शांगहाई में नौवें सीआईआईई का आगाज़: 162 देश, 4,142 कंपनियाँ, ₹8,300 करोड़ के समझौते
सारांश
मुख्य बातें
शांगहाई के राष्ट्रीय प्रदर्शनी एवं कन्वेंशन सेंटर में 5 नवंबर 2026 को नौवें चीन अंतर्राष्ट्रीय आयात एक्सपो (सीआईआईई) का भव्य उद्घाटन हुआ। 162 देशों, क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों की भागीदारी के साथ इस वर्ष यह आयोजन अब तक के सबसे बड़े स्वरूप में सामने आया है। 5 से 10 नवंबर तक चलने वाले इस छह दिवसीय महाकुंभ में 4,142 विदेशी कंपनियाँ अपने उत्पाद, तकनीक और निवेश संभावनाएँ लेकर उपस्थित हैं।
आयोजन का विस्तार और नई उपलब्धियाँ
इस वर्ष सीआईआईई का व्यावसायिक प्रदर्शनी क्षेत्र पहली बार 3 लाख 70 हजार वर्ग मीटर से अधिक हो गया है, जो पिछले संस्करणों की तुलना में एक महत्वपूर्ण विस्तार है। कई कंपनियाँ ऐसे उत्पाद प्रस्तुत कर रही हैं जिन्हें पहली बार चीन या अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में प्रदर्शित किया जा रहा है, जिससे यह मंच वैश्विक नवाचार के लिए एक अग्रिम मंच के रूप में उभर रहा है। गौरतलब है कि सीआईआईई की स्थापना 2018 में हुई थी और तब से यह प्रतिवर्ष वैश्विक व्यापार संवाद का केंद्र बनता जा रहा है।
तकनीक और नवाचार की धूम
प्रदर्शनी के पहले दिन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), 6जी तकनीक, सर्जिकल रोबोट, चिकित्सा उपकरण और स्मार्ट औद्योगिक समाधान आगंतुकों के आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अलावा खाद्य एवं कृषि उत्पाद, उपभोक्ता वस्तुएँ, ऑटोमोबाइल और सेवा व्यापार के अलग-अलग खंड भी कारोबारी प्रतिनिधियों का ध्यान खींच रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का पुनर्गठन और तकनीकी प्रतिस्पर्धा दुनिया के व्यापारिक एजेंडे पर हावी है।
कारोबारी समझौते और राष्ट्रीय पवेलियन
पहले दिन ही महत्वपूर्ण व्यापारिक समझौते भी सामने आए। कज़ाकिस्तान की कंपनियों ने चीन के साथ लगभग 10 करोड़ अमेरिकी डॉलर (करीब ₹830 करोड़) के व्यापारिक करारों पर हस्ताक्षर किए। विभिन्न देशों के राष्ट्रीय पवेलियन में देश अपनी सांस्कृतिक पहचान, औद्योगिक उपलब्धियाँ और व्यापारिक अवसर प्रदर्शित कर रहे हैं, जो इस मंच को केवल उत्पाद प्रदर्शनी से आगे ले जाकर एक बहुआयामी कूटनीतिक और आर्थिक मंच का रूप देता है।
भारत-चीन व्यापार के लिहाज़ से महत्व
भारत और चीन के व्यापारिक संबंधों की दृष्टि से भी सीआईआईई एक प्रासंगिक मंच है। भारतीय कंपनियों के लिए चीन का विशाल उपभोक्ता बाज़ार कृषि उत्पादों, फार्मास्यूटिकल्स, वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्रों में संभावनाएँ प्रस्तुत करता है। आलोचकों का कहना है कि द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन के बावजूद ऐसे मंचों का उपयोग भारतीय उद्यमी अपनी उपस्थिति दर्ज कराने और नए संपर्क स्थापित करने के लिए कर सकते हैं।
आगे क्या
आयोजन 10 नवंबर 2026 तक जारी रहेगा। आने वाले दिनों में नए उत्पादों की लॉन्चिंग, अतिरिक्त कारोबारी समझौतों और तकनीकी नवाचारों पर वैश्विक दृष्टि केंद्रित रहेगी। शांगहाई में आयोजित यह मेगा एक्सपो एक बार फिर यह संकेत दे रहा है कि वैश्विक व्यापार में बहुपक्षीय सहयोग के रास्ते अभी भी खुले हैं।