अफगानिस्तान में बाढ़ से तबाही, 17 की मौत और 26 लोग घायल
सारांश
Key Takeaways
- अफगानिस्तान में भारी बारिश से 17 लोगों की मौत हुई।
- बाढ़ ने 147 घर और 80 किलोमीटर सड़क को क्षतिग्रस्त किया।
- मौसम विभाग ने और बारिश की चेतावनी दी है।
- भूस्खलन ने प्रभावित क्षेत्रों में जीवन को कठिन बना दिया है।
- प्रभावित परिवारों को सहायता की आवश्यकता है।
काबुल, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान में पिछले 24 घंटों में बारिश से संबंधित घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की जान चली गई है। 26 लोग घायल भी हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हम्माद के अनुसार, अत्यधिक बारिश के कारण अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाएं घटीं। ये घटनाएं परवान, दायकुंडी, वारदक और लोगर प्रांतों सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुईं।
बाढ़ के कारण 147 घर क्षतिग्रस्त हुए, 80 किलोमीटर सड़क बह गई, और 582 एकड़ कृषि भूमि के साथ 31 जल नहरें और सिंचाई नेटवर्क प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि यह जानकारी प्रारंभिक है और स्थिति का आकलन अभी जारी है।
हम्माद ने चेतावनी दी है कि जैसे-जैसे और जानकारी आएगी, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।
अफगान मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
इससे पहले, 22 जनवरी को प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया था कि भारी बर्फबारी और बारिश के कारण कम से कम 11 लोग मारे गए थे और तीन अन्य घायल हुए थे।
प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, परवान, वारदक, दक्षिणी कंधार, उत्तरी जौज़जान, फरयाब और मध्य बामियान प्रांतों में खराब मौसम के प्रभाव देखने को मिले थे।
तूफानों ने नौ घरों को आंशिक रूप से नष्ट कर दिया और 530 पशुओं की मौत हो गई, जिससे इन कृषि-आधारित क्षेत्रों में लोगों की आजीविका पर गंभीर प्रभाव पड़ा। बर्फ जमने से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।
पिछले साल अक्टूबर में भी भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण काबुल, लगमान और कापिसा प्रांतों में 721 परिवार प्रभावित हुए थे।
प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस हमाद ने बताया कि कई घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए। एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि बह गई और फल उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा, कई किलोमीटर सड़कें भी क्षतिग्रस्त हुईं।