28 जून 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

युवाओं में कैंसर का बढ़ता खतरा: नेचर मेडिसिन अध्ययन में 'तेज जैविक उम्र बढ़ने' का संबंध उजागर

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
युवाओं में कैंसर का बढ़ता खतरा: नेचर मेडिसिन अध्ययन में 'तेज जैविक उम्र बढ़ने' का संबंध उजागर

सारांश

नेचर मेडिसिन में छपे नए शोध का निष्कर्ष चौंकाने वाला है — नई पीढ़ियाँ जैविक रूप से पहले से कहीं तेज़ बूढ़ी हो रही हैं, और यही युवाओं में कैंसर के बढ़ते मामलों की एक बड़ी वजह हो सकती है। 1,54,000 से अधिक लोगों के डेटा पर आधारित इस अध्ययन में अर्ली-ऑनसेट ट्यूमर का जोखिम 15% अधिक पाया गया।

मुख्य बातें

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन का अध्ययन प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर मेडिसिन में प्रकाशित हुआ।
नई पीढ़ियाँ पिछली पीढ़ियों की तुलना में जैविक रूप से तेज़ी से उम्रदराज हो रही हैं — यह प्रवृत्ति UK और अमेरिका दोनों में देखी गई।
अध्ययन में UK के 1,54,000+ और अमेरिका के 10,000+ प्रतिभागियों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया गया।
सबसे अधिक जैविक उम्र वाले व्यक्तियों में शुरुआती चरण के ठोस ट्यूमर का जोखिम लगभग 15% अधिक पाया गया।
तेज़ जैविक उम्र वाली प्रतिरक्षा प्रणाली फेफड़ों के कैंसर से और वसा ऊतक की तेज़ उम्र कोलोरेक्टल कैंसर से जुड़ी पाई गई।
मोटापा, प्रोसेस्ड फूड, नींद की कमी, तनाव और प्रदूषण को जैविक उम्र बढ़ाने के संभावित कारकों में गिना गया।

वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन, सेंट लुइस के शोधकर्ताओं ने प्रतिष्ठित पत्रिका नेचर मेडिसिन में प्रकाशित एक नए अध्ययन में चेतावनी दी है कि नई पीढ़ियाँ जैविक रूप से पिछली पीढ़ियों की तुलना में कहीं अधिक तेज़ गति से उम्रदराज हो रही हैं। शोध के अनुसार, यह त्वरित जैविक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया 55 वर्ष या उससे कम आयु में कैंसर के बढ़ते मामलों — जिसे चिकित्सा जगत में 'अर्ली-ऑनसेट कैंसर' कहा जाता है — से गहरे रूप से जुड़ी हो सकती है। यह अध्ययन उस समय आया है जब वैश्विक स्तर पर युवाओं में कोलोरेक्टल, फेफड़े और गर्भाशय के कैंसर के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

अध्ययन की पद्धति और डेटा

शोधकर्ताओं ने दो बड़े स्वास्थ्य डेटासेट का विश्लेषण किया — यूनाइटेड किंगडम के 1,54,000 से अधिक और संयुक्त राज्य अमेरिका के 10,000 से अधिक प्रतिभागियों का डेटा। रक्त में मौजूद ऐसे बायोमार्कर की जाँच की गई जो मेटाबॉलिज्म, अंगों की कार्यक्षमता और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को दर्शाते हैं। इसके अतिरिक्त, शरीर के विभिन्न अंगों और ऊतकों से जुड़े प्रोटीन का भी विश्लेषण किया गया, जिससे यह पता चला कि प्रतिरक्षा प्रणाली और वसा ऊतक जैसे हिस्से सबसे तेज़ी से उम्रदराज हो रहे हैं।

क्रोनोलॉजिकल बनाम जैविक उम्र: क्या है अंतर

अध्ययन में क्रोनोलॉजिकल एज (जन्म के बाद बीते वर्ष) और बायोलॉजिकल एज (शरीर के अंगों की वास्तविक कार्यक्षमता) के बीच के अंतर को केंद्र में रखा गया। दो व्यक्तियों की वास्तविक आयु समान हो सकती है, परंतु उनकी जैविक उम्र भिन्न हो सकती है — और यही भिन्नता स्वास्थ्य जोखिमों का एक प्रमुख संकेतक बन सकती है। गौरतलब है कि पहले कैंसर के युवा मामलों को केवल जीवनशैली या आनुवंशिक कारणों से जोड़ा जाता था, किंतु यह शोध गहरे जैविक कारणों की ओर ध्यान खींचता है।

मुख्य निष्कर्ष: कैंसर जोखिम से सीधा संबंध

अध्ययन के परिणामों में पाया गया कि जिन प्रतिभागियों की जैविक उम्र अधिक तेज़ी से बढ़ रही थी, उनमें कम उम्र में कैंसर विकसित होने का जोखिम भी अधिक था। सबसे अधिक जैविक उम्र वाले व्यक्तियों में शुरुआती चरण के ठोस ट्यूमर का जोखिम लगभग 15 प्रतिशत अधिक पाया गया। विशेष रूप से, जिनकी प्रतिरक्षा प्रणाली अपेक्षा से अधिक उम्रदराज थी, उनमें फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ा हुआ था; जबकि वसा ऊतक प्रणाली के तेज़ी से उम्रदराज होने पर कोलोरेक्टल कैंसर की संभावना अधिक देखी गई। यह प्रवृत्ति अमेरिका और ब्रिटेन — दोनों में समान रूप से सामने आई।

नई पीढ़ी तेज़ी से क्यों बूढ़ी हो रही है

शोधकर्ताओं के अनुसार, इसके पीछे कई कारण मिलकर काम कर सकते हैं। आधुनिक जीवनशैली में मोटापे का बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस और फैटी लिवर जैसी मेटाबॉलिक समस्याएँ, और अत्यधिक प्रोसेस्ड व शुगर युक्त आहार इसमें भूमिका निभा सकते हैं। इसके अलावा, शारीरिक गतिविधि में कमी, लंबे समय तक बैठकर काम करना, नींद की कमी, मानसिक तनाव और पर्यावरणीय प्रदूषण भी जैविक उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज़ कर सकते हैं।

शोध की सीमाएँ और आगे की राह

शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन यह सिद्ध नहीं करता कि तेज़ जैविक उम्र बढ़ना सीधे तौर पर कैंसर का कारण है — बल्कि यह दोनों के बीच एक मज़बूत सहसंबंध को रेखांकित करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दिशा में और गहन शोध आवश्यक है ताकि यह समझा जा सके कि आधुनिक जीवनशैली और पर्यावरण किस प्रकार शरीर की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को प्रभावित करते हैं और कैंसर की रोकथाम के लिए नए हस्तक्षेप विकसित किए जा सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

न ही सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति में 'जैविक उम्र' की कोई जगह है। जब देश में अर्ली-ऑनसेट कैंसर के मामले बढ़ रहे हों और स्क्रीनिंग बुनियादी ढाँचा अभी भी कमज़ोर हो, तो इस शोध को केवल पश्चिमी संदर्भ में देखना पर्याप्त नहीं होगा।
RashtraPress
28 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैविक उम्र और वास्तविक उम्र में क्या अंतर है?
वास्तविक (क्रोनोलॉजिकल) उम्र केवल जन्म के बाद बीते वर्षों को दर्शाती है, जबकि जैविक उम्र यह बताती है कि शरीर के अंग कितने स्वस्थ और कार्यक्षम हैं। दो व्यक्तियों की वास्तविक आयु समान होने पर भी उनकी जैविक उम्र भिन्न हो सकती है, जो उनके स्वास्थ्य जोखिमों का बेहतर संकेत देती है।
नेचर मेडिसिन के अध्ययन में कैंसर का जोखिम कितना अधिक पाया गया?
अध्ययन के अनुसार, सबसे अधिक जैविक उम्र वाले व्यक्तियों में शुरुआती चरण के ठोस ट्यूमर विकसित होने का जोखिम लगभग 15 प्रतिशत अधिक पाया गया। यह संबंध यूके और अमेरिका — दोनों के डेटा में समान रूप से देखा गया।
अर्ली-ऑनसेट कैंसर क्या होता है और इसके कौन-से प्रकार युवाओं में बढ़ रहे हैं?
चिकित्सा जगत में 55 वर्ष या उससे कम आयु में होने वाले कैंसर को 'अर्ली-ऑनसेट कैंसर' कहा जाता है। पिछले कुछ दशकों में युवाओं में कोलोरेक्टल (आंतों का कैंसर), फेफड़ों का कैंसर और गर्भाशय का कैंसर — इन सभी के मामलों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नई पीढ़ियाँ जैविक रूप से तेज़ी से क्यों बूढ़ी हो रही हैं?
शोधकर्ताओं के अनुसार इसके पीछे कई कारण मिलकर काम कर सकते हैं — जिनमें मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस, फैटी लिवर, अत्यधिक प्रोसेस्ड व शुगर युक्त आहार, शारीरिक गतिविधि में कमी, नींद की कमी, मानसिक तनाव और पर्यावरणीय प्रदूषण शामिल हैं।
क्या यह अध्ययन साबित करता है कि जैविक उम्र बढ़ने से सीधे कैंसर होता है?
नहीं। शोधकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि यह अध्ययन तेज़ जैविक उम्र और कैंसर के बीच कार्य-कारण संबंध नहीं, बल्कि एक मज़बूत सहसंबंध दर्शाता है। इस दिशा में और गहन शोध आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 7 महीने पहले
  3. 9 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले