नूरिस्तान बाढ़: पारून में 20 की मौत, 80 घायल और 100 से अधिक लापता
सारांश
मुख्य बातें
अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत के पारून शहर में 21 जुलाई को आई भीषण बाढ़ में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई, 80 से अधिक लोग घायल हैं और 100 से अधिक लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। तालिबान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने यह जानकारी दी है। बचाव अभियान जारी रहने के साथ अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
मुख्य घटनाक्रम
तालिबान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ANDMA) ने बताया कि पारून और आसपास के कई क्षेत्रों में भारी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई है। प्राधिकरण के सूचना एवं प्रकाशन प्रमुख एवं प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हमद ने बताया कि स्थिति का आकलन करने, लापता लोगों की खोज और नुकसान का पता लगाने के लिए विशेष दल प्रभावित इलाकों में भेजे गए हैं।
हमद ने स्पष्ट किया कि बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है। बाढ़ में बह गए लोगों और जीवित बचे लोगों की तलाश में राहत दल सक्रिय हैं।
संपत्ति और बुनियादी ढाँचे को नुकसान
बाढ़ के कारण सैकड़ों आवासीय घर, कृषि भूमि और दुकानें या तो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं या पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। नूरिस्तान का पहाड़ी भूभाग और सीमित सड़क संपर्क बचाव कार्यों में बड़ी बाधा बन रहे हैं, जिससे राहत पहुँचाना और भी कठिन हो गया है।
अफगानिस्तान में आपदाओं का बढ़ता सिलसिला
यह ऐसे समय में आया है जब अफगानिस्तान पहले से ही प्राकृतिक आपदाओं की मार झेल रहा है। गौरतलब है कि मई में कंधार, हेरात, घोर और तखार प्रांतों में तेज आंधी-तूफान से 6 लोगों की मौत हुई थी और 11 अन्य घायल हुए थे। उस दौरान 20 घर पूरी तरह नष्ट हो गए और 10 अन्य घरों को आंशिक नुकसान पहुँचा था। सड़कें, कुएँ, कृषि भूमि और सैकड़ों सौर पैनल भी बर्बाद हो गए थे।
अफगानिस्तान भूस्खलन, सूखे और बाढ़ जैसी चरम मौसमी घटनाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील देश है। कमजोर बुनियादी ढाँचे और राहत कार्यों में ढाँचागत कठिनाइयों के चलते यहाँ प्राकृतिक आपदाओं का प्रभाव कहीं अधिक विनाशकारी हो जाता है।
आम जनता पर असर
प्रभावित परिवारों को घर, फसल और आजीविका — सब कुछ एक साथ खोने का सामना करना पड़ रहा है। नूरिस्तान की दुर्गम भौगोलिक स्थिति के कारण बाहरी सहायता पहुँचने में देरी हो रही है, जिससे पीड़ितों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
क्या होगा आगे
ANDMA की विशेष टीमें लापता लोगों की तलाश जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, बचाव अभियान के आगे बढ़ने के साथ-साथ नुकसान का पूरा आकलन सामने आएगा। क्षेत्र में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है।