दोहा में एआईआईबी का 11वां वार्षिक सम्मेलन, 2030 तक $20 अरब सालाना वित्तपोषण का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) का 11वां वार्षिक सम्मेलन 28 और 29 सितंबर 2026 को कतर की राजधानी दोहा में आयोजित हुआ। यह सम्मेलन दो कारणों से विशेष रहा — पहला, यह बैंक के पहले दशक की यात्रा पूरी होने के बाद आयोजित पहला वार्षिक सम्मेलन था; दूसरा, खाड़ी क्षेत्र में एआईआईबी का यह पहला वार्षिक आयोजन था।
सम्मेलन का विषय और मुख्य एजेंडा
इस सम्मेलन का केंद्रीय विषय 'भविष्य के लिए बुनियादी ढांचा: प्रभाव और नवाचार' रखा गया था। विश्वभर से आए प्रतिनिधियों ने सतत विकास और बहुपक्षीय सहयोग पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। जलवायु लचीलापन, अक्षय ऊर्जा, डिजिटल रूपांतरण, क्षेत्रीय संपर्क, प्रकृति संरक्षण और सामाजिक कल्याण से जुड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
एआईआईबी का एक दशक: उपलब्धियाँ और विस्तार
गौरतलब है कि एआईआईबी की स्थापना वर्ष 2016 में 57 संस्थापक सदस्य देशों के साथ हुई थी। अपने पहले दशक में यह बैंक तेज़ी से विस्तारित हुआ और अब इसके सदस्यों की कुल संख्या 111 हो गई है। इस अवधि में बैंक ने $79 अरब से अधिक के वित्तपोषण को मंजूरी दी और 400 से अधिक परियोजनाओं को समर्थन प्रदान किया। यह आँकड़ा किसी भी बहुपक्षीय विकास संस्था के लिए अपने पहले दशक में उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जाती है।
महाप्रबंधक की भावी रणनीति
एआईआईबी की महाप्रबंधक चो च्यायी ने अगले दशक के लिए प्रभाव, नवाचार और ईमानदारी को तीन प्रमुख स्तंभों के रूप में रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि बैंक की योजना वर्ष 2030 तक सालाना स्वीकृत वित्तपोषण को दोगुना कर लगभग $20 अरब तक पहुँचाने की है। यह लक्ष्य सदस्य देशों के दीर्घकालीन और सतत विकास को सहारा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
खाड़ी में आयोजन का महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र के देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं में विविधता लाने और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे में निवेश करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। कतर जैसे देशों का एआईआईबी के साथ जुड़ाव, बैंक के भौगोलिक प्रभाव क्षेत्र के विस्तार का संकेत देता है। अगले दशक में जलवायु परिवर्तन और डिजिटल अवसंरचना पर बढ़ते वैश्विक दबाव के बीच एआईआईबी की भूमिका और अधिक केंद्रीय होने की संभावना है।