता है और इन्हें हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। हालांकि इनमें कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना उचित है।
WHO मिठाई और चीनी के बारे में क्या कहता है?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अधिक चीनी वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करने की सलाह देता है, क्योंकि इनसे शरीर को ज़रूरत से अधिक कैलोरी मिलती है और वज़न बढ़ने का जोखिम रहता है। मिठाई को पूरी तरह छोड़ने की ज़रूरत नहीं, लेकिन इसे रोज़ाना के नाश्ते का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 7 महीने पहले
  4. 7 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले