क्या संघर्ष के बाद अफगानिस्तान और पाकिस्तान ने शांति के लिए सहमति जताई?
सारांश
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दोहा, १९ अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। कतर के विदेश मंत्रालय ने रविवार को यह घोषणा की है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान एक सप्ताह से अधिक समय से चल रहे भयंकर संघर्ष के बाद तत्काल युद्ध विराम पर सहमत हो गए हैं।
ज्ञात हो कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के रिहायशी क्षेत्रों पर हमला किया था, जिसमें कई लोगों की मौत हुई। हाल की समझौते से पहले ४८ घंटे का युद्ध विराम समाप्त होते ही १८ अक्टूबर को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हमला किया था, जिसमें तीन क्रिकेटरों समेत कई लोगों की मौत हो गई।
इस समझौते की मध्यस्थता कतर और तुर्किए द्वारा की गई। वहीं, ७ युद्धों को समाप्त करने का दावा करने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच विवाद सुलझाने में असफल रहे।
कतर के बयान के अनुसार, दोनों पड़ोसी देश स्थायी शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तंत्र स्थापित करने पर भी सहमत हुए हैं। इसके अलावा, आने वाले दिनों में युद्ध विराम की निरंतरता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व निर्धारित वार्ताएं की जाएंगी।
अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों के प्रतिनिधिमंडल कतर और तुर्किए की मध्यस्थता में वार्ता के लिए दोहा में थे।
इस वार्ता का नेतृत्व दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों ने किया, और पाकिस्तान ने कहा कि उसका ध्यान "अफगानिस्तान से उत्पन्न सीमा पार आतंकवाद को समाप्त करने और सीमा पर शांति एवं स्थिरता बहाल करने के तत्काल उपायों" पर केंद्रित होगा।
यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने पिछले हफ्ते काबुल पर हवाई हमले किए। इस्लामाबाद और काबुल दोनों ने हाल के दिनों में एक-दूसरे पर आक्रामकता का आरोप लगाया है।
पाकिस्तान ने बार-बार दावा किया है कि आतंकवादी समूह अफगानिस्तान की धरती से हमले कर रहे हैं, जबकि अफगानिस्तान ने सीमा पार हिंसा के लिए जिम्मेदार किसी भी तत्व को पनाह देने से दृढ़ता से इनकार किया है।