अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांतों में 18.8 लाख वर्ग मीटर ज़मीन से हटेंगी बारूदी सुरंगें, 2.15 लाख लोगों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने 30 जून 2026 को एक प्रमुख बारूदी सुरंग निवारण संगठन के साथ संयुक्त सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य देश के पूर्वी प्रांतों में लैंडमाइन और अनस्फोटित युद्ध सामग्री (UXO) के जानलेवा खतरे को समाप्त करना है। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान में हर महीने दर्जनों नागरिक — अधिकांश बच्चे — इन्हीं अदृश्य हथियारों की चपेट में आकर मारे जाते हैं या स्थायी रूप से विकलांग हो जाते हैं।
समझौते का दायरा और लक्ष्य
प्राधिकरण द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इस अभियान के तहत नंगरहार, कुनार और नूरिस्तान प्रांतों के कई ज़िलों में लगभग 18.8 लाख वर्ग मीटर भूमि को बारूदी सुरंगों और अनस्फोटित उपकरणों से मुक्त किया जाएगा। समझौते में तीनों प्रांतों में तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया दल स्थापित करने का भी प्रावधान है।
इसके अतिरिक्त, प्रभावित समुदायों में 36,680 निवासियों को खदान जोखिम जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ा जाएगा, ताकि वे इन घातक उपकरणों को पहचानना और उनसे बचना सीख सकें। परियोजना के पूर्ण क्रियान्वयन के बाद अनुमानतः 2,15,000 लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।
ज़मीन पर त्रासदी — हाल की घटनाएँ
यह समझौता ऐसी पृष्ठभूमि में हुआ है जहाँ बच्चों की मौतें रुकने का नाम नहीं ले रहीं। दक्षिणी अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत के सांगिन ज़िले में 13 जून को तीन मासूम बच्चों को खिलौने जैसी दिखने वाली एक वस्तु मिली, जो दरअसल एक अनस्फोटित डिवाइस थी। उससे खेलते समय वह फट गई, जिसमें एक बच्चे की मौके पर ही मृत्यु हो गई और दो अन्य घायल हो गए। प्रांतीय सूचना एवं संस्कृति निदेशक मुल्ला अब्दुल बारी राशिद ने इसकी पुष्टि की।
उसी दिन उसी ज़िले में कुछ घंटों बाद एक और घटना हुई, जिसमें चार और बच्चे घायल हो गए। इस तरह एक ही दिन में हेलमंद में एक बच्चे की मौत और छह घायल होने की पुष्टि अधिकारियों ने की।
इससे पूर्व, 2 जून को पूर्वी अफगानिस्तान के गज़नी प्रांत के गिलान ज़िले में एक किशोर को खिलौने जैसी दिखने वाली वस्तु मिली और उसके फटने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने इस घटना की पुष्टि की।
अफगानिस्तान में लैंडमाइन संकट की गहराई
अफगानिस्तान दशकों के अनवरत युद्धों — सोवियत संघ के आक्रमण से लेकर नाटो अभियानों तक — के कारण विश्व के सर्वाधिक लैंडमाइन-प्रभावित देशों में शामिल है। गौरतलब है कि यहाँ की ज़मीन में दबे ये विस्फोटक उपकरण दशकों बाद भी उतने ही घातक रहते हैं। बच्चे विशेष रूप से खतरे में रहते हैं क्योंकि कुछ उपकरण जानबूझकर खिलौनों जैसे आकार में बनाए गए थे।
यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मानवतावादी सहायता में कटौती के बीच अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर इस समस्या से स्वतंत्र रूप से निपटने का दबाव बढ़ रहा है।
आगे की राह
इस परियोजना की सफलता काफी हद तक निरंतर वित्त पोषण और तालिबान प्रशासन के सहयोग पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार, 18.8 लाख वर्ग मीटर की सफाई महत्वपूर्ण है, लेकिन अफगानिस्तान में दूषित भूमि की कुल सीमा को देखते हुए यह एक दीर्घकालिक प्रयास की शुरुआत मात्र है। तीनों पूर्वी प्रांतों में आपातकालीन प्रतिक्रिया दलों की तैनाती और जागरूकता कार्यक्रम इस दिशा में पहला ठोस कदम माने जा रहे हैं।