अदन हवाईअड्डे पर हूती ड्रोन-मिसाइल हमले के बाद उड़ान सेवाएँ बहाल, यमन में लड़ाई तेज़
सारांश
मुख्य बातें
यमन के अदन अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर 7 अक्टूबर 2026 को हूती विद्रोहियों द्वारा किए गए ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद अस्थायी रूप से बाधित हुई उड़ान सेवाएँ अधिकारियों ने फिर से बहाल कर दी हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब नागरिक विमान परिचालन सामान्य था और एक उड़ान लैंडिंग से महज़ कुछ मिनट दूर थी।
हमले का घटनाक्रम
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, बुधवार को हूती विद्रोहियों ने अदन हवाईअड्डे को सीधे निशाना बनाया। हमले के तुरंत बाद हवाईअड्डे के कर्मचारियों और वहाँ खड़े दो विमानों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया। मिस्र की राजधानी काहिरा से अदन आ रही एक नागरिक उड़ान को — जो लैंडिंग से मात्र कुछ मिनट दूर थी — आनन-फानन में जेद्दा की ओर मोड़ दिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब अदन हवाईअड्डे को संघर्ष में निशाना बनाया गया हो। यह हवाईअड्डा यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का प्रमुख प्रवेश-द्वार है, इसलिए यह बार-बार हमलों का लक्ष्य बनता रहा है।
पश्चिमी मोर्चे पर भीषण संघर्ष
हवाई हमले के साथ-साथ यमन के पश्चिमी तट पर अल-वजीया मोर्चे पर सरकारी बलों और हूतियों के बीच ज़मीनी लड़ाई तीव्र हो गई है। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि उन्होंने ताइज के पश्चिम में रणनीतिक रूप से अहम जबल अल-मंसूरा इलाके पर नियंत्रण हासिल कर लिया है।
पहाड़ी होने के कारण जबल अल-मंसूरा का सैन्य महत्व विशेष है — इस ऊँचाई से धुबाब ज़िले और आसपास के क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों पर निगाह रखी जा सकती है और आगे बढ़ती सेना को रणनीतिक बढ़त मिलती है। सरकारी बलों ने हूती नियंत्रण से इस क्षेत्र को पूरी तरह मुक्त कराने के लिए व्यापक सैन्य अभियान की घोषणा की है।
हवाई हमलों का सिलसिला जारी
अल-वजीया मोर्चे पर लड़ाई के तेज़ होने के साथ ही हूती ठिकानों पर हवाई हमले भी लगातार किए जा रहे हैं। सरकारी बलों का मुख्य लक्ष्य धुबाब और उसके आसपास के रणनीतिक क्षेत्रों पर पकड़ मज़बूत करना बताया जा रहा है।
नागरिक हवाई यातायात पर असर
अदन हवाईअड्डे पर हुए इस हमले ने एक बार फिर रेखांकित किया है कि यमन में जारी संघर्ष नागरिक हवाई परिवहन को किस कदर प्रभावित कर रहा है। हालाँकि अधिकारियों ने उड़ान संचालन जल्द बहाल कर दिया, फिर भी यात्रियों और एयरलाइनों में असुरक्षा की भावना बनी हुई है।
व्यापक क्षेत्रीय संदर्भ
यमन में जारी यह संघर्ष सऊदी-नेतृत्व वाले गठबंधन और कथित तौर पर ईरान-समर्थित अंसार अल्लाह (हूती) विद्रोहियों के बीच बरसों पुरानी जंग का हिस्सा है। विशेषज्ञों के अनुसार इस संघर्ष को उस व्यापक क्षेत्रीय उथल-पुथल से अलग करके नहीं देखा जा सकता जो 28 फरवरी 2026 के बाद से पूरे मध्य पूर्व में जारी है। अदन पर यह हमला उस वक्त हुआ जब क्षेत्र में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर बना हुआ है।
आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकारी बल जबल अल-मंसूरा और धुबाब क्षेत्र में अपनी बढ़त को कितनी तेज़ी से पक्का कर पाते हैं — और हूती अपनी रणनीति में क्या बदलाव लाते हैं।